Kashmir: We will go to any extent: Imran Khan Prime Minister Pakistan

कश्मीर:हम किसी भी हद तक जाएँगे:इमरान ख़ान प्रधान मंत्री पाकिस्तान

कश्मीर:हम किसी भी हद तक जाएँगे:इमरान ख़ान प्रधान मंत्री पाकिस्तान   इमरान ख़ान कश्मीर मामले पर राष्ट्र को संबोधित कर रहे हैं. उनके संबोधन की मुख्य बातें-: भारत आरएसस के नज़रिए …

JMI extends the last date to apply for short-term Entrepreneurship Development Programs 

जामिया के अध्यापक लंदन की राॅयल सोसायटी आफ बाइआलजी के फैलो चुने गए

जामिया के अध्यापक लंदन की राॅयल सोसायटी आॅफ बाइआलजी के फैलो चुने गए जामिया मिल्लिया इस्लामिया के सेंटर फाॅर इंटरडिसप्लनेरी रिसर्च इन बेसिक सांइस में एसिस्टेंट प्रोफेसर, डा. मुहम्मद हसन, …

जामिया में जीओस्पैशिअल टेक्नालजी पर स्पेशल ट्रेनिंग प्रोग्राम

  जामिया में जीओस्पैशिअल टेक्नालजी पर स्पेशल ट्रेनिंग प्रोग्राम जामिया मिल्लिया इस्लामिया में भूगोल शास्त्र विभाग ने 24 जून 2019 से वाटरशेड मैनेजमेंट में जीओस्पैशिअल टेक्नालजी पर तीन हफ्ते का एक विशेष प्रशिक्षण प्रोग्राम …

44वें मातृश्री मीडिया पुरस्कारों से पत्रकारों को सम्मानित किया गया,वरिष्ठ पत्रकार मिन्हाज क़ासमी भी पुरुस्कार से सम्मानित

44वें मातृश्री मीडिया पुरस्कारों से पत्रकारों को सम्मानित किया गया,वरिष्ठ पत्रकार मिन्हाज क़ासमी भी पुरुस्कार से सम्मानित नई दिल्ली:लोकतंत्र के रक्षार्थ निर्भीकता से सेवारत पत्रकारों एवं कलाकारों को आज यहां …

दिल्ली सरकार की शैक्षिक नीतियों पर जामिया के रिसर्च स्काॅलर के अनुसंधान   को हांग कांग की इंटरनेशनल कांफ्रेंस के लिए चुना गया

दिल्ली सरकार की शैक्षिक नीतियों पर जामिया के रिसर्च स्काॅलर के अनुसंधान   को हांग कांग की इंटरनेशनल कांफ्रेंस के लिए चुना गया जामिया के सोशल वर्क विभाग के रिसर्च …

जामिया की अनुसंधान टीम ने एंटीबायोटिक रिज़िस्टन्ट बैक्टीरिया को मारने का प्रभावी तोड़ इजाद किया

जामिया की अनुसंधान टीम ने एंटीबायोटिक रिज़िस्टन्ट बैक्टीरिया को मारने का प्रभावी तोड़ इजाद किया एंटीबायोटिक दवाओं को बेअसर करने वाले प्रतिरोधी :रिज़िस्टन्टः  बैक्टीरिया की बढ़ती समस्या से निजात पाने में जामिया मिल्लिया इस्लामिया की एक अनुसंधान टीम ने बड़ी कामयाबी हासिल की है। इस टीम नेएंटीबायोटिक के साथ सिल्वर नैनोपार्टिकल्स मिलाकर किए गए अपने अनुसंधान से पाया कि इस फार्मूले से एंटीबायोटिक रिज़िस्टन्ट बैक्टीरिया को बहुत ही असरदार तरीके से मारा जा सकता है। यही नहीं, ऐसा बहुत कमखुराक से किया जा सकता है। बायो साइंस विभाग की प्रो. (डा.) मरियम सरदार की टीम ने अपने अनुसंधान में सिल्वर नैनोपार्टिकल्स को एम्पीसिलीन जैसी एंटीबायोटिक से मिलाकर पाया कि उनका यह नया फार्मूला एंटीबायोटिक दवाओं के रिज़िस्टन्टबैक्टीरिया को मारने में बहुत ही असरदार भूमिका निभाता है। डा सरदार की इस अनुसंधान टीम में नफ़ीसा ख़ातून , हम्माद आलम, आफ़रीन ख़ान और ख़ालिद रज़ा शामिल हैं। एंटीबायोटिक्स दवाओं के अंधाधुंध इस्तेमाल से वक्त के साथ साथ एंटीबायोटिक प्रतिरोधी बैक्टीरिया का भी विकास हुआ। इससे जीवन रक्षक कही जाने वाली एंटीबायोटिक दवाओं का असर खत्म होने लगा। हाल के सालों मेंवैज्ञानिकों ने सिल्वर नैनोपार्टिकल्स में कुछ वैकल्पिक संभावनाएं खोजी हैं। लेकिन ऐसा लगता है कि सिल्वर नैनोपार्टिकल्स के प्रति भी प्रतिरोधक क्षमता विकसित होने लगी है। जामिया की टीम ने , हालांकि अपनेअनुसंधान में नयी संभावनाओं को जन्म दिया है। एम्पीसिलीन, शुरूआती एंटीबायोटिक दवाओं में से एक है। यह बैक्टीरिया की सेल वाल बनाने की क्षमता में दखल देकर अपने काम को अंजाम देती है, जबकि सिल्वर नैनोपार्टिकल्स उनके सेल मेंब्रेने को नुकसान पंहुचाने काकाम करते हैं। एम्पीसिलीन दवा का रिज़िस्टंस अब आम बात हो गई है, और अब तो कुछ ग्राम-नेगेटिव बैक्टीरिया भी सिल्वर नैनोपार्टिकल्स के प्रति प्रतिरोधक क्षमता दिखाने लगे हैं। जामिया की इस अनुसंधान टीम ने एंटीबायोटिक के प्रति संवदेनशील और प्रतिरोधी, दोनों तरह के छह अलहदा स्ट्रेन के बैक्टीरिया में अपने इस नए फार्मूले का परीक्षण किया। उन्होंने पाया कि यह फार्मूला न सिर्फ बैक्टीरियाको मारने में असरदार है बल्कि यह एम्पीसिलीन और सिल्वर नैनोपार्टिकल्स से कहीं कम डोज़ में ऐसा कर पाने की ताक़त रखता है। अनुसंधानकर्ताओं ने अपने इस नए फार्मूले में भी बैक्टीरिया के प्रतिरोधी क्षमता विकसित कर लेने की अशंकाओं को लेकर अनुसंधान किया। इसके लिए उन्होंने बैक्टीरिया को लगातार इसके लिए एक्सपोज़ किया और पायाकि 15 साइकल्स आॅफ एक्सपोज़ के बाद भी बैक्टीरिया में किसी तरह का रिज़िस्टन्स नहीं पाया गया। इस तरह इस नए फार्मूले को बैक्टीरिया से निजात पाने में कहीं ज़्यादा असरदार पाया गया क्योंकि यह बहुत कम डोज़ में बैक्टीरिया को मार देता है और इससे बैक्टीरिया में किसी तरह की रिज़िस्टन्स भी दिखाई नहीं दी। प्रो. (डा.) मरियम सरदार ने बताया कि उनके अनुसंधान दल के इन नतीजों को और अधिक क्लिनिकली पैथोजेनिक रिज़िस्टन्ट स्ट्रेन्स में प्रयोग किया जाएगा। इसके अलावा सिल्वर नैनोपार्टिकल्स और दीगर नाॅन टाॅक्सिकनैनो-मैटेरिअल्स का विभिन्न दवाओं के साथ मानिकीकरण करके, उनकी एंटीमाइक्रोबिअल गतिविधियों का सुपरबग्स के साथ अध्ययन किया जाएगा, जो कि ज़्यादातर एंटीबायोटिक्स के प्रति प्रतिरोधकर क्षमता दर्शाते हैं। जामिया के इस अनुसंधान दल की इस महत्वूपर्ण खोज को विज्ञान प्रत्रिकाओं में छापा गया है।