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तीन दिनों तक विशेष पूजा में लीन रहेंगे सीएम योगी आदित्यनाथ

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रविवार से तीन दिनों तक विशेष पूजा में लीन रहेेंगे। इस दौरान वह गोरक्षपीठ के महानिशा पूजा, कन्या पूजन और विजयादशमी शोभायात्रा सहित विभिन्न धार्मिक कार्यक्रमों में शामिल होंगे।

अष्टमी पर महानिशा पूजा और हवन के जरिए लोकमंगल की कामना करेंगे, जबकि महानवमी पर नौ कन्याओं के पांव पखारकर उनका पूजन करेंगे। दशहरे पर गोरखनाथ मंदिर से निकलने वाली ऐतिहासिक विजयादशमी शोभायात्रा की अगुवाई करने के साथ मानसरोवर रामलीला मैदान में प्रभु श्रीराम का राजतिलक भी करेंगे।

गोरक्षपीठ में शारदीय नवरात्र की प्रतिपदा से ही विशेष पूजा-अर्चना का क्रम जारी है। नवरात्र के पहले दिन गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ
ने गोरखनाथ मंदिर स्थित शक्तिपीठ में कलश स्थापना की थी। इसके बाद नियमित पूजन मंदिर के प्रधान पुजारी योगी कमलनाथ उनके प्रतिनिधि के रूप में कर रहे हैं। अष्टमी से विजयादशमी तक मुख्यमंत्री स्वयं विभिन्न धार्मिक अनुष्ठानों और पारंपरिक आयोजनों में शामिल होंगे।

अष्टमी पर महानिशा पूजा और हवन

रविवार, 18 अक्टूबर को अष्टमी के अवसर पर गोरखनाथ मंदिर में महानिशा पूजा का आयोजन होगा। मुख्यमंत्री विधि-विधान से पूजन और हवन कर लोककल्याण की कामना करेंगे। गोरक्षपीठ की परंपरा में महानिशा पूजा का विशेष महत्व है।

महानवमी पर नौ कन्याओं के पांव पखारेंगे योगी

सोमवार, 19 अक्टूबर को गोरखनाथ मंदिर में कन्या पूजन का आयोजन होगा। मुख्यमंत्री नौ दुर्गा के स्वरूप में नौ कुंवारी कन्याओं के पांव पखारकर उनका पूजन करेंगे। उनके माथे पर रोली, चंदन, दही और अक्षत का तिलक लगाकर विधि-विधान से आराधना की जाएगी। इसके बाद कन्याओं को भोजन कराया जाएगा और दक्षिणा व उपहार देकर उनका आशीर्वाद लिया जाएगा। इस अवसर पर परंपरा के अनुसार बटुक पूजन भी होगा।

दशहरे पर निकलेगी ऐतिहासिक विजयादशमी शोभायात्रा

मंगलवार, 20 अक्टूबर को विजयादशमी के अवसर पर गोरखनाथ मंदिर में महायोगी गुरु गोरखनाथ की विशेष पूजा और गोरक्षपीठाधीश्वर का तिलकोत्सव होगा। इसके बाद शाम को भव्य विजयादशमी शोभायात्रा निकाली जाएगी। तुरही, नगाड़े और बैंड-बाजे की धुन के बीच शोभायात्रा मानसरोवर मंदिर पहुंचेगी। यहां मुख्यमंत्री  भगवान शिव की पूजा-अर्चना करेंगे।

इसके बाद शोभायात्रा मानसरोवर रामलीला मैदान पहुंचेगी, जहां मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ प्रभु श्रीराम का राजतिलक करेंगे। इस दौरान प्रभु श्रीराम, माता जानकी, लक्ष्मण और हनुमानजी का पूजन कर आरती भी उतारी जाएगी। विजयादशमी के दिन गोरखनाथ मंदिर में पारंपरिक तिलकोत्सव के दौरान मुख्यमंत्री श्रद्धालुओं को आशीर्वाद भी देंगे।

विजयादशमी शोभायात्रा में दिखती है सामाजिक समरसता

गोरखनाथ मंदिर से निकलने वाली विजयादशमी शोभायात्रा गोरखपुर की विशिष्ट सांस्कृतिक और धार्मिक परंपरा का प्रमुख आकर्षण है। इस आयोजन में विभिन्न वर्गों के लोग शामिल होते हैं। शोभायात्रा का मुस्लिम और बुनकर समाज के लोग भी स्वागत करते हैं, जो सामाजिक समरसता की परंपरा को दर्शाता है।
उर्दू अकादमी के पूर्व चेयरमैन चौधरी कैफुलवरा के मुताबिक, उनका परिवार तीन पीढ़ियों से विजयादशमी शोभायात्रा का स्वागत करता आ रहा है। 

विजयादशमी पर गोरखनाथ मंदिर में पारंपरिक भोज का भी आयोजन होगा। इसमें जाति, धर्म और आर्थिक स्थिति के भेदभाव से परे विभिन्न वर्गों के लोग शामिल होंगे।

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Mahima Tiwari

महिमा तिवारी, द कवरेज में सीनियर पत्रकार हैं। पत्रकारिता में 23 साल का अनुभव रखतीं हैं। वह राजनीति, हेल्थ, लाइफ स्‍टाइल और ह्यूमन एंगल स्टोरीज लिखती हैं। महिलाओं और बच्चों से संबंधित मुद्दों पर भी लिखना पसंद है।

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