बच्चों को उनके स्टार्टअप और नवाचार के सपनों में सहयोग देना जरूरी: एके शर्मा

लखनऊ। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद अवध प्रांत के ‘सविष्कार’ आयाम का दो दिवसीय अखिल भारतीय सम्मेलन ‘सविष्कार स्टार्टअप संगम 2026’ का आज डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय (AKTU), लखनऊ में शुभारंभ हुआ। नवाचार और उद्यमिता के इस महाकुंभ के उद्घाटन सत्र में मुख्य अतिथि के रूप में उत्तर प्रदेश के ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के राष्ट्रीय मंत्री अभय प्रताप सिंह उपस्थित रहे। इस दो दिवसीय आयोजन में 9 तकनीकी सत्रों के माध्यम से प्रतिनिधियों को उद्यमिता के क्षेत्र में सक्रिय योगदान हेतु प्रेरित किया गया।
सविष्कार द्वारा देशभर में युवाओं को उद्यमिता के लिए प्रेरित किया जाता है। इस दो दिवसीय स्टार्टअप सम्मेलन में मेटा, एड्यूबुक, हाउस एस्थेटिक्स, बमशम, वॉक्सऑरा लैब्स, रेशनल एआई, एएम स्किल्स ई-एकेडमी प्राइवेट लिमिटेड, डेक्सटोरा एआई एजुकेशन प्राइवेट लिमिटेड, राइट लेफ्ट एआई, फिजिक्स वाला, ड्रोन लैब, आईआईएम लखनऊ इनक्यूबेशन सेंटर तथा आई-हब यूपी AKTU जैसे प्रमुख कंपनियों एवं संस्थानों के प्रतिनिधि पैनल संवाद में भाग लेंगे।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश सरकार के ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा ने कहा, “आज हमारे देश का नौजवान गूगल, माइक्रोसॉफ्ट और एडोबी जैसी विश्व की अग्रणी कंपनियों का नेतृत्व कर रहा है, लेकिन प्रश्न यह है कि हम भारत में रहकर ‘गूगल’ क्यों नहीं बना पा रहे हैं? इसका सबसे बड़ा कारण हमारा सामाजिक परिवेश है, जो नए प्रयोगों को पर्याप्त प्रोत्साहन नहीं देता। आज भी अधिकांश अभिभावक चाहते हैं कि उनका बच्चा सुरक्षित सरकारी नौकरी, आईएएस, डॉक्टर या इंजीनियर बने, लेकिन स्टार्टअप के अनिश्चित भविष्य से जुड़े जोखिम से घबराते हैं। हमें इस मानसिकता की जंजीरों को तोड़ना होगा।
यदि हम 2047 तक भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाना चाहते हैं, तो हमें अपने बच्चों को उनके स्टार्टअप और नवाचार के सपनों में सहयोग देना होगा, न कि उन पर पारंपरिक करियर का दबाव बनाना होगा।”
कार्यक्रम विशिष्ट रूप से उपस्थिति होकर विद्यार्थियों का उत्साह वर्धन करने आए अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के राष्ट्रीय मंत्री अभय प्रताप सिंह ने कहा, “आज हम स्टार्टअप्स की बात कर रहे हैं, लेकिन यह भारत के लिए कोई नई अवधारणा नहीं है। पहली से 11वीं शताब्दी तक विश्व की कुल जीडीपी में भारत का योगदान 30 से 32 प्रतिशत तक रहा है। हम पुनः उसी दिशा में अग्रसर हैं। विद्यार्थी परिषद का मानना है कि हमारे कैंपसों से केवल ‘डिग्रीधारक’ नहीं, बल्कि ‘समस्या समाधानकर्ता’ निकलने चाहिए।
सविष्कार के माध्यम से हम युवाओं को ‘जॉब सीकर’ से ‘जॉब क्रिएटर’ बनाने का प्रयास कर रहे हैं। यदि आपको समाज में कोई समस्या, कोई कमी दिखाई देती है चाहे वह एक्सेसिबिलिटी की हो या तकनीक की—वही आपके स्टार्टअप का आधार बन सकती है। हम केवल व्यवसाय की नहीं, बल्कि सतत विकास (सस्टेनेबिलिटी) की भी बात करते हैं। हमारे कैंपसों में ‘जीरो प्लास्टिक वेस्ट’ का लक्ष्य हो, ‘संडे फॉर कैंपस’ के माध्यम से पर्यावरण सेवा हो या ‘सेवा शनिवार’ के जरिए वंचितों की सहायता इन सभी में नवाचार की आवश्यकता है। ‘
सविष्कार स्टार्टअप संगम 2026’ इसी नवाचार को एक मंच प्रदान करने का प्रयास है। यहाँ उपस्थित IG Drones, फिजिक्स वाला स्टार्टअप स्कूल और NIET जैसे संस्थानों के विशेषज्ञ आगामी दो दिनों में प्रतिभागियों को मेंटरशिप देंगे। मुझे विश्वास है कि यहाँ से निकलने वाला प्रत्येक युवा भारत को आत्मनिर्भर बनाने में अपना योगदान देगा।”
इस सत्र में सविष्कार के राष्ट्रीय संयोजक निसर्ग राठौड़, विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक प्रो. दीपक नगरिया तथा लोक नीति भारत के निदेशक सत्येंद्र त्रिपाठी सहित अनेक गणमान्य अतिथियों ने अपने विचार व्यक्त किए।
सम्मेलन के प्रथम दिन आयोजित ‘स्टार्टअप इनेबलर्स टॉक’ सत्र में IIM लखनऊ इनक्यूबेशन सेंटर के मुख्य परिचालन अधिकारी (COO) अरुणोदय बाजपेई, STPI के पूर्व महानिदेशक डॉ. ओंकार राय, श्रीमती वंदना शर्मा और डॉ. संजय सूर्यवंशी ने स्टार्टअप ईकोसिस्टम को सुदृढ़ बनाने पर मार्गदर्शन दिया।
इसके पश्चात महिला नेतृत्व पर केंद्रित ‘लीड हर शिप’ सत्र में एडुबक की सह-संस्थापक एवं CEO शिवानी मेहरोत्रा, डॉ. स्निग्धा पांडे, सुकृति, अमृत मेहसाणा और मिली मिश्रा ने उद्यमिता में महिलाओं की भूमिका पर अपने अनुभव साझा किए।
तकनीकी भविष्य पर चर्चा करते हुए ‘को-इवोल्यूशन: द डॉन ऑफ द ह्यूमन-मशीन लर्निंग एरा’ सत्र में वॉक्सऑरा लैब्स के संस्थापक प्रभाकर श्रीनिवासन, रेशनल एआई के प्रवीण यादव और मेटा स्मार्ट बॉट के ऋतिक ने अपने विचार रखे। अंत में राष्ट्र निर्माण में आधुनिक तकनीक की भूमिका पर आधारित ‘रोल ऑफ एआई एंड ब्लॉकचेन इन नेशन बिल्डिंग’ सत्र का आयोजन हुआ, जिसमें अरुणोदय बाजपेई, अपूर्वा बजाज (CEO, Edubuck), अभयजीत सिंह (निदेशक, डेक्सटोरा एआई) और प्रशांत मालवीय (CTO, राइट लेफ्ट एआई) ने भविष्य की रूपरेखा प्रस्तुत की।
दिन भर के बौद्धिक विमर्श के पश्चात प्रतिभागियों के मनोरंजन हेतु ‘भजन क्लबिंग’ और ‘ओपन माइक’ जैसे सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया गया। कल विभिन्न संवाद एवं तकनीकी सत्रों के बाद इस स्टार्टअप संगम का समापन होगा।
उद्घाटन सत्र में अभाविप अवध प्रांत मंत्री अर्पण कुशवाहा, प्रांत संगठन मंत्री अंशुल विद्यार्थी,विभाग संगठन मंत्री पुष्पेंद्र बाजपेई सहित तमाम छात्र एवं छात्राएं उपस्थित रही।




