गोंडा। जनपद में स्वास्थ्य विभाग की ओर संचालित की जा रही 108 एम्बुलेंस सेवाएं (108 Ambulance Services) औचक निरीक्षण में बेहतर मिली हैं। अपर निदेशक चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, देवीपाटन मंडल डॉ. अल्पना रानी गुप्ता के ‘टेस्ट कॉल’ में एम्बुलेंस केवल 5 मिनट में ही मौके पर पहुंच गई। एम्बुलेंस में दवाओं, ऑक्सीजन और ईएमटी (EMT) की स्किल्स को लेकर अपर निदेशक ने 108 सेवा की सराहना की है।
शुक्रवार को गोंडा में कमिश्नर कार्यालय में मीटिंग के बाद बाहर निकलते ही अपर निदेशक डॉ. अल्पना रानी गुप्ता ने 108 नम्बर पर कॉल कर दिया। अगले करीब 5 मिनट के अंदर ही ईएमटी दिनेश कुमार और पायलट सोमनाथ एम्बुलेंस लेकर पहुंच गए। एम्बुलेंस पहुंचने पर पता चला कि यह एक ‘टेस्ट कॉल’ थी, जिसका उद्देश्य सेवाओं की तत्परता जांचना था। एम्बुलेंस के इस बेहतरीन रिस्पांस टाइम को लेकर डॉ. गुप्ता ने एम्बुलेंस कर्मचारियों की जमकर तारीफ की।
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इसके बाद डॉ. गुप्ता ने एंबुलेंस में मौजूद दवाओं, ऑक्सीजन व अन्य उपकरणों की जांच की। साथ ही, उन्होंने ईएमटी से मरीज को दी जा रही सेवा, बीपी लेने और अन्य इमरजेंसी मैनेजमेंट स्किल्स के बारे में विस्तार से पूछताछ की। डॉ. अल्पना रानी गुप्ता ईएमटी की स्किल्स और जानकारी से बेहद प्रभावित नजर आईं और उन्होंने मरीजों को बेहतर सेवाएं देते रहने के लिए कहा। इस दौरान नेशनल हेल्थ मिशन के मंडलीय कार्यक्रम प्रबंधक राहुल पटेल भी मौजूद रहे।
कर्मचारियों को मिलती है रिफ्रेशर ट्रेनिंग
दवाओं और उपकरणों से संबंधित पूछताछ के जवाब से संतुष्ट होकर डॉ. गुप्ता ने 108 सेवा की सराहना की। 108 एवं 102 एम्बुलेंस सेवा प्रदाता संस्था के रीजनल मैनेजर अजय सिंह ने बताया कि ईएमटी और पायलट को समय-समय पर रिफ्रेशर ट्रेनिंग दी जाती है, जिससे कर्मचारियों को इमरजेंसी मैनेजमेंट स्किल्स से अपडेट किया जा सके। ईएमई पवन पांडेय ने बताया कि 108 एम्बुलेंस सेवा सरकार की ओर से जनता के लिए निःशुल्क संचालित की जाती है।
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इन समस्याओं के लिए डायल करें 108
कोई भी व्यक्ति आवश्यकता पड़ने पर 108 पर कॉल करके निःशुल्क एम्बुलेंस सेवा का लाभ ले सकता है। 108 सेवा मुख्य रूप से निम्न इमरजेंसी स्थितियों के लिए है:
- रोड एक्सीडेंट या किसी अन्य प्रकार की दुर्घटना होने पर।
- दिल का दौरा या हार्ट अटैक होने पर।
- सांस लेने में तकलीफ होने पर, या अचानक बेहोश होने पर।
- पेट दर्द, बुखार होने पर।
- कुत्ता, सांप, बंदर या जानवरों के काटने पर।
- कहीं आग लगी हो और फायर बिग्रेड व एंबुलेंस की आवश्यक्ता हो।
- उपरोक्त के अलावा अन्य किसी भी प्रकार की मेडिकल इमरजेंसी होने पर।
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