हेलीकॉप्टर से दुल्हन की विदाई, अजीतमल में बना शादी का ऐतिहासिक पल

औरैया। जिले के कस्बा अजीतमल में आयोजित एक विवाह समारोह उस समय चर्चा का विषय बन गया, जब दुल्हन की विदाई हेलीकॉप्टर से कराई गई। अनोखी विदाई की खबर फैलते ही हेलीपैड स्थल पर हजारों लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। आसपास के गांवों से भी बड़ी संख्या में लोग इस दुर्लभ नजारे को देखने पहुंचे।
जैसे ही हेलीकॉप्टर मैदान में उतरा, मौजूद लोगों ने नवविवाहित जोड़े पर फूल बरसाकर जोरदार स्वागत किया। पूरा माहौल उत्साह, उल्लास और रोमांच से भर उठा। यह दृश्य देखने वालों के लिए किसी उत्सव से कम नहीं था।
जानकारी के अनुसार, कस्बा के आदमपुर स्थित सिंहवाहिनी महाविद्यालय के प्रबंधक सतेंद्र राजपूत के पुत्र निर्वेश राजपूत की बारात मंगलवार को जनपद महोबा के चरखारी क्षेत्र अंतर्गत भटेवरा कला गांव पहुंची थी। यहां देशपत राजपूत की पुत्री आकांक्षा राजपूत (स्वाति) के साथ वैदिक मंत्रोच्चार और पारंपरिक रीति-रिवाजों के बीच विवाह संपन्न हुआ।
बुधवार दोपहर दुल्हन की विदाई को यादगार बनाने के लिए हेलीकॉप्टर की व्यवस्था की गई। आदमपुर स्थित सिंहवाहिनी महाविद्यालय के मैदान में सुरक्षित लैंडिंग के लिए विशेष तैयारियां पहले से की गई थीं। धूल न उड़े, इसके लिए पानी का छिड़काव कराया गया और सुरक्षा व भीड़ नियंत्रण के पुख्ता इंतजाम किए गए, जिससे कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।
दूल्हे निर्वेश राजपूत ने बताया कि उनके पिता सतेंद्र राजपूत और बाबा स्वर्गीय दया किशन राजपूत की लंबे समय से इच्छा थी कि परिवार की बहू हेलीकॉप्टर से ससुराल आए। इस पारिवारिक इच्छा को पूरा करने के लिए विशेष व्यवस्था की गई। उन्होंने इसे अपने जीवन का सबसे यादगार और रोमांचक पल बताया।
वहीं दुल्हन स्वाति (आकांक्षा) राजपूत ने कहा कि हेलीकॉप्टर से विदाई उनके लिए बेहद खास और अविस्मरणीय अनुभव रहा। उन्होंने खुद को सौभाग्यशाली बताते हुए इस अनोखे पल के लिए परिवार का आभार जताया।
यह भव्य और अनोखी विदाई न सिर्फ परिवार, बल्कि पूरे क्षेत्र में चर्चा का केंद्र बन गई।




