HealthUP

केजीएमयू के अहम पदों पर रिटायर कर्मियों की तैनाती, सवालों के घेरे में KGMU प्रशासन

LUCKNOW: किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) में विवाद थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। अभी कथित धर्मांतरण (Religious Conversion) का मामला शांत भी नहीं हुआ था कि अब विश्वविद्यालय प्रशासन पर गलत तरीके से नियुक्तियां (Illegal Appointments) करने के गंभीर आरोप लग रहे हैं। आरोप हैं कि केजीएमयू (KGMU) प्रशासन ने योग्य व अनुभवी नियमित अधिकारियों को छोड़ एचआरएफ के वित्तीय सलाहकार (Financial Advisor) और ओएसडी पद के लिए सेवानिवृत्त कर्मी को चुना।

केजीएमयू में एक माह पूर्व शुरू हुआ विवाद कुलपति के लिए मुसीबत बन गया है। एक के बाद एक ऐसे मामले सामने आ रहे हैं जिसमें केजीएमयू (KGMU) कैम्पस में चल रही मनमानी का पता चल रहा है। जब से कथित धर्मांतरण का मामला प्रकाश में केजीएमयू (KGMU) के मौजूदा प्रबंधन का विरोध गुट सक्रिय हो गया है। हर छोटी बड़ी बातें सोशल मीडिया में ट्रेंड कर रही है। केजीएमयू प्रशासन किसी भी आरोप की सफाई देने के बजाय उसे कुलपति के खिलाफ साजिश साबित करने जुटा है।

वित्‍त अधिकारी की बजाय जूनियर ले रहा फैसले

केजीएमयू में एचआरएफ (HRF) का बजट करीब 500 करोड़ रुपये का है। आरोप है कि इस बजट को किस प्रकार खर्च किया जाए इसका फैसला वित्त अधिकारी के बजाय एक जूनियर ऑफिसर ले रहा है। उन्हें किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी प्रशासन (KGMU) प्रशासन का कृपा पात्र बताया जाता है। यही वजह है कि एक जूनियर को एचआरएफ के बजट के बारे में फैसला लेने का अधिकार सौंप दिया गया। दूसरा प्रमुख मुद्दा है नियुक्ति का।

प्रमुख पदों पर कांट्रैक्‍ट पर कर्मचारी

केजीएमयू प्रशासन के तीन प्रमुख अधिकारी बेहद खास है और वह तीनों अस्थायी हैं। इनमें से एक को कुलपति का ओएसडी बनाया गया है। इस पद पर उन्‍हें कॉन्ट्रैक्ट के तहत नियुक्ति दी गई है। जबकि वह पहले ही सेवानिवृत्त हो चुके हैं। केजीएमयू की फैकल्‍टी ने भी इसको लेकर नाराज जताई थी लेकिन कुलपति कार्यालय ने किसी की परवाह किए बगैर रिटायर कर्मी को ओएसडी बना दिया।

दूसरे हैं एचआरएफ के फाइनेंशियल एडवाइजर। इस पद पर भी रिटायर कर्मी को नियुक्त किया गया है। रिटायर कर्मी को एडवाइजर नियुक्त किए जाने पर सवाल उठा कि जब वित्त अधिकारी (Finance officer) शासन द्वारा केजीएमयू में पहले से ही तैनात है तो सलाहकार रखने की जरूरत क्या आ गई। कुलपति ने इस मामले में भी कोई जवाब नहीं दिया।

सोशल मीडिया पर उठे सवाल

  1. एक जूनियर अकाउंट्स ऑफिसर को ज्वाइंट डायरेक्टर मटेरियल मैनेजमेंट (जेडीएमएम) का चार्ज क्यों दिया गया?
  2. एक जूनियर ऑफिसर को खरीद-फरोख्त प्रक्रिया का इंचार्ज क्यों बनाया गया है?
  3. एचआरएफ (Hospital Revolving Fund) में किसी फाइनेंशियल एडवाइजर का पद क्यों सृजित किया गया?
  4. फाइनेंशियल एडवाइजर (Financial Advisor) का पद किसने बनाया?
  5. एसजीपीजीआई (SGPGI) से रिटायर हुए व्यक्ति को इस पद पर कैसे नियुक्त किया गया?
  6. पूरी तरह से अस्थायी नियुक्ति वाले व्यक्ति को 500 करोड़ के एचआरएफ (HRF) पर सलाह देने का अधिकार कैसे मिल गया?
  7. क्या केजीएमयू एचआरएफ (HRF) में फाइनेंशियल मामलों पर सलाह देने के लिए मौजूदा वित्त अधिकारी सक्षम नहीं है?

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button