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लखनऊ: सरोजिनी नगर में ठेकेदार का ‘घटिया खेल’, 9 साल बाद बन रही सड़क का काम जनता ने आधी रात रुकवाया


LUCKNOW: लखनऊ के सरोजिनी नगर इलाके में सैनिक सोसाइटी को नई बस्‍ती होते हुए बिजनौर रोड से जोड़ने वाली 1.8 किलोमीटर लंबी सड़क पिछले 9 सालों से बदहाल है। सड़क पर 2 से 3 फीट गहरे गड्ढों के कारण एंबुलेंस और कैब वाले भी यहां आने से कतराते हैं। बारिश के दिनों में बच्चों का स्कूल जाना तक मुहाल हो जाता है।
लंबे समय तक पार्षद, नगर आयुक्‍त, विधायक और मेयर से गुहार लगाने के बाद जब मुख्यमंत्री तक बात पहुंची, तब जाकर नगर निगम ने इस आरसीसी (RCC) सड़क के लिए 1.40 करोड़ रुपये का बजट पास किया। जनता को उम्मीद थी कि अब 7-8 साल तक सड़क की समस्या खत्म हो जाएगी।

मानकों की अनदेखी, निर्माण में भारी गड़बड़ी

ठेकेदार ने करीब एक महीने पहले काम शुरू किया, लेकिन निर्माण की गुणवत्ता इतनी खराब थी कि सड़क की आरसीसी स्लैब को रोकने के लिए किनारे बनाई गई दीवार ढलाई से पहले ही गिरने लगी। निर्माण में निम्न स्तर की मौरंग और मानक से कम सीमेंट का इस्तेमाल किया गया। बगल में नाला होने के बावजूद घोर लापरवाही बरती गई।
जब स्थानीय लोगों ने इसका विरोध किया, तो नगर निगम की जेई ने ठेकेदार को फटकार लगाते हुए बीच-बीच में पिलर खड़े करने के निर्देश दिए। इसके बाद ठेकेदार ने दबाव में पिलर तो बनाए, लेकिन रात के अंधेरे में सड़क की ढलाई शुरू कर दी।

जनता का आरोप- सामग्री में हो रही बड़ी चोरी

रात में काम होता देख जब स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे, तो उन्होंने पाया कि सड़क का निर्माण पूरी तरह से मानकों के विपरीत हो रहा है। इसके अलावा, गलियों से आने वाली नालियों का पानी नाले तक पहुंचाने के लिए कोई पाइप नहीं डाला गया, जिसका मतलब है कि भविष्य में इस नई सड़क को फिर से खोदना पड़ेगा।

आधी रात को हंगामा, जेई ने लगाई फटकार

घटिया निर्माण को देखकर आक्रोशित लोगों ने रात में ही काम रुकवा दिया और नगर निगम जोन 8 की जेई दीक्षा चौरसिया को मौके पर बुला लिया।

जेई ने मौके पर पहुंचकर ठेकेदार की गड़बड़ियां देखीं और उसे कड़ी फटकार लगाई। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब 10 MM की सरिया का मानक है, तो उसका पालन क्यों नहीं हुआ और सरियों के बीच की दूरी अधिकतम 1 फीट से ज्यादा नहीं होनी चाहिए। ठेकेदार अपनी गलती मानने को तैयार नहीं था, लेकिन स्थानीय लोगों के भारी दबाव और जेई की सख्ती के बाद, एक घंटे चले हंगामे के अंत में कंक्रीट ढालने वाले आरएमसी प्लांट के ट्रकों को वापस लौटना पड़ा। अगले दिन ठेकेदार ने दोबारा काम शुरू तो किया है, लेकिन इस लापरवाही के बीच बन रही सड़क की उम्र को लेकर लोगों में अब भी गहरा आक्रोशव्याप्त है।

स्थानीय निवासियों ने ठेकेदार की चोरी पकड़ते हुए निम्नलिखित गंभीर आरोप लगाए हैं:

  • आरसीसी सड़क पर 6 इंच के गैप में 10 MM की सरिया डालनी थी, लेकिन ठेकेदार ने 2 से 2.5 फीट की दूरी पर 8 MM की सरिया का इस्तेमाल किया।
  • सड़क पर 8 इंच मोटा कंक्रीट पड़ना चाहिए था, लेकिन उसकी मोटाई भी काफी कम रखी गई।
  • कंक्रीट के नीचे 8 इंच गिट्टी बिछाई जानी थी, जिसे घटाकर सिर्फ 3 इंच कर दिया गया।
  • सरिया को आपस में ठीक से बांधा नहीं गया और ढलाई के वक्त जाल को उठाया भी नहीं गया।
  • गलियों से आने वाले ड्रेनेज के लिए सड़क में पाइप नहीं डाले गए।

Sunil Yadav

संपादक, लेखक और अनुभवी पत्रकार हैं। वे दैनिक जागरण, आईनेक्‍स्‍ट, कैनविज टाइम्‍स और दैनिक जागरण आईनेक्‍स्‍ट से जुड़े रहे हैं। वह मुख्य रूप से उत्तर प्रदेश की राजनीति, प्रशासनिक ख़बरों, स्वास्थ्य सेवाओं, टेक्‍नोलॉजी से जुड़े विषयों पर लिखते हैं। ट्विटर (X) पर उनसे @sunilyadav21 पर जुड़ सकते हैं।

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