अमौसी जोन में चीफ इंजीनियर रहे महफूज आलम सस्पेंड

महफूज आलम का छोटे कार्यकाल में कई इंजीनियर हुए सस्पेंड
Lucknow: साफ सुधरी छवि वाले चीफ इंजीनियर महफूज आलम को निलम्बित कर दिया गया है। महफूज आलम पर भ्रष्टचार या गड़बड़ी का इल्जाम नहीं है। अधीनस्थों पर प्रभावी नियंत्रण न कर पाना और नए कनेक्शन सम्बंधी शिकायतों की सुनवाई न करना जैसे आरोप प्रमुख हैं। इसके अलावा मैमोरा एयरफोर्स स्टेशन की सप्लाई बाधित होने पर कोई त्वरित कार्रवाई न करना भी उनके लिए मुसीबत बना है।
रामपुर में अधीक्षण अभियंता के पद रहे महफूज का तबादला कर लखनऊ बुलाया गया और लेसा के अमौसी जोन के चीफ का चार्ज दिलाया गया। अधीक्षण अभियंता को चीफ इंजीनियर का चार्ज दिलाने पर यह सवाल उठा कि आखिर क्या खासियत है कि उन्हें चीफ की कुर्सी दी गई। अफसरों का मानना था कि महफूज की छवि अच्छी है और चेयरमैन आशीष कुमार गोयल के करीबी हैं। कुछ माह में ही उनका प्रमोशन हो गया और महफूज विधिवत चीफ इंजीनियर बने गए।
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उनको कुर्सी संभाले कुछ समय ही बीता कि लखनऊ में वर्टिकल सिस्टम लागू हो गया और जोन में हर काम के लिए अलग-अलग यूनिट बन गईं।करीब साढ़े पांच लाख उपभोक्ता वाले अमौसी जोन में नये कनेक्शन का जिम्मा एक ही अधिशासी अभियंता नीरज का था। नीरज के अधीन दो एसडीओ और तीन जूनियर इंजीनियर थे जो कनेक्शन देने का काम करते थे। झटपट पोर्टल पर आने वाले आवेदनों पर मनमाने तरीके से रिपोर्ट लगाई जाने लगी। दर्जनों की संख्या में आवेदन निरस्त होने लगे। सामान्य कनेक्शन पर जबरन स्टीमेट बनाए गए। मौके पर जाकर साइट देखे बगैर फर्जी तरीके से आवेदन पर क्वेरी डाली गईं। इसकी शिकायतें मुख्य अभियंता महफूज आलम के पास आती तो वह हकीकत जानने के बजाय टालमटोल कर उपभोक्ताओं को गुमहार करने लगे। दर्जनों मामलों में उन्होंने नीरज का पक्ष लिया और उपभोक्ता की बात को गलत ठहराया। यही रवैया उनके लिए मुश्किलें खड़ा करता चला गया।
मेमौरा एयरफोर्स स्टेशन मामले में 7 पर कार्रवाई
महफूज आलम के चीफ इंजीनियर रहते हुए मेमौरा एयरफोर्स स्टेशन 2025 में मई से सितम्बर माह के बीच कई बार सप्लाई बाधित हुई। कोई सख्त कार्रवाई करने के बजाय चीफ साहब जांच की बात करते रहे। ऐसा बताया गया कि एयरफोर्स के अधिकारियों द्वारा चीफ इंजीनियर को सप्लाई ट्रिप होने की बात से अवगत कराया गया था मगर उन्होंने कार्रवाई नहीं की। जब मामला पावर कारपोरेशन के चेयरमैन आशीष गोयल तक पहुंचा और शक्ति भवन से रिपोर्ट तबल की गई तो महफूज आलम में 20 किलोमीटर लाइन बिछाने वाले अभियंताओं की गलती की बात स्वीकार करते हुए रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को भेज दी। इसके लिए मामले में तीन इंजीनियर निलम्बित किए गए और चार को चार्जशीट दी गई। एमडी मध्यांचल रिया केजरीवाल ने जानकीपुरम जोन के चीफ इंजीनियर बीपी सिंह को जांच सौंपी। अभी वह जांच चल ही रही है। फिलहाल फरवरी माह के आखिर में मजफूज को अमौसी जोन से हटाकर मध्यांचल सम्बद्ध किया गया था। अब उन्हें निलम्बित कर दक्षिणांचल निगम में सम्बद्ध कर दिया गया है।
निलम्बन में लगे ये आरोप
– एयरफोर्स की सप्लाई बाधित होने पर तुरंत पर्याप्त कार्रवाई नहीं की।
– उनके कार्यकाल के दौरान जोन में नए बिजली कनेक्शन समय से निर्गत नहीं किए गए।
– बगैर पर्याप्त कारण झटपट पर निरस्त किए गए कनेक्शनों की शिकायतों की सुनवाई नहीं की।
– अधीनस्थों पर प्रभावी नियंत्रण नहीं कर पाए।




