चिकित्सा विज्ञान आई वी एफ मातृत्व पितृत्व की नई उम्मीद: डॉ० शोभिका सिंह

एन सी आर की प्रसिद्ध आई वी एफ विशेषज्ञ डॉ० शोभिका सिंह का अमरोहा से पुराना नाता
लखनऊ/अमरोहा। दिल्ली, एन सी आर की मशहूर (प्रसिद्ध) आई वी एफ चिकित्सक डॉ० शोभिका सिंह का अमरोहा से पुराना नाता रहा है। डॉ० शोभिका सिंह की मम्मी सरिता सिंह पपसरा गांव निवासी पूर्व कैबिनेट मंत्री श्रद्धेय चौधरी चंद्रपाल सिंह की सबसे छोटी बेटी है। कईयों बार डॉ० शोभिका सिंह अमरोहा जनपद केे पपसरा गांव अपनी ननिहाल आयीं है ।
डॉ० शोभिका सिंह बताती है कि आई वी एफ चिकित्सा विज्ञान मातृत्व पितृत्व की नई उम्मीद है। वे बताती है कि बांझपन पर जागरूकता और समाधान की जरूरत है ।
निःसंतानता के अंधेरे में उम्मीद की किरण बनकर उभरी है आई.वी.एफ. (IVF) तकनीक। एन.सी.आर. की सुप्रसिद्ध आई.वी.एफ. विशेषज्ञ डॉ० शोभिका सिंह का अमरोहा से गहरा और आत्मीय नाता है। वे अमरोहा के पपसरा गांव निवासी और पूर्व कैबिनेट मंत्री श्रद्धेय चौधरी चंद्रपाल सिंह की नातिन हैं। डॉ० शोभिका सिंह से बांझपन की चुनौतियों और आई.वी.एफ. के भविष्य पर हुई बातचीत के मुख्य अंश यहाँ प्रस्तुत हैं:
साक्षात्कार के मुख्य अंश:
प्रश्न: डॉ० शोभिका, सबसे पहले यह बताएं कि आज के समय में निःसंतानता की समस्या इतनी क्यों बढ़ रही है?
डॉ० शोभिका सिंह: आजकल की भागदौड़ भरी जीवनशैली, मानसिक तनाव, देर से विवाह और खान-पान में बदलाव इसके मुख्य कारण हैं। बांझपन केवल एक शारीरिक समस्या नहीं है, बल्कि यह एक सामाजिक और मानसिक चुनौती भी बन गई है। अच्छी बात यह है कि आधुनिक चिकित्सा विज्ञान में अब इसका सटीक समाधान संभव है।
प्रश्न: आई.वी.एफ. (IVF) तकनीक को आप मातृत्व और पितृत्व के लिए कितनी बड़ी उम्मीद मानती हैं?
डॉ० शोभिका सिंह: आई.वी.एफ. उन दंपत्तियों के लिए वरदान है जो प्राकृतिक रूप से माता-पिता नहीं बन पा रहे थे। इसे ‘टेस्ट ट्यूब बेबी’ भी कहा जाता है। यह तकनीक केवल इलाज नहीं, बल्कि एक नई उम्मीद है। विज्ञान ने इतनी प्रगति कर ली है कि अब ‘इनफर्टिलिटी’ (बांझपन) शब्द के साथ जुड़ा डर खत्म हो रहा है।
प्रश्न: समाज में इस तकनीक को लेकर अभी भी कई भ्रांतियां हैं, उन्हें कैसे दूर किया जा सकता है?
डॉ० शोभिका सिंह: सबसे जरूरी है जागरूकता। लोग अक्सर इसे ‘अप्राकृतिक’ मानते हैं, जबकि यह पूरी तरह सुरक्षित और वैज्ञानिक प्रक्रिया है। हमें समाज को यह समझाने की जरूरत है कि निःसंतानता कोई अभिशाप नहीं, बल्कि एक चिकित्सीय स्थिति है जिसका इलाज उपलब्ध है।
प्रश्न: अमरोहा से आपका पुराना जुड़ाव रहा है, यहाँ के लोगों के लिए आपका क्या संदेश है?
डॉ० शोभिका सिंह: अमरोहा मेरी ननिहाल है, यहाँ की मिट्टी से मेरा भावनात्मक लगाव है। मैं चाहती हूँ कि ग्रामीण क्षेत्रों के लोग भी जागरूक बनें। संकोच छोड़कर सही समय पर विशेषज्ञ की सलाह लेना ही समाधान की पहली सीढ़ी है। सही जानकारी ही खुशियों का आधार है।




