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सूचना युद्ध के दौर में सेना का बड़ा कदम: लखनऊ में मध्य कमान का पहला रणनीतिक संचार सम्मेलन

लखनऊ। भारतीय सेना की मध्य कमान (Indian Army Central Command) ने लखनऊ में अपना पहला रणनीतिक संचार सम्मेलन (Strategic Communication Conclave) आयोजित किया। लखनऊ कैंटोनमेंट स्थित सूर्य ऑडिटोरियम में हुए इस सम्मेलन में करीब 500 सैन्य अधिकारी, कूटनीतिज्ञ, संचार विशेषज्ञ और मीडिया प्रतिनिधि शामिल हुए।

सम्मेलन का उद्देश्य राष्ट्रीय सुरक्षा ढांचे में रणनीतिक संचार की भूमिका को मजबूत करना और उभरते सूचना क्षेत्र की चुनौतियों पर चर्चा करना था।

सूचना और धारणा भी बन चुके हैं युद्ध का मैदान

कार्यक्रम के उद्घाटन अवसर पर मध्य कमान के जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ अनिंद्य सेनगुप्ता ने कहा कि आधुनिक संघर्षों की प्रकृति तेजी से बदल रही है। अब युद्ध केवल भौतिक सीमाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि सूचना और संज्ञानात्मक (Cognitive) क्षेत्र भी युद्ध का अहम हिस्सा बन चुके हैं।

उन्होंने कहा कि “धारणा (Perception) ही वैधता को आकार देती है, वैधता प्रभाव को और प्रभाव परिणामों को तय करता है।”

सेना कमांडर ने यह भी बताया कि रणनीतिक संचार केवल प्रतिक्रिया आधारित नहीं होना चाहिए, बल्कि इसे संस्थागत रूप देकर सिद्धांत और क्षमताओं के आधार पर विकसित किया जाना आवश्यक है।

रक्षा विशेषज्ञ का मुख्य संबोधन

प्रसिद्ध रक्षा और रणनीतिक मामलों के विशेषज्ञ नितिन गोखले ने मुख्य भाषण दिया। उन्होंने “उभरते सूचना क्षेत्र में रणनीतिक संचार”  विषय पर चर्चा करते हुए बताया कि आधुनिक दौर में नैरेटिव (Narratives) और सूचना शक्ति राष्ट्रीय सुरक्षा की महत्वपूर्ण ताकत बन चुकी है।

विशेषज्ञ सत्र में कूटनीतिज्ञों और सैन्य अधिकारियों की भागीदारी

सम्मेलन के पहले विशेषज्ञ सत्र में रणनीतिक संचार को भविष्य की सुरक्षा चुनौतियों के लिए एक क्षमता के रूप में संस्थागत बनाने पर चर्चा हुई। इस सत्र में रुचिरा कंबोज, यशवर्धन सिन्हा और राज शुक्ला ने अपने विचार रखे।

इसके बाद “उभरते बहु-क्षेत्रीय अभियानों में रणनीतिक संचार” विषय पर विशेष संवाद सत्र आयोजित किया गया, जिसमें दिलीप सिन्हा, शांतनु मुखर्जी, वीणा जैन, शरत चंदर और डी.पी. पांडे जैसे विशेषज्ञों ने भाग लिया।

मीडिया पैनल में ‘माइंड स्पेस’ और सूचना शक्ति पर चर्चा

मीडिया के साथ दो विशेष पैनल चर्चाएँ आयोजित की गईं।

पहली चर्चा “शेपिंग द माइंड स्पेस”विषय पर हुई, जिसमें संदीप उन्नीथन, शिवानी शर्मा और स्नेहेष फिलिप ने भाग लिया।

दूसरी चर्चा “सूचना शक्ति और रणनीतिक संचार” विषय पर केंद्रित रही, जिसका संचालन हिंदुस्तान टाइम्स के ब्यूरो प्रमुख पंकज जायसवाल ने किया। इसमें मनीष प्रसाद और अशोक श्रीवास्तव ने विचार साझा किए।

राष्ट्रीय सुरक्षा में रणनीतिक संचार को मजबूत करने का लक्ष्य

समापन सत्र में नवीन सचदेवा, चीफ ऑफ स्टाफ, मुख्यालय मध्य कमान ने पूरे सम्मेलन की कार्यवाही का सार प्रस्तुत किया और सभी प्रतिभागियों को धन्यवाद दिया।

इस सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा प्रणाली में रणनीतिक संचार को एक संस्थागत क्षमता के रूप में विकसित करना और भविष्य के सूचना युद्ध के लिए नीति, संरचना और प्रक्रियाओं को मजबूत करना बताया गया।

Shailendra Yadav

शैलेंद्र यादव सीनियर पत्रकार हैं। वह राजनीति, एजूकेशन, हेल्थ, लाइफ स्‍टाइल और ह्यूमन एंगल स्टोरीज लिखते हैं। ग्राउंड रिपोर्टिंग और दिलचस्प कहानियां भी लिखते हैं। पत्रकारिता में 12 साल का अनुभव है। करियर की शुरुआत सीतापुर लाइव न्यूज. इसके बाद विभिन्‍न पत्र पत्रिकाओं में काम किया है।

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