यूपी में 11% स्वस्थ लोग निकले ‘शुगर’ के मरीज, 35% हाईपर टेंशन के शिकार

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में स्वास्थ्य के मोर्चे पर एक गंभीर और चौंकाने वाली तस्वीर सामने आई है। यूपी डायबिटीज एसोसिएशन और केजीएमयू (KGMU) फिजियोलॉजी विभाग द्वारा किए गए एक शोध में खुलासा हुआ है कि जिन लोगों ने खुद को ‘पूर्ण स्वस्थ’ माना, उनमें से 11 प्रतिशत लोग वास्तव में डायबिटीज (Diabetes) की चपेट में पाए गए हैं। जबकि करीब 19 प्रतिशत लोग प्री डायबिटिक स्‍टेज पर हैं।

इन स्वस्थ दिखने वाले लोगों के शरीर में शुगर या डायबिटीज का स्तर सामान्य से कहीं ज्यादा पाया गया। यह शोध यूपी के 20 जिलों में 11,000 लोगों की स्क्रीनिंग पर आधारित है

प्री-डायबिटिक और हाईपर टेंशन का खतरा

अध्ययन के अनुसार, स्थिति यहीं नहीं रुकती। 19 प्रतिशत लोग ऐसे मिले जिनमें शुगर की शुरुआत हो चुकी है, यानी वे प्री-डायबिटिक (Pre Diabetes) स्टेज पर हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर इन लोगों ने तुरंत अपनी जीवनशैली (Lifestyle) में बदलाव नहीं किया तो ये भी जल्द ही डायबिटीज (Diabetes) के मरीज बन जाएंगे।

वहीं, इसी शोध में यह भी पता चला कि करीब 35 प्रतिशत लोग हाईपर टेंशन (High Blood Pressure) के शिकार हैं, जो हृदय रोग (Heart Disease) और स्ट्रोक के खतरे को बढ़ाता है। कानपुर, गाजियाबाद, और लखनऊ सबसे ज्यादा प्रभावित जिलों में से हैं, जहां यह समस्या तेजी से बढ़ रही है।

कैसे बचें और क्या करें: विशेषज्ञों की सलाह

केजीएमयू (KGMU) फिजियोलॉजी विभाग के पूर्व अध्यक्ष डॉ. नरसिंह वर्मा और डॉ. नमिता शुक्ला समेत अन्य विशेषज्ञों ने इस साइलेंट किलर बीमारी से बचने के लिए कुछ महत्वपूर्ण कदम उठाने की सलाह दी है:

सुझाव क्या करें क्यों जरूरी है?
1. नियमित स्क्रीनिंग (Regular Screening) हर स्वस्थ व्यक्ति को अपना वजन, कमर, पेट और गर्दन की माप कराते हुए नियमित रूप से ब्लड शुगर की जांच करानी चाहिए। यह हाई रिस्क ग्रुप की पहचान करने और बीमारी को शुरुआती स्टेज पर नियंत्रित करने में मदद करता है।
2. वजन पर काबू (Weight Control) संतुलित आहार (Balanced Diet) लें और नियमित व्यायाम करें। पर्याप्त नींद लें। मोटापा (Obesity) डायबिटीज का सबसे बड़ा कारण है। स्वस्थ वजन ब्लड शुगर और ब्लड प्रेशर को कंट्रोल रखता है।
3. तनाव को नियंत्रित करें (Manage Stress) ध्यान (Meditation) और योग को अपनी दिनचर्या में शामिल करें। तनाव (Stress) सीधे तौर पर ब्लड शुगर के स्तर को प्रभावित करता है।
4. तम्बाकू और शराब से बचें धूम्रपान (Smoking) और शराब (Alcohol) का सेवन बिल्कुल बंद कर दें। ये दोनों ही आदतें डायबिटीज और हाईपर टेंशन के जोखिम को बहुत बढ़ा देती हैं।
5. खान-पान में बदलाव (Dietary Changes) मीठा, प्रोसेस्ड फूड और जंक फूड से दूरी बनाएं। अपनी डाइट में लो-ग्लाइसेमिक इंडेक्स वाले फल (जैसे जामुन, सेब) और अधिक फाइबर (Fiber) वाली चीजें जैसे साबुत अनाज और हरी सब्जियां शामिल करें। यह ब्लड शुगर को धीरे-धीरे बढ़ाता है और नियंत्रित रखने में मदद करता है।

भारत में ‘साइलेंट किलर’ मधुमेह

एक अध्ययन के अनुसार, भारत में अब हर तीन में से एक मधुमेह रोगी को ही सही उपचार मिल पा रहा है। विश्व मधुमेह दिवस की पूर्व संध्या पर डीएसडब्ल्यूएचओ के डॉ. कैथरीन बोहेमा ने भी बताया है कि मधुमेह के रोकथाम और प्रबंधन के लिए सही दृष्टिकोण (Right Approach) अपनाना समय की मांग है।

लोग अपनी सेहत को लेकर गंभीर नहीं हैं और नियमित जांच (Routine Checkup) नहीं कराते हैं। डायबिटीज (Diabetes) एक धीमी गति से शरीर को खोखला करने वाली बीमारी है, जिसे सिर्फ एक बेहतर और अनुशासित जीवनशैली से ही हराया जा सकता है।

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