
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के हजारों बेरोजगार फार्मासिस्टों के लिए एक बेहद बड़ी और राहत भरी खबर है। राज्य में करीब 17 सालों के लंबे इंतजार के बाद फार्मासिस्टों के पदों पर सरकारी भर्ती का विज्ञापन जारी कर दिया गया है। उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) द्वारा 550 पदों पर निकाली गई यह बंपर भर्ती ‘डिप्लोमा फार्मासिस्ट राजपत्रित अधिकारी एसोसिएशन’ (DPRA) के लंबे और अथक संघर्ष का परिणाम है।
आयोग और शासन स्तर पर हुई लंबी पैरवी
लखनऊ जिला मंत्री, राजीव कनौजिया ने बताया कि इस भर्ती प्रक्रिया को धरातल पर लाने के लिए DPRA संगठन ने शासन और आयोग के स्तर पर लगातार मजबूत पैरवी की। संगठन के पदाधिकारियों ने बीते 14 नवंबर 2025 को उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के अध्यक्ष सत्यनारायण साबत से मुलाकात की थी। इस दौरान उन्हें फार्मासिस्टों की रुकी हुई नियुक्तियों के संबंध में एक महत्वपूर्ण प्रत्यावेदन सौंपा गया था, जिसने इस प्रक्रिया को तेज करने में अहम भूमिका निभाई।
संगठन के नेतृत्व की अहम भूमिका
इस पूरे मिशन को सफल बनाने में DPRA UP के शीर्ष नेतृत्व का अहम योगदान रहा। प्रदेश अध्यक्ष जे.के. सचान और प्रदेश महामंत्री प्रद्युम्न सिंह के संयुक्त नेतृत्व में इस लड़ाई को मजबूती से लड़ा गया। इस मुहिम में लखनऊ के जिला मंत्री राजीव कनौजिया के साथ-साथ यूनियन के अन्य पदाधिकारियों और साथियों ने भी कंधे से कंधा मिलाकर अपना पूर्ण सहयोग दिया। इन्हीं सामूहिक प्रयासों का नतीजा है कि आज 550 बेरोजगार युवाओं के लिए सरकारी नौकरी का रास्ता साफ हो सका है।
बेरोजगार साथियों को मिला ‘होली का उपहार’
17 साल बाद आई इस भर्ती से प्रदेश भर के फार्मासिस्टों में भारी उत्साह और खुशी का माहौल है। बेरोजगार युवाओं ने इसे ‘होली का सबसे बड़ा उपहार’ करार दिया है। संगठन की इस ऐतिहासिक जीत पर फार्मासिस्टों ने अपने वरिष्ठ नेताओं जे.के. सचान, प्रद्युम्न सिंह और राजीव कनौजिया के प्रति हृदय से आभार व्यक्त किया है।




