केजीएमयू को 1938 करोड़ का बजट, 7 मंजिला नई OPD, वूमेन एपेक्स सेंटर और डेंटल ब्लॉक को मंजूरी; AI से होगा अब इलाज

LUCKNOW: किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (KGMU) में इलाज के लिए आने वाले हजारों मरीजों के लिए राहत भरी खबर है। प्रदेश सरकार ने केजीएमयू के लिए इस वर्ष 1,93,800 लाख (1938 करोड़) रुपये के बजट का प्रावधान किया है, जो पिछले साल (1868 करोड़) से अधिक है।
इसके साथ ही प्रदेश सरकार ने केजीएमयू परिसर में तीन प्रमुख भवनों—नया ओपीडी भवन, डेंटल ब्लॉक और वूमेन एपेक्स सेंटर—के निर्माण का रास्ता साफ कर दिया है। इन परियोजनाओं के पूरा होने से न सिर्फ मरीजों को एक छत के नीचे इलाज मिलेगा, बल्कि रेफरल की समस्या भी कम होगी।
कुलपति डॉ. सोनिया नित्यानंद ने बताया कि इन परियोजनाओं और उपकरणों के लिए सरकार ने भारी-भरकम बजट का प्रावधान किया है।
क्वीनमेरी के पास बनेगा ‘वूमेन एपेक्स सेंटर’
गर्भवती महिलाओं और नवजातों की सुरक्षा के लिए क्वीनमेरी अस्पताल के पीछे की अतिक्रमण मुक्त कराई गई जमीन पर ‘वूमेन एपेक्स सेंटर’ (Women Apex Center) बनाया जाएगा।
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100 बेड का क्रिटिकल केयर यूनिट: इसमें 50 बेड मैटरनल इंटेंसिव केयर यूनिट (MICU) और 50 बेड नियोनेटल इंटेंसिव केयर यूनिट (NICU) के होंगे।
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रेफरल से मुक्ति: अभी तक गंभीर स्थिति होने पर महिलाओं को वेंटिलेटर के लिए ट्रॉमा सेंटर रेफर करना पड़ता था, लेकिन इस सेंटर के बनने से क्वीनमेरी परिसर में ही उच्च स्तरीय इलाज मिल सकेगा।
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डॉ. सोनिया नित्यानंद के अनुसार, इस सेंटर और न्यू डेंटल ब्लॉक पर करीब 400 करोड़ रुपये खर्च होंगे। प्रस्ताव को जल्द मंजूरी मिलने की उम्मीद है।
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4.8 एकड़ में बनेगा 7 मंजिला हाईटेक ओपीडी ब्लॉक
मरीजों को अलग-अलग विभागों में भटकने से बचाने के लिए राजकीय बालिका इंटर कॉलेज और संस्कृत पाठशाला की 4.8 एकड़ जमीन पर सात मंजिला नया ओपीडी ब्लॉक बनाया जाएगा।
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सुविधाएं: कार्डियोलॉजी, गायनी, मानसिक रोग, रेस्पिरेटरी मेडिसिन, आर्थोपेडिक्स समेत कई विभागों की ओपीडी एक ही भवन में शिफ्ट होंगी।
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क्षमता: हर डॉक्टर के चैंबर के बाहर 200 से अधिक मरीजों के बैठने की व्यवस्था होगी। इसके अलावा पार्किंग, कैंटीन और हर फ्लोर पर शौचालय की आधुनिक सुविधा होगी।
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जर्जर डेंटल भवन की जगह बनेगा बहुमंजिला टावर
आईआईटी (IIT) के विशेषज्ञों द्वारा पुराने डेंटल भवन को जर्जर घोषित किए जाने के बाद उसे ध्वस्त करने की तैयारी है। वहां संचालित विभागों को शिफ्ट किया जा चुका है। अब उस स्थान पर एक नया बहुमंजिला डेंटल भवन बनेगा, जिसमें दंत रोग के चार प्रमुख विभाग संचालित होंगे।
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उपकरणों के लिए 300 करोड़: पैथोलॉजी, रेडियोलॉजी और न्यूरो सर्जरी के लिए अत्याधुनिक मशीनें खरीदी जाएंगी।
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AI कंप्यूटिंग यूनिट: करीब 8 से 10 करोड़ रुपये की लागत से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) यूनिट स्थापित की जाएगी। इससे बीमारियों की सटीक पहचान और इलाज की दिशा तय करने में मदद मिलेगी।
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कुलपति ने बताया कि केजीएमयू में प्रतिदिन ओपीडी में 7-8 हजार मरीज आते हैं और 4000 से अधिक बेड हमेशा भरे रहते हैं, इसलिए यह विस्तार समय की मांग है।




