
अलीगढ़। उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ में 108 एंबुलेंस सेवा की त्वरित सक्रियता और आपातकालीन सूझबूझ से एक 66 वर्षीय बुजुर्ग को नया जीवन मिल गया। पुलिस लाइन परिसर में कमलेश तिवारी (66) अचानक बेहोश होकर गिर पड़े। सूचना मिलते ही 108 एंबुलेंस टीम तुरंत मौके पर पहुंची।
कार्डियक अरेस्ट की आशंका को देखते हुए ईएमटी (EMT) शिवकांत यादव ने ईआरसीपी (ERCP) चिकित्सक डॉ. राहुल के चिकित्सीय परामर्श के अनुसार तत्काल मरीज को सीपीआर (CPR) देना शुरू किया। साथ ही मरीज को 12 लीटर प्रति मिनट की दर से ऑक्सीजन सपोर्ट दिया गया। बीपी मशीन और पल्स ऑक्सीमीटर के जरिए उनके स्वास्थ्य मानकों की निरंतर निगरानी की गई, जिसके परिणामस्वरूप बुजुर्ग की सांसें लौट आईं और उनकी हालत स्थिर हो सकी।
प्रदेश सरकार द्वारा पूरी तरह नि:शुल्क है 108 एंबुलेंस सेवा
उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा 108 आपातकालीन एंबुलेंस सेवा राज्य के सभी नागरिकों के लिए पूरी तरह नि:शुल्क उपलब्ध कराई जाती है। इसके उपयोग के लिए किसी भी व्यक्ति से कोई शुल्क या चार्ज नहीं लिया जाता है। 24 घंटे और सातों दिन संचालित होने वाली यह सेवा आधुनिक जीवन रक्षक उपकरणों और प्रशिक्षित पैरामेडिकल स्टाफ से सुसज्जित है।
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कब-कब ले सकते हैं 108 एंबुलेंस सेवा का लाभ?
आम नागरिक किसी भी गंभीर या आपातकालीन स्वास्थ्य स्थिति में ‘108’ डायल कर इस सेवा की मदद ले सकते हैं:
- हार्ट अटैक या कार्डियक अरेस्ट: सीने में तेज दर्द, अचानक पसीना आना या दिल से जुड़ी आपात स्थिति में।
- बेहोशी या सांस लेने में गंभीर तकलीफ: अचानक अचेत हो जाने, अस्थमा अटैक या ऑक्सीजन की कमी होने पर।
- सड़क दुर्घटनाएं एवं गंभीर ट्रॉमा: सड़क हादसों, ऊंचाई से गिरने, जलने या गंभीर चोट लगने की स्थिति में।
- स्ट्रोक या पैरालिसिस के लक्षण: अचानक लकवा मारना, चेहरे का टेढ़ा होना या बोलने में लड़खड़ाहट होना।
- जहर या विषैले जीव का दंश: जहरीले जीव के काटने, फूड पॉइजनिंग या किसी जहरीले पदार्थ के सेवन पर।
- अन्य गंभीर चिकित्सीय आपातकाल: अत्यधिक रक्तस्राव, तेज बुखार के साथ दौरे पड़ना या अन्य कोई जानलेवा स्वास्थ्य संकट।
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