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रायबरेली के खेत में मिला लावारिस नवजात शिशु, 108 एंबुलेंस कर्मियों ने बचाई जान

RAEBARELI: रायबरेली के थाना मिल एरिया क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले हरदासपुर ग्राम सभा में उस वक्त सनसनी फैल गई, जब गांव के एक खेत में एक लावारिस नवजात शिशु मिला। इस घटना को देखकर ग्रामीणों ने बिना देरी किए 108 एंबुलेंस सेवा (Ambulance Service) को सूचना दी।

एंबुलेंस कर्मियों की सूझबूझ से बची जान

ग्रामीणों की सूचना पर 108 एंबुलेंस (UP32FG1698) तत्काल मौके पर पहुंची। एंबुलेंस के ईएमटी (EMT) मनोज कुमार विश्वकर्मा ने तुरंत नवजात का रेस्क्यू किया। शिशु की गंभीर स्थिति को देखते हुए, कॉल सेंटर में मौजूद डॉक्टरों की सलाह पर उसे एंबुबैग के माध्यम से ऑक्सीजन दी गई। प्राथमिक उपचार (First Aid) देते हुए बच्‍चे को तत्काल जिला महिला अस्पताल, रायबरेली में भर्ती कराया गया।

पुलिस कर रही माता-पिता की तलाश

डॉक्टरों की सघन निगरानी में इलाज के बाद अब नवजात की हालत स्थिर बताई जा रही है। शिशु की जान बचाने के लिए ग्रामीण एंबुलेंस टीम की त्वरित कार्रवाई की खूब तारीफ कर रहे हैं। वहीं, घटना की भनक लगते ही पुलिस भी मौके पर पहुंच गई है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और आसपास के लोगों से जानकारी जुटा रही है ताकि शिशु के माता-पिता और इस घटना के असल कारणों का पता लगाया जा सके।

आपात स्थिति में एंबुलेंस सेवाएं: कौन-सी एंबुलेंस कब और कैसे बुलाएं?

मेडिकल इमरजेंसी के समय सही एंबुलेंस चुनना बहुत जरूरी है। भारत में मुख्य रूप से इन एंबुलेंस सेवाओं का लाभ लिया जा सकता है, खासतौर से उत्‍तर प्रदेश में सरकारी 108 व 102 एम्‍बुलेंस सेवाएं उपलब्‍ध हैं जो नि:शुल्‍क मरीजों को सेवाएं देकर सरकारी अस्‍पताल ले जाती हैं। सरकार की ओर से यह सेवाएं एकदम फ्री हैं।

108 एंबुलेंस सेवा (Emergency Response Service)

किसी भी तरह की गंभीर मेडिकल इमरजेंसी, सड़क हादसा, हार्ट अटैक, या किसी आपातकालीन स्थिति। यह एक फ्री सेवा है और एक प्रकार की BLS (Basic Life Support) एंबुलेंस है जिसमें ऑक्‍सीजन व अन्‍य इमरजेंसी से सम्‍बंधित सुविधाएं उपलब्‍ध रहती हैं।

    • कैसे बुलाएं: अपने मोबाइल या लैंडलाइन से टोल-फ्री नंबर 108 डायल करें। यह सेवा 24 घंटे 7 दिन उपलब्‍ध रहती है।

102 एंबुलेंस सेवा (National Ambulance Service)

यह सेवा मुख्य रूप से गर्भवती महिलाओं (Janani Suraksha Yojana के तहत) और दो साल तक के बीमार नवजात शिशुओं के लिए है। अस्पताल ले जाने और डिलीवरी के बाद वापस घर छोड़ने के लिए इसका इस्तेमाल होता है।

    • कैसे बुलाएं: टोल-फ्री नंबर 102 डायल करें। यह सेवा 24 घंटे 7 दिन उपलब्‍ध रहती है।

ALS (Advanced Life Support) एंबुलेंस

जब मरीज की हालत बेहद गंभीर हो (जैसे कार्डियक अरेस्ट या ब्रेन स्ट्रोक) और उसे रास्ते में वेंटिलेटर, ईसीजी, या डिफिब्रिलेटर जैसी लाइफ सपोर्ट मशीनों की जरूरत हो।

    • कैसे बुलाएं: 108 पर कॉल करते समय ऑपरेटर को मरीज की गंभीर स्थिति बताएं, ताकि वे ALS एंबुलेंस भेज सकें। यह सेवा 24 घंटे 7 दिन उपलब्‍ध रहती है।

Sunil Yadav

संपादक, लेखक और अनुभवी पत्रकार हैं। वे दैनिक जागरण, आईनेक्‍स्‍ट, कैनविज टाइम्‍स और दैनिक जागरण आईनेक्‍स्‍ट से जुड़े रहे हैं। वह मुख्य रूप से उत्तर प्रदेश की राजनीति, प्रशासनिक ख़बरों, स्वास्थ्य सेवाओं, टेक्‍नोलॉजी से जुड़े विषयों पर लिखते हैं। ट्विटर (X) पर उनसे @sunilyadav21 पर जुड़ सकते हैं।

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