उत्तर प्रदेश कृषि विज्ञान कांग्रेस 2026: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की गरिमामय उपस्थिति में, विकसित कृषि की दिशा में बड़ा कदम

लखनऊ: उत्तर प्रदेश की कृषि को आधुनिक, तकनीक-संपन्न और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में उत्तर प्रदेश कृषि विज्ञान कांग्रेस (UPASC 2026) का आयोजन भारतीय गन्ना अनुसंधान संस्थान (ICAR-IISR), लखनऊ में किया जा रहा है। “Transforming Agriculture for Viksit Krishi – Viksit Bharat @2047” विषय पर आधारित यह तीन दिवसीय सम्मेलन कृषि क्षेत्र में नवाचार और नीतिगत दिशा तय करने का एक सशक्त मंच बनकर उभरा है।

इस भव्य आयोजन में प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होकर अपना अभिभाषण देंगे। कार्यक्रम में माननीय कृषि मंत्री, कृषि राज्य मंत्री, वरिष्ठ वैज्ञानिक, अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञ, विश्वविद्यालयों के कुलपति, शोधार्थी, छात्र-छात्राएं और बड़ी संख्या में किसान भाई-बहन भाग ले रहे हैं, जो इस आयोजन को और भी महत्वपूर्ण बनाता है।
सम्मेलन में लगभग 450 प्रतिभागियों की सक्रिय सहभागिता दर्ज की गई है, जिसमें 250 से अधिक छात्र एवं शोधार्थी, 20 से 25 अंतरराष्ट्रीय संस्थानों के प्रतिनिधि, 25 से 30 ICAR के वैज्ञानिक तथा 100 से अधिक विशिष्ट अतिथि शामिल हैं। यह सहभागिता उत्तर प्रदेश की कृषि प्रगति के प्रति सभी वर्गों की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
इस आयोजन के दौरान कृषि के विभिन्न महत्वपूर्ण पहलुओं पर गहन विचार-विमर्श किया जाएगा, जिसमें जलवायु-अनुकूल खेती, बागवानी एवं संरक्षित खेती, मृदा स्वास्थ्य, प्राकृतिक खेती, फसल सुरक्षा, कृषि मशीनीकरण, वैल्यू एडिशन, खाद्य सुरक्षा और कृषि नीतियों जैसे विषय प्रमुख हैं। साथ ही डेयरी, पशुपालन, पोल्ट्री और मत्स्य पालन के माध्यम से किसानों की आय बढ़ाने पर भी विशेष ध्यान केंद्रित किया जाएगा।
उत्तर प्रदेश कृषि अनुसंधान परिषद, जिसे ‘उपकार’ के नाम से जाना जाता है, इस आयोजन के माध्यम से कृषि अनुसंधान और तकनीक को किसानों तक पहुंचाने के अपने उद्देश्य को और सशक्त कर रहा है। परिषद ने पिछले वर्षों में कालानमक चावल की उन्नत किस्मों के विकास, श्री अन्न (मिलेट्स) के पुनरुद्धार, स्पाइनलेस कैक्टस जैसे नवाचार, कृषि स्टार्टअप इकोसिस्टम के निर्माण और मखाना जैसी नई फसलों के विस्तार में उल्लेखनीय योगदान दिया है।
इसके साथ ही उपकार द्वारा कृषि प्रसार के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण कार्य किए गए हैं, जिनमें महिला अनुकूल कृषि यंत्रों का विकास, प्राकृतिक खेती को बढ़ावा, डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से किसानों तक मौसम और फसल संबंधी जानकारी पहुंचाना तथा बुंदेलखंड जैसे क्षेत्रों में जल प्रबंधन को सुदृढ़ करना शामिल है।
राज्य सरकार का स्पष्ट लक्ष्य कृषि को लाभकारी बनाते हुए लागत में कमी, उत्पादकता में वृद्धि और किसानों की आय में निरंतर बढ़ोतरी सुनिश्चित करना है। उत्तर प्रदेश को एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने में कृषि क्षेत्र की भूमिका को केंद्र में रखते हुए सरकार लगातार नवाचार और नीति सुधारों पर कार्य कर रही है।
कार्यक्रम का उद्घाटन दीप प्रज्वलन और उपकार गीत के साथ होगा, जिसके बाद स्वागत संबोधन और विभिन्न विशिष्ट अतिथियों के उद्बोधन होंगे। इसके पश्चात पुस्तक विमोचन एवं कृषि पुरस्कार वितरण का आयोजन किया जाएगा और अंत में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी का आशीर्वचन कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण होगा। राष्ट्रीय गान और हाई-टी के साथ उद्घाटन सत्र का समापन किया जाएगा।
यह सम्मेलन केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश की कृषि व्यवस्था को नई दिशा देने वाला एक व्यापक रोडमैप है। वैज्ञानिकों के ज्ञान और सरकार की नीतियों के समन्वय से किसानों की आय में वृद्धि और “विकसित कृषि – विकसित उत्तर प्रदेश 2047” के लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में यह आयोजन एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगा।
ताज़ा खबरें सबसे पहले पाएं
WhatsApp Channel, Google News और सोशल मीडिया पर फॉलो करें




