सीएम युवा उद्यमी योजना से चमकी किस्मत, संग्रामपुर की कविता बनीं आत्मनिर्भरता की नई पहचान

महिलाओं के लिए कविता बनीं प्रेरणा की मिसाल
खनऊ/बस्ती। “जहां चाह, वहां राह” — इस कहावत को सच कर दिखाया है ग्राम संग्रामपुर की कविता शर्मा ने। आर्थिक तंगी से जूझ रही कविता की जिंदगी में उस समय बदलाव आया, जब उन्हें उत्तर प्रदेश सरकार की सीएम युवा उद्यमी योजना की जानकारी मिली। इस योजना ने न सिर्फ उनके सपनों को उड़ान दी, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भरता की नई पहचान भी दिलाई।
ब्यूटी पार्लर का प्रशिक्षण ले चुकी कविता बचपन से ही अपना खुद का व्यवसाय शुरू करना चाहती थीं, लेकिन सीमित संसाधनों और आर्थिक परेशानियों के कारण उनका सपना अधूरा रह जाता था। इसी दौरान उन्होंने योजना के तहत आवेदन किया और भारतीय स्टेट बैंक, बस्ती शाखा से ₹2,50,000 का ब्याजमुक्त ऋण प्राप्त किया।
ऋण मिलते ही कविता ने अपना ब्यूटी पार्लर शुरू किया और पूरे समर्पण व मेहनत के साथ उसे आगे बढ़ाया। आज उनका व्यवसाय अच्छी तरह चल रहा है और वे प्रतिमाह लगभग ₹25,000 की आय अर्जित कर रही हैं। इससे न केवल उनके परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है, बल्कि उन्हें समाज में सम्मान और आत्मविश्वास भी मिला है।
कविता ने इस सफलता का श्रेय उत्तर प्रदेश सरकार की योजना को देते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यदि यह आर्थिक सहायता न मिलती, तो उनका सपना साकार नहीं हो पाता।
उन्होंने अन्य युवाओं, विशेषकर महिलाओं से अपील की कि वे सरकारी योजनाओं की जानकारी लें और उनका लाभ उठाकर आत्मनिर्भर बनने की दिशा में कदम बढ़ाएं।
कविता की यह सफलता कहानी इस बात का प्रमाण है कि यदि सरकारी योजनाएं सही लोगों तक पहुंचें, तो वे न सिर्फ एक व्यक्ति बल्कि पूरे समाज की तस्वीर बदल सकती हैं। सीएम युवा उद्यमी योजना आज युवाओं के सपनों को साकार करने और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में अहम भूमिका निभा रही है।




