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‘कोई देश मदद नहीं कर रहा…’ ईरान युद्ध के 17वें दिन ट्रंप बोले – अब राजनीतिक समाधान पर जोर

वॉशिंगटन/तेहरान: मध्य-पूर्व में जारी अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच युद्ध अब 17वें दिन में प्रवेश कर चुका है। लगातार सैन्य कार्रवाई के बावजूद अमेरिका को अभी तक कोई बड़ी रणनीतिक सफलता नहीं मिली है। इसी बीच अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने संकेत दिया है कि इस संघर्ष में अमेरिका को अपेक्षित अंतरराष्ट्रीय समर्थन नहीं मिल रहा और अब राजनीतिक समाधान की दिशा में भी प्रयास तेज किए जा सकते हैं।

सहयोग के लिए ट्रंप की अपील

अमेरिकी प्रशासन ने खास तौर पर खाड़ी क्षेत्र के अहम समुद्री मार्ग Strait of Hormuz की सुरक्षा के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग की मांग की है। ट्रंप का कहना है कि दुनिया के तेल व्यापार का बड़ा हिस्सा इसी मार्ग से होकर गुजरता है, इसलिए चीन, फ्रांस, जापान, दक्षिण कोरिया और ब्रिटेन जैसे देशों को भी इसकी सुरक्षा में सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए।

हालांकि अभी तक कई देशों ने सीधे सैन्य सहयोग देने में रुचि नहीं दिखाई है, जिससे अमेरिका को इस युद्ध में अपेक्षित वैश्विक समर्थन नहीं मिल पाया है।

युद्ध के 17वें दिन क्या हुआ

युद्ध के दौरान अमेरिका और इजराइल ने ईरान के कई सैन्य ठिकानों पर हमले किए हैं। हाल ही में ईरान के प्रमुख तेल निर्यात केंद्र Kharg Island पर भी बड़े हवाई हमले किए गए, जहां दर्जनों सैन्य और रणनीतिक ठिकानों को निशाना बनाया गया।

इसके जवाब में ईरान ने खाड़ी क्षेत्र में अपनी सैन्य गतिविधियां बढ़ा दी हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक एक ड्रोन हमले के बाद Dubai International Airport के पास आग लगने से कुछ समय के लिए उड़ानों पर असर पड़ा।

बढ़ती वैश्विक चिंता

लगातार बढ़ते हमलों से पूरे मध्य-पूर्व में तनाव चरम पर पहुंच गया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक अब तक हजारों लोगों की मौत हो चुकी है और बड़ी संख्या में लोग घायल हुए हैं।

इस संघर्ष का असर वैश्विक अर्थव्यवस्था पर भी दिखाई देने लगा है। तेल आपूर्ति को लेकर अनिश्चितता बढ़ने से अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी देखी जा रही है।

राजनीतिक समाधान की संभावना

बढ़ते दबाव के बीच अमेरिकी प्रशासन अब कूटनीतिक विकल्पों पर भी विचार कर रहा है। हालांकि ईरान ने अभी तक किसी भी तरह के युद्धविराम या बातचीत की संभावना को खारिज किया है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि जल्द ही कूटनीतिक पहल नहीं हुई तो यह संघर्ष पूरे मध्य-पूर्व को और बड़े युद्ध की ओर धकेल सकता है।

 

 

Shailendra Yadav

शैलेंद्र यादव सीनियर पत्रकार हैं। वह राजनीति, एजूकेशन, हेल्थ, लाइफ स्‍टाइल और ह्यूमन एंगल स्टोरीज लिखते हैं। ग्राउंड रिपोर्टिंग और दिलचस्प कहानियां भी लिखते हैं। पत्रकारिता में 12 साल का अनुभव है। करियर की शुरुआत सीतापुर लाइव न्यूज. इसके बाद विभिन्‍न पत्र पत्रिकाओं में काम किया है।

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