अचानक सांस फूले तो न करें इलाज में देरी

Lucknow: अचानक सांस फूले और सीने में तेज दर्द हो तो इलाज में देरी न करें। जरा ही लापरवाही जानलेवा हो सकती है। यह लक्षण पल्मोनरी एम्बोलिज्म (Pulmonary embolism) फेफड़ों की धमनियों में होने वाली एक गंभीर समस्या है, जिसके लक्षण काफी हद तक हार्ट अटैक जैसे होते हैं।
यह जानकारी अटल बिहारी बाजपेई साइंटिफिक कन्वेंशन सेंटर में आयोजित कॉर्डिकॉन 2026 के दौरान लारी कॉडियोलॉजी विभाग के डा. अभिषेक सिंह (Dr. Abhishek Singh) ने दी। उन्होंने बताया कि पल्मोनरी एम्बोलिज्म में शरीर के अन्य हिस्सों (आमतौर पर पैर) से आया रक्त का थक्का ((blood clot) ) फंस जाता है। यह अवरोध फेफड़ों में रक्त संचार रोकता है, जिससे ऑक्सीजन का स्तर गिरता है और हार्ट पर अत्यधिक दबाव पड़ता है। ऐसे यदि फौरन इलाज न मिले तो मरीज की जान भी जा सकती है। इसका वैसे तो कोई ठोस कारण नहीं है लेकिन यह समस्या उन लोगों को अधिक होती है जो किसी बीमारी या दुर्घटना के कारण लम्बे समय तक बेड पर रहते हैं। इस दौरान न चलने-फिरने के कारण पैरों की नसों में थक्का बनता है जो कभी-कभी टूटकर फेफड़ों तक पहुंच जाता है।
सीने में दर्द उठे तो तीन जांचें फौरन करायें

सीने में तेज दर्द उठने पर एक्सरे व इको जांच पर्याप्त नहीं होती। इससे कई बार हार्ट की समस्या का सही का पता नहीं चलता पाता और इलाज में देरी हो जाती है। डा. अभिषेक सिंह का कहना है कि हार्ट की समस्या होने पर एक्सरे व इको के साथ एन टी प्रो बीएनपी ((NT-Pro BNP) जांच जरूरी करानी चाहिए। यह ब्लड टेस्ट दिल पर तनाव या शुरुआती नुकसान का पता लगाने में मदद करते हैं। अगर इनके स्तर बढ़े हुए हों, तो यह संकेत हो सकता है कि दिल पर दबाव है या बिना लक्षणों के नुकसान हो रहा है। बीएनपी हार्मोन हृदय के बाएं वेंट्रिकल में बनता है और यह तनाव होने पर प्रतिक्रिया करता है। यह हार्ट फेलियर, कोरोनरी हार्ट डिजीज, और वेंट्रिकुलर डिसफंक्शन जैसी हृदय समस्याओं का पता लगाने में मदद करता है। जब बीएनपी और एनटी प्रो-बीएनपी हार्मोन रक्त में प्रवाहित होते हैं, तो वे हृदय की धडक़न और ब्लड प्रेशर को कम करते हैं।
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दिल की सेहत के लिए रोजाना 45 मिनट करें तेज वॉक
दिल की सेहत के लिए रोजाना 45 मिनट की तेज वॉक (Brisk Walk) बहुत फायदेमंद है, जो ब्लड प्रेशर, कोलेस्ट्रॉल और दिल की बीमारियों के खतरे को कम करती है। यह एक आसान कार्डियो व्यायाम है। डा. अभिषेक का कहना है कि इसके साथ ही लिफ्ट की जगह सीढिय़ों का उपयोग करें, और घर या ऑफिस में छोटे ब्रेक लेकर टहलें। टहलने के साथ पर्याप्त नींद लेना भी दिल की सेहत के लिए बहुत जरूरी है। रोज 8 घंटे की नींद तनाव को कम करती है और दिल को फिट।




