Health

KGMU Nursing Recruitment Scam: चिकित्सा शिक्षा महानिदेशक ने जांच से खींचे हाथ, अब UP STF पर निगाहें

लखनऊ। किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (KGMU) की नर्सिंग भर्ती-2023 में धांधली की कड़ियों की पड़ताल अब केवल उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स (UP STF) करेगी। चिकित्सा शिक्षा महानिदेशक नेहा शर्मा ने व्यावहारिक कठिनाइयों का हवाला देते हुए इस मामले की विभागीय जांच करने से साफ इनकार कर दिया है। उन्होंने शासन को पत्र भेजकर स्थिति स्पष्ट कर दी है, हालांकि शासन स्तर पर इस पत्र को लेकर अभी कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है।

दोहरी जांच पर महानिदेशक की आपत्ति

चिकित्सा शिक्षा महानिदेशक नेहा शर्मा के मुताबिक, एक ही भर्ती में गड़बड़ी के आरोपों की दो अलग-अलग एजेंसियों से समानांतर जांच कराना विधि सम्मत नहीं है। शासन ने जब उन्हें जांच अधिकारी नामित किया था, तब उस पत्र में एसटीएफ जांच का कोई उल्लेख नहीं था। जिन विधायकों के शिकायती पत्रों के आधार पर एसटीएफ जांच कर रही है, उन्हीं शिकायतों पर महानिदेशक को भी जांच बढ़ानी थी। ऐसी स्थिति में दो अलग-अलग जांच रिपोर्ट आने से कानूनी और प्रशासनिक पेच फंसने का जोखिम था। महानिदेशक ने प्रमुख सचिव चिकित्सा शिक्षा को वस्तुस्थिति से अवगत कराते हुए अपनी असमर्थता जता दी है।

1276 पदों पर भर्ती में सुनियोजित फर्जीवाड़े का आरोप

सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों के जनप्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से 1276 नर्सिंग अफसरों की भर्ती में बड़े पैमाने पर धांधली की शिकायत की थी। इसके बाद प्रमुख सचिव चिकित्सा शिक्षा पार्थ सारथी सेन शर्मा के निर्देश पर संयुक्त सचिव आनंद कुमार त्रिपाठी ने आदेश जारी कर महानिदेशक को जांच सौंपी थी। महानिदेशक ने वरिष्ठ अधिकारियों की एक कमेटी भी गठित की थी, लेकिन औपचारिक जांच शुरू होने से पहले ही एसटीएफ की सक्रियता के चलते प्रक्रिया रोक दी गई।

जयपुर कोचिंग कनेक्शन और रडार पर KGMU प्रशासन

भर्ती घोटाले के तार राजस्थान के जयपुर स्थित एक कोचिंग संस्थान ‘कांसेप्ट आरएनए’ से जुड़ रहे हैं। आरोपों के अनुसार, कुल चयनित अभ्यर्थियों में से लगभग आधे अभ्यर्थी इसी एक कोचिंग से आए हैं। पूर्व रजिस्ट्रार द्वारा भेजे गए पत्रों के बाद केजीएमयू की कुलपति प्रोफेसर डॉ. सोनिया नित्यानंद समेत कई प्रशासनिक अधिकारी सवालों के घेरे में आ गए हैं। वहीं, 733 पदों पर चल रही नई भर्ती प्रक्रिया को भी लोक सेवा आयोग (UPPSC) को सौंपने के बजाय केजीएमयू प्रशासन द्वारा ही कराए जाने पर सवाल उठ रहे हैं। मामले को लेकर विपक्षी दलों ने भी सरकार पर दबाव बढ़ा दिया है।

ताज़ा खबरें सबसे पहले पाएं

WhatsApp Channel, Google News और सोशल मीडिया पर फॉलो करें

Sunil Yadav

संपादक, और अनुभवी पत्रकार हैं। वे दैनिक जागरण, आईनेक्‍स्‍ट, कैनविज टाइम्‍स और दैनिक जागरण आईनेक्‍स्‍ट से जुड़े रहे हैं। वह मुख्य रूप से उत्तर प्रदेश की राजनीति, प्रशासनिक ख़बरों, स्वास्थ्य सेवाओं, टेक्‍नोलॉजी से जुड़े विषयों पर लिखते हैं। ट्विटर (X) पर उनसे @sunilyadav21 पर जुड़ सकते हैं।

Related Articles

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

Back to top button