Health

Lucknow: लुलु मॉल में ‘स्वैग’ के साथ दी गई एड्स से बचाव की सीख, ‘गुलाबी शरारा’ और कविताओं पर झूमे दर्शक

एड्स पर जागरूकता के लिए सांस्कृतिक कार्यक्रम, गुड़हल और बबूलों के दिन सबके आते हैं, दिन से क्या घबराना दिन तो आते जाते हैं..

लखनऊ : गुड़हल और बबूलों के दिन सबके आते हैं, दिन से क्या घबराना दिन तो आते जाते हैं…” कवि गजेंद्र प्रियांशु की इन पंक्तियों ने रविवार को न सिर्फ जीवन का फलसफा समझाया, बल्कि हर परिस्थिति में सकारात्मक रहने का संदेश भी दिया। मौका था राष्ट्रीय युवा दिवस का, जब नवाबों के शहर लखनऊ के लुलु मॉल में खरीददारी करने आए लोग अचानक सांस्कृतिक रंगों और जागरूकता की एक अनूठी मुहिम का हिस्सा बन गए।

राष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर  पर  लोगों को एड्स के प्रति जागरुक करने और भारतीय सांस्कृतिक विरासत  से परिचित कराने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश राज्य  एड्स नियंत्रण सोसायटी ( UPSACS)  और आकाशवाणी लखनऊ के संयुक्त तत्वावधान में  12 जनवरी को लुलु  मॉल में सांस्कृतिक कार्यक्रम “स्वैग से अवरनेस ” का आयोजन किया गया।  कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य अतिथि  UPSACS  के  अपर परियोजना निदेशक श्री रवीन्द्र कुमार और अन्य  सम्मानित अतिथियों  के दीप प्रज्वलन के साथ की गई।

इसके बाद आकाशवाणी लखनऊ के केंद्राध्यक्ष श्री आरबी सिंह ने अतिथियों और मौजूद दर्शकों का स्वागत किया। लोगों को संबोधित करते हुए अपर परियोजना निदेशक श्री रवीन्द्र कुमार ने कहा कि  इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य युवाओं और आम जनता के बीच एचआईवी/एड्स के प्रति जागरूकता फैलाना और इससे जुड़ी सामाजिक भ्रांतियों और  भेदभाव को मिटाना है। उन्होंने एचआईवी संक्रमण के कारणों, लक्षणों और उपलब्ध उपचारों (ART) के बारे में भी जानकारी दी।

इसके बाद  गीत और भजन गायिका डॉ रंजना अग्रहरि ने अपनी मधुर आवाज से सबका दिल जीत लिया। फिर लोक गायिका संजोली पांडेय ने  मै बनाऊं तरकारी बताके जाना.. राजा जी खजनवा दे दा….. गाया।  जब रेडियो प्रेजेंटर सुरेंद्र राजेश्वरी ने चुनरी तेरी चमकनी गुलाबी शरारा और  बेडू  पाको बार मासा गाया गाया तो माल में मौजूद दर्शक झूम उठें।

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कवि मुकुल महान और गजेन्द्र प्रियांशु की हास्य कविताओं ने भी दर्शकों को खूब गुदगुदाया। मुकुल महान की पंक्तियां  “बेशक खुली किताबें रहना ,पन्ने मगर नियंत्रित रखना ” और प्रियांशु गजेन्द्र  की  “गुड़हल और बबूलों के दिन सबके आते हैं, दिन से क्या घबराना दिन तो आते जाते हैं … ने दर्शकों की खूब तालियां बटोरीं। वहीं, आरजे की प्रस्तुतियाँ  भी  दर्शकों को खूब भाया। अवधि स्कीट के जरिए एड्स के प्रति समाज को सतर्क रहने का संदेश दिया। क्विज, स्टैंडअप कॉमेडी  के माध्यम से भी लोगों को एड्स के प्रति जागरूक किया गया।
   
अंत में आकाशवाणी लखनऊ की कार्यक्रम प्रमुख श्रीमती सुमोना पांडेय ने  धन्यवाद ज्ञापित किया। कार्यक्रम प्रमुख ने  मौजूद लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि  हमें समझना होगा कि एचआईवी एड्स कोई सामाजिक कलंक नहीं बल्कि एक स्वास्थ्य संबंधी विषय है। इससे बचाव संभव है सही जानकारी सुरक्षित व्यवहार नियमित स्वास्थ्य और जागरूकता के माध्यम से। इस अवसर पर UPSACS, लुलु मॉल और आकाशवाणी लखनऊ के  अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहें।

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