मकर संक्राति पर एक करोड़ से अधिक लोगों ने लगाई आस्था की डुबकी

मकर संक्राति पर प्रयागराज (Prayagraj) में एक करोड़ से अधिक लोगों ने आस्था की डुबकी लगायी। त्रिवेणी तट पर आयोजित माघ मेले के दूसरे स्नान पर्व पर देश के कोने-कोने से आए श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए यहां सुरक्षा के कड़े इंतजाम किये गये।

माघ मेला क्षेत्र के विभिन्न घाटों पर सुबह से ही श्रद्धालुओं के पुण्य स्नान करने का सिलसिला शुरू हो गया। कल्पवासियों ने त्रिवेणी तट पहुंच कर संगम में आस्था की डुबकी लगाई और खिचड़ी, गुड़ का दान कर संक्रांति की परम्परा को पूरा किया। दंडी साधुओं और आचार्य सम्प्रदाय के संतों ने नजदीकी गंगा घाटों पर डुबकी लगाई और उत्तरायण भगवान भास्कर की पूजा अर्चना की। मौसम खुला होने की वजह से श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ती गई। मेला अधिकारी ऋषिराज का कहना है किमकर संक्रांति पर बृहस्पतिवार शाम 4 बजे तक 91 लाख से अधिक लोग पुण्य की डुबकी लगा चुके थे और सूर्यास्त तक त्रिवेणी में डुबकी लगाने वाले श्रद्धालुओं की संख्या 1.03 करोड़ पहुंच गई।

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नागा संन्यायी भी संगम पहुंचे

माघ मेले में अखाड़ों के स्नान की परम्परा नहीं है, लेकिन अखाड़ों से जुड़े कई नागा संन्यासी भी संक्रांति स्नान के लिए संगम पहुंचे और व्यक्तिगत रूप से मोक्ष की डुबकी लगाई। इसी दौरान ज्योतिष्पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने गंगा पूजन कर अपनी ‘गो प्रतिष्ठा प्रेरणा यात्रा’ का विधिवत शुभारंभ किया।

किन्नर अखाड़े ने भी किया गंगा स्नान

कल्पवास कर रहा सनातनी किन्नर अखाड़ा पूरे उत्साह के साथ सुबह गंगा तट के लिए निकला और आस्था की डुबकी लगायी। इस दौरान रास्ते में अखाड़े के शिष्यों द्वारा तांडव नृत्य की प्रस्तुति की गई, जिसने पूरे वातावरण को भक्तिमय व अलौकिक बना दिया। अखाड़े के सदस्यों ने गंगा तट पहुंचकर सबसे पहले अपनी कुलदेवी बउचरा माता को गंगा स्नान कराया और फिर सामूहिक स्नान किया। इस दौरान अखाड़े की आचार्य महामंडलेश्वर कौशल्या नंद गिरी ने सभी श्रद्धालुओं से अपील की कि बांग्लादेश में जिस तरह से हिंदुओं का उत्पीडऩ हो रहा है, ऐसे में सभी सनातनियों के एकजुट होने का समय आ गया है। सभी सनातनी एकजुट होंगे तभी सुरक्षित रहेंगे।

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