रायबरेली। परिषदीय विद्यालयों में तीसरे चरण के हुए अन्तःजनपदीय स्थानान्तरण व समायोजन में जमकर मनमानी की गई है। शिक्षक विहीन व एकल विद्यालयों में सरप्लस अध्यापकों को समायोजित करते समय पूरी मनमानी की है। गलत तरीके से किए गए समायोजन के खिलाफ आवाज उठाते हुए राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ (RSM) ने जिलाधिकारी से लेकर बीएसए को ज्ञापन देकर समायोजन को निरस्त किए जाने की मांग की है।
मानकों की अनदेखी और ‘पिक एंड चूज’ की नीति
राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ (RSM) के जिलाध्यक्ष वीरेंद्र सिंह ने बताया कि जिला स्तर पर सरप्लस शिक्षकों का निर्धारण एवं विद्यालय आवंटन में एकरूपता न होकर मनमाने तरीके से अलग-अलग मानक अपनाये गए हैं। जिससे जनपद के कई विकास खण्डों में कहीं वरिष्ठ शिक्षक तो कहीं कनिष्ठ शिक्षकों को सरप्लस मानकर समायोजित कर दिया गया है। समायोजन में संविदा पर कार्यरत शिक्षामित्रों व अनुदेशकों की शिक्षक के रूप में गणना की गई है, जो पूर्व में निर्गत विभागीय आदेशों/निर्देशों के विधि विरुद्ध है।
बिना विकल्प लिए ‘गुपचुप’ समायोजन
प्रदेश के अधिकांश जनपदों में सरप्लस शिक्षकों से विकल्प लेकर विद्यालय आवंटित किये गए हैं, जबकि जिले में बिना विकल्प लिए ही गुपचुप तरीके से शिक्षकों को अन्य विद्यालयों में समायोजित कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि सरेनी ब्लॉक में प्राथमिक विद्यालय भोजपुर में छात्र संख्या 224 के सापेक्ष 8 शिक्षक कार्यरत हैं विद्यालय की दो शिक्षिकाओं को उनके विद्यालय से लगभग 20 किमी दूरस्थ विद्यालय प्राथमिक विद्यालय कंजास में समायोजित कर दिया गया है जबकि ब्लॉक के ही अन्य विद्यालयों में प्राथमिक विद्यालय हरीपुर में 60 छात्रों के सापेक्ष 04 शिक्षक तथा दो शिक्षामित्र और प्रा०वि० मलकेगांव प्रथम में 64 छात्रों के सापेक्ष 04 शिक्षक और दो शिक्षामित्र कार्यरत हैं। इनमें से किसी का भी स्थानांतरण नहीं किया गया है।
जिला संगठन मंत्री मधुकर सिंह ने बताया कि दीनशाह गौरा के ब्लॉक में कन्या उच्च प्राथमिक विद्यालय टीकर आगाचीपुर में 80 छात्रों के सापेक्ष 03 शिक्षक कार्यरत है जो कि विभागीय नियमानुसार सरप्लस नहीं हैं। जबकि विद्यालय के विज्ञान शिक्षक भूपेन्द्र सिंह को सरप्लस मानते हुए उच्च प्राथमिक विद्यालय पूरे रूप पयागपुर में समायोजित/स्थानांतरित कर दिया गया है, जहां पहले से ही विज्ञान विषय का एक शिक्षक नियुक्त है।
इसी ब्लॉक से प्राथमिक विद्यालय सुट्टा में कार्यरत प्रियंका सिंह का 15 किलोमीटर दूर प्रा०वि० हजरतपुर में समायोजित कर दिया गया है, जबकि उनके नजदीक ही प्रा०वि० राठौर का पुरवा, प्रा०वि० कटरा कलां, प्रा०वि० चंडरई चरुहार और प्रा०वि० बड़ा का पुरवा आदि एकल विद्यालय हैं।
जिला महामंत्री संजय कनौजिया ने बताया कि सलोन ब्लॉक के कम्पोजिट विद्यालय जौदहा में कार्यरत इंचार्ज प्रधानाध्यापक मदनलाल वैश्य अपने विद्यालय में एकमात्र विज्ञान/ गणित के शिक्षक के रूप में कार्यरत हैं, किंतु इनका समायोजन उच्च प्राथमिक विद्यालय सैदपुर विकास खंड सलोन में कर दिया गया है। जबकि विभागीय नियमानुसार प्रत्येक उच्च प्राथमिक विद्यालय में गणित व विज्ञान का एक शिक्षक होना अनिवार्य है। ऐसे ही छतोह ब्लॉक में कम्पोजिट विद्यालय काजीपुर तेलियानी में कार्यरत अध्यापक दिनेश कुमार के विद्यालय की छात्र संख्या 93 है, जबकि विद्यालय को एकल करते हुए इनका समायोजन उच्च प्राथमिक विद्यालय पदमपुर में कर दिया गया है।
यू-डायस पोर्टल पर खेल और आंदोलन की चेतावनी
ऐसे महराजगंज ब्लॉक में प्राथमिक विद्यालय पोखरनी द्वितीय में अध्यापक आरती को उनके विद्यालय से 12 किलोमीटर दूर समायोजित कर दिया गया है, जबकि विद्यालय के पास ही प्राथमिक विद्यालय पोखरनी प्रथम एकल अध्यापकीय विद्यालय है। उन्होंने कहा कि समायोजित शिक्षकों को विद्यालय से कार्यमुक्त/कार्यभार ग्रहण कराये बिना ही यू-डायस पोर्टल पर उनके विद्यालय बदल दिये गए हैं, जो कि बेसिक शिक्षा विभाग में अब तक स्थापित विभागीय व्यवस्था/परम्परा के एकदम विपरीत है। बड़े स्तर पर जिले में मनमानी की गई हैं और अगर स्थानांतरण नहीं निरस्त हुआ तो फिर हम लोग धरना प्रदर्शन करेंगे।
इस मौके पर मीडिया प्रभारी जयकरन, ब्लाक अध्यक्ष सतांव अवनीश सिंह, महामंत्री डीह रवीन्द्र सिंह यादव,महामंत्री महराजगंज राकेश गौतम, का.अध्यक्ष सतांव योगेन्द्र यादव, संगठन मंत्री सतांव दिनेश सिंह, संयुक्त महामंत्री महराजगंज फूलचंद्र यादव, वरिष्ठ शिक्षक दीनशाह गौरा अश्वनी शर्मा आदि लोग उपस्थित रहे।
