मैनपुरी: 102 एंबुलेंस टीम बनी जीवनरक्षक, पोस्टपार्टम हेमरेज से जूझ रही प्रसूता की बचाई जान

मैनपुरी: जिले में 102 एंबुलेंस सेवा की टीम ने अपनी सूझबूझ से एक प्रसूता की जान बचा ली है। मामला सुल्तानगंज ब्लॉक के खेड़ा गांव का है। महिला रामवती (27) को घर पर डिलीवरी हो गई थी। डिलीवरी के पश्चात अत्यधिक रक्तस्राव या ब्लीडिंग (Postpartum Hemorrhage) शुरू हो गया था। अत्यधिक खून बहने से महिला की हालत बेहद गंभीर हो गई थी।
महिला की हालत को देखते हुए परिजन उसे लेकर नजदीक के एक निजी क्लीनिक पहुंचे जहां से डॉक्टर ने उसे तुरंत जिला अस्पताल (District Hospital) रेफर कर दिया। इसके बाद 102 नंंबर पर कॉल करके मदद मांगी। सूचना मिलते ही पीएचसी सुल्तानगंज की 102 एंबुलेंस बिना कोई देरी किए मौके पर पहुंच गई।
एंबुलेंस में तैनात ईएमटी (EMT) शालिनी सिंह और पायलट भुवनेश ने तुरंत स्थिति को संभाला। प्राथमिक जांच में महिला की पल्स रेट 138 प्रति मिनट और सांस लेने की दर 28 पाई गई। अत्यधिक खून बहने के कारण महिला हाइपोवोलेमिक शॉक (Hypovolemic Shock) में जा रही थी। उसका शरीर ठंडा और पीला पड़ चुका था, और वह केवल आवाज पर प्रतिक्रिया दे रही थी।
ईएमटी शालिनी सिंह ने तुरंत कॉल सेंटर में मौजूद डॉ. अशुभ रस्तोगी से फोन पर संपर्क किया। डॉक्टर के दिशा-निर्देश पर महिला को एंबुलेंस में ही शॉक पोजीशन में लिटाया गया। इसके साथ ही हाई-फ्लो ऑक्सीजन और आईवी (IV) फ्लूइड (Ringer’s Lactate) देना शुरू किया गया। रास्ते भर महिला के ब्लड प्रेशर, पल्स और ऑक्सीजन लेवल (SpO2) की लगातार निगरानी की गई।
मरीज को सुरक्षित रूप से मैनपुरी के जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। रास्ते में मिले इस प्री-हॉस्पिटल केयर से अस्पताल पहुंचने से पहले ही महिला के वाइटल (Vital Signs) में सुधार होने लगा। अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टर्स ने आगे मरीज को संभाला और इलाज किया। अब मरीज की हालत पूरी तरह से स्थिर हो गई। महिला के परिजनों ने इस जीवनरक्षक प्रयास के लिए ईएमटी शालिनी और पायलट भुवनेश के प्रति गहरा आभार व्यक्त किया है। साथ ही सरकार द्वारा चलाई जा रही एंबुलेंस सेवा को धन्यवाद दिया है।
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