आसानी से पता चल सकेगी एंजाइटी की वजह

Lucknow: सीने में तेज दर्द (Anxiety), सीढ़ी चढऩे में सांस फूलना और घबराहट जैसी कई दिक्कतों की वजह अब आसानी से मालूम चल सकेगी। किंग जार्ज मेडिकल यूनिर्विसिटी (KGMU) कॉर्डियोलॉजी विभाग (Cardiology Department) के डाक्टरों ने सोमवार को जब पहली बार कोरोवेंटिस सिस्टम के जरिए इन समस्याओं से ग्रसित मरीजों की जांच की तो पता चला कि उन्हें यह दिक्कत हार्ट की महीन नसों में रूकावट के कारण होती है, जो एंजियोग्राफी (Angiography) व अन्य जांचों से भी पकड़ में नहीं आती।
विभाग के डाक्टरों ने इटली के मिलान निवासी विशेषज्ञ डॉ. लुडोविका माल्टीज के निर्देशन में चार मरीजों में कोरोवेंटिस सिस्टम का उपयोग बीमारी की सटीक जांच की। इनमें पैर की नस में कैथेटर डाला गया। फिर नार्मल स्लाइन डालकर उसे बाहर से समय का आकलन किया गया। विभाग के प्रमुख डॉ. ऋषि सेठी (Dr. Rishi Sethi) ने बताया कि रूकावट की वजह से मरीज के सीने में दर्द की शिकायत होती है, लेकिन उनकी कोरोनरी धमनियों में गंभीर रुकावट नहीं पाई जाती। महीन व छोटी नसों में रुकावट होती है। कई बार एंजियोग्राफी के दौरान सटीक डायग्नोसिस नहीं बन पाती थी। बड़ी नसों में बेवजह स्टंट लगने की आशंका बनी रहती थी। कोरोवेंटिस सिस्टम के माध्यम से कोरोनरी फिजियोलॉजी का सटीक आकलन सम्भव हो गया है। इससे रुकावट का पता लगाया जा सकता है।
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डा. सेठी ने कहा कि यह तकनीक उन मरीजों के लिए अधिकार कारगर होगी जहां धमनियों में गंभीर रुकावट न होने पर भी लक्षण बने रहते हैं। इससे बेवजह स्टंट से बचाव संभव होगा। मरीजों को सटीक इलाज मिल सकेगा। डॉ. अक्षय प्रधान (Dr. Akshay Pradhan) ने बताया कि यह तकनीक विशेष रूप से उन मरीजों में अत्यंत उपयोगी होगी जहां धमनियों में गंभीर रुकावट नहीं होने के बावजूद लक्षण बने रहते हैं।
महिलाओं को अधिक होती है यह समस्या
इस प्रक्रिया को करने वाले विभाग के डा. अभिषेक सिंह(Dr. Abhishek Singh) ने बताया कि यह समस्या महिलाओं को अधिक होती है। उन्होंने बताया कि करीब 80 फीसदी महिलाओं को मीनोपॉज के बाद ऐसी दिक्कतें होती हैं। वह सीने में दर्द व काम करते समय सांस लेने में दिक्कत की शिकायत लेकर आती हैं। एंजियोग्राफी व अन्य जांचों के बाद भी बीमारी की मुख्य वजह नहीं पता चल पाती है और यह माना जाता है कि तनाव व मानसिक अवसाद के कारण उन्हें ऐसा हो रहा है। अब इस जांच के जरिए सही जांच व इलाज हो सकेगा।




