ग्रेड वेतन की मांग पूरी नहीं हुई तो करेंगे ‘वोट की चोट’: सुशील त्रिपाठी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश मिनिस्टीरियल कलेक्ट्रेट कर्मचारी संघ की प्रांतीय कार्यकारिणी की त्रैमासिक बैठक सोमवार को प्रांतीय कार्यालय लखनऊ में संपन्न हुई। बैठक में कर्मचारियों ने सरकार के प्रति कड़ा रोष व्यक्त करते हुए स्पष्ट किया कि यदि ग्रेड वेतन की मांग पूरी नहीं हुई, तो आगामी समय में कर्मचारी ‘वोट की चोट’ से इसका जवाब देंगे।
2017 से अब तक केवल शोषण
बैठक की अध्यक्षता करते हुए प्रांतीय अध्यक्ष सुशील कुमार त्रिपाठी ने कहा कि वर्ष 2017 से अब तक सरकार ने कर्मचारियों और उनके परिवारों का केवल शोषण किया है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2016 में राजस्व परिषद द्वारा कलेक्ट्रेट को विशेष प्रतिष्ठा प्रदान करते हुए ग्रेड वेतन उच्चीकृत करने की संस्तुति की गई थी, लेकिन 7 साल बीत जाने के बाद भी इसे कैबिनेट के समक्ष नहीं रखा गया। यह सरकार की कर्मचारी विरोधी मानसिकता को दर्शाता है।
60 प्रतिशत पद खाली, कर्मचारियों पर बढ़ा दबाव
बैठक में यह मुद्दा भी प्रमुखता से उठा कि प्रदेश में स्वीकृत पदों के सापेक्ष लगभग 60 प्रतिशत पद खाली पड़े हैं। भर्ती प्रक्रिया न होने के कारण एक कर्मचारी को दो से तीन पटलों (Desks) का कार्य करना पड़ रहा है। प्रांतीय महामंत्री अजीत उपाध्याय ने कहा कि कर्मचारी मानसिक दबाव और गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे हैं, जबकि सरकारअपने ही शासनादेशों का पालन नहीं कर रही है।
पुरानी पेंशन के लिए एकजुटता की अपील
पुरानी पेंशन बहाली के मुद्दे पर सुशील त्रिपाठी ने सभी शिक्षक, कर्मचारी और अधिकारी संगठनों से एकजुट होने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि जब तक सभी संगठन एक साथ आकर निर्णायक संघर्ष नहीं करेंगे, तब तक पुरानी पेंशन की बहाली संभव नहीं है।

बैठक में सर्वसम्मति से कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए:
1. मांगों की पूर्ति के लिए चरणबद्ध तरीके से आंदोलन चलाया जाएगा।
2. शशिभूषण तिवारी (प्रांतीय मीडिया प्रभारी) को संविधान संशोधन समिति का अध्यक्ष नामित किया गया।
3. संघ का 60वां प्रांतीय अधिवेशन जौनपुर, झांसी या गौतमबुद्ध नगर में से किसी एक जनपद में आयोजित होगा।
4. प्रांतीय अध्यक्ष सुशील कुमार त्रिपाठी और वर्तमान कार्यकारिणी आगामी अधिवेशन तक कार्य करती रहेगी।
बैठक में अजीत उपाध्याय (महामंत्री), राजीव कुमार श्रीवास्तव, इदरीश खान, अयोध्या यादव, नरेंद्र सिंह सहित 41 जनपदों के जिला अध्यक्षों और पदाधिकारियों ने प्रतिभाग किया।



