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प्रदेश में अब 13.39 करोड़ से अधिक मतदाता, 2 करोड़ वोटर के नाम कटे, CEO ने दी जानकारी

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में लोकतंत्र की नई तस्वीर साफ हो गई है। प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) नवदीप रिनवा ने शुक्रवार को निर्वाचक नामावलियों (Voter List) के अंतिम प्रकाशन के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस कर प्रदेश की नई चुनावी ताकत का ब्यौरा पेश किया। विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision-SIR) अभियान के बाद उत्तर प्रदेश में मतदाताओं का कुल आंकड़ा 13.39 करोड़ के पार पहुंच गया है।

महिलाओं ने तोड़ा रिकॉर्ड, युवाओं में दिखा उत्साह

इस बार की मतदाता सूची न केवल बड़ी है, बल्कि अधिक समावेशी भी है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि पुनरीक्षण अभियान के दौरान महिलाओं की भागीदारी ने नया कीर्तिमान स्थापित किया है।

  • नए पंजीकरण: अभियान के दौरान कुल 86.69 लाख आवेदन (प्रपत्र-6) प्राप्त हुए।

  • महिला शक्ति: नए आवेदकों में महिलाओं की संख्या 43.62 लाख रही, जो पुरुषों (43.06 लाख) के मुकाबले अधिक है।

  • जेंडर रेशियो में सुधार: महिलाओं के पंजीकरण में आई इस तेजी से प्रदेश के जेंडर रेशियो (लिंगानुपात) में भी सकारात्मक सुधार दर्ज किया गया है।

नामावली का ‘शुद्धिकरण’: 2.89 करोड़ नाम हटाए गए

निर्वाचन आयोग ने इस बार मतदाता सूची की पारदर्शिता और शुद्धता पर विशेष जोर दिया। डेटा में दोहराव और फर्जीवाड़े को रोकने के लिए बड़े पैमाने पर विलोपन (Deletion) की प्रक्रिया अपनाई गई।

  • कुल 2.89 करोड़ मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए हैं।

  • इसमें 46 लाख से अधिक मृत मतदाता, 2.17 करोड़ ऐसे लोग जो उस स्थान से कहीं और चले गए (Shifted) और 25.47 लाख डुप्लीकेट नाम शामिल थे।

पारदर्शिता के साथ शिकायतों का त्वरित निस्तारण

CEO नवदीप रिनवा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि पूरी प्रक्रिया को विवाद रहित बनाने के लिए राजनीतिक दलों के साथ जमीनी स्तर पर 3,000 से अधिक बैठकें की गईं।

घर बैठे चेक करें अपना नाम

मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन के बाद अब कोई भी नागरिक निर्वाचन आयोग की आधिकारिक वेबसाइट voters.eci.gov.in पर जाकर अपना नाम चेक कर सकता है। यदि अभी भी किसी पात्र व्यक्ति का नाम सूची में दर्ज नहीं है, तो वे ऑनलाइन या ऑफलाइन माध्यम से प्रपत्र-6 (Form-6) भरकर अपना नाम दर्ज कराने के लिए आवेदन कर सकते हैं।

“निर्वाचन आयोग का लक्ष्य था कि एक भी पात्र व्यक्ति का नाम न छूटे और किसी भी अपात्र का नाम सूची में न रहे। नेशनल ग्रीवेंस सर्विस पोर्टल पर प्राप्त 92,497 शिकायतों में से 99.24% का निस्तारण कर हमने इस लक्ष्य को प्राप्त करने का प्रयास किया है।” — नवदीप रिनवा, मुख्य निर्वाचन अधिकारी, उत्तर प्रदेश

 

Sunil Yadav

संपादक, लेखक और अनुभवी पत्रकार हैं। वे दैनिक जागरण, आईनेक्‍स्‍ट, कैनविज टाइम्‍स और दैनिक जागरण आईनेक्‍स्‍ट से जुड़े रहे हैं। वह मुख्य रूप से उत्तर प्रदेश की राजनीति, प्रशासनिक ख़बरों, स्वास्थ्य सेवाओं, टेक्‍नोलॉजी से जुड़े विषयों पर लिखते हैं। ट्विटर (X) पर उनसे @sunilyadav21 पर जुड़ सकते हैं।

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