नई दिल्ली — टेक दिग्गज ऐपल द्वारा पेश की गई नई आईफोन सीरीज की कीमतों ने भारतीय टेक बाजार और रिटेलर्स को हिलाकर रख दिया है। भारत में नए iPhone 18 Pro, iPhone 18 Pro Max और कंपनी के पहले फोल्डेबल फोन iPhone Duo की कीमतें अंतरराष्ट्रीय बाजारों—विशेषकर अमेरिका और दुबई—की तुलना में 40% से 50% तक अधिक तय की गई हैं।
कीमतों में इस भारी अंतर के चलते मार्केट रिसर्च एजेंसियों (IDC India और Counterpoint Research) ने भारत में आईफोन की यूनिट बिक्री के अनुमान में कटौती कर दी है। वर्ष 2026 में पहली बार भारत में आईफोन की सालाना यूनिट बिक्री में गिरावट (low single digits) दर्ज होने की संभावना जताई जा रही है।
अंतरराष्ट्रीय बाजारों के मुकाबले भारत में कीमतें (The India Markup)
भारत और अन्य वैश्विक बाजारों में नए मॉडलों की कीमतों का सीधा अंतर:
| मॉडल | स्टोरेज वेरिएंट | भारत में कीमत (₹) | अमेरिका में कीमत (₹) | चीन में कीमत (₹) | हॉन्गकॉन्ग में कीमत (₹) |
| iPhone 18 Pro | 256GB | ₹1,64,900 | ₹1,14,576 | ₹1,42,230 | ₹1,27,798 |
| iPhone 18 Pro | 512GB | ₹1,89,900 | ₹1,33,688 | ₹1,70,679 | ₹1,49,708 |
| iPhone 18 Pro Max | 256GB | ₹1,79,900 | ₹1,24,132 | ₹1,56,454 | ₹1,39,970 |
| iPhone 18 Pro Max | 512GB | ₹2,04,900 | ₹1,43,244 | ₹1,84,903 | ₹1,61,881 |
| iPhone Duo (Foldable) | 256GB | ₹2,99,900 | ₹1,91,024 | ₹2,27,576 | ₹2,13,005 |
| iPhone Duo (Foldable) | 512GB | ₹3,24,900 | ₹2,10,136 | ₹2,56,025 | ₹2,34,910 |
नोट: फोल्डेबल iPhone Duo के टॉप स्टोरेज वेरिएंट की कीमत भारत में ₹4,49,900 तक पहुंचती है, जबकि अमेरिका में इसका बेस मॉडल लगभग ₹1.92 लाख में उपलब्ध है।
भारत में इतनी ऊंची कीमतों के 3 मुख्य कारण
बाजार विश्लेषकों के अनुसार, भारत में नई डिवाइसों पर 40% से अधिक का अतिरिक्त बोझ मुख्य रूप से करों और विदेशी मुद्रा विनिमय दरों की वजह से पड़ा है:
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स्थानीय उत्पादन (Local Manufacturing) का न होना: नए फोल्डेबल iPhone Duo का शुरुआती लॉट भारत में असेंबल नहीं होगा। पूरी तरह बाहर से आयात (Import) होने के कारण इस पर 17% बेसिक इंपोर्ट ड्यूटी लग रही है।
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जीएसटी और टैक्स स्लैब: आयातित डिवाइस पर सीधे तौर पर 18% गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (GST) जुड़ता है।
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कमजोर रुपया (Forex Impact): अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपये में आई गिरावट ने कीमतों पर 5% से 6% का सीधा विदेशी मुद्रा प्रभाव डाला है।
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पुराने मॉडलों के दाम भी 20% से 29% तक बढ़े
नए लॉन्च के साथ ही कंपनी ने अपने पुराने मॉडलों के दामों में भी भारी बढ़ोतरी कर दी है। वैश्विक स्तर पर जहाँ कीमतों में $100 की सामान्य वृद्धि हुई, वहीं भारत में यह ₹15,000 से ₹30,000 तक की रातों-रात वृद्धि में बदल गई।
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बजट और मिड-प्रीमियम सेगमेंट का विकल्प माने जाने वाले iPhone 17 (256GB) के दामों में भारत में 20.5% की भारी वृद्धि दर्ज की गई, जबकि अमेरिका में यह बढ़ोतरी मात्र 12.5%, यूएई में 11.8% और चीन में 10.0% रही।
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पुराने मॉडल्स के महंगे होने से उन ग्राहकों का विकल्प भी सीमित हो गया है जो नए मॉडल की ऊंची कीमत देखकर पिछले जनरेशन के फोन खरीदने की योजना बना रहे थे।
रिटेलर्स की चिंता और ग्रे मार्केट (Grey Market) का खतरा
कीमतों के इस बड़े अंतर से भारतीय मोबाइल रिटेलर्स और ट्रेड एसोसिएशन (AIMRA) में गहरी चिंता है:
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विदेशों से निजी खरीद: अमेरिका, दुबई या सिंगापुर आने-जाने वाले संपन्न उपभोक्ता इन डिवाइसों को सीधे विदेश से खरीदेंगे, जहाँ उन्हें स्थानीय टैक्स रिफंड भी मिल जाता है।
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ग्रे मार्केट को बढ़ावा: हॉन्गकॉन्ग और दुबई के बीच कीमतों में प्रति डिवाइस ₹1 लाख से ₹1.4 लाख तक का अंतर होने से अवैध आयात और ग्रे मार्केट नेटवर्क के तेजी से सक्रिय होने की आशंका है, जिससे अधिकृत रिटेल स्टोर्स और सरकारी राजस्व दोनों को नुकसान पहुंचेगा।
Fact-Check Note: अंतरराष्ट्रीय कीमतें (अमेरिका, चीन, हॉन्गकॉन्ग) विदेशी मुद्रा विनिमय दरों के अनुसार भारतीय रुपये में परिवर्तित हैं। भारत में फोन की अंतिम कीमतों में 17% बेसिक सीमा शुल्क (BCD) और 18% वस्तु एवं सेवा कर (GST) सम्मिलित हैं। रूपये की कीमतों में उतार चढ़ाव और स्थानीय राज्यों में अतिरिक्त स्थानीय शुल्कों के आधार पर दरों में मामूली अंतर संभव है।
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