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UP News: हाई रिस्‍क प्रेगनेंसी केस में 3.5 ग्राम हीमोग्‍लोबिन वाली प्रसूता की एंबुलेस में सुरक्षित डिलीवरी, 102 टीम ने बचाई दो जिंदगियां

खंडासा सीएचसी में स्थिति गंभीर होने के कारण डॉक्‍टर ने इमरजेंसी से राजा दशरथ मेडिकल कॉलेज के लिए किया था रेफर

अयोध्या: जिले में 102 एंबुलेंस सेवा की टीम ने सूझबूझ का परिचय देते हुए एक हाईरिस्क प्रेगनेंसी (High Risk Pregnancy) केस में प्रसूता की एंबुलेंस में ही सुरक्षित डिलीवरी कराई है। गंभीर एनीमिया (मात्र 3.5 ग्राम हीमोग्लोबिन) से पीडि़त रूचि‍ (29) को प्रसव पीड़ा बढ़ने पर राजा दशरथ मेडिकल कॉलेज ले जाया जा रहा था, तभी रास्ते में समस्‍या बढ़ने पर प्रसव कराना पड़ा। एम्‍बुलेंस कर्मचारी ईएमटी प्रतीक्षा पांडेय और पायलट सुरेश रावत के द्वारा समय पर किए गए प्रयासों से जच्चा और बच्चा दोनों सुरक्षित हैं।

गंभीर एनीमिया के चलते हायर सेंटर रेफर हुई थी प्रसूता

खंडासा ब्‍लॉक के अमानीगंज सूफी निवासी रुचि देवी (29) को प्रसव पीड़ा बढ़ने पर प्ररिजनों ने 102 सेवा में कॉल करके अस्‍पताल जाने के लिए एंबुलेंस की मदद मांगी थी। जिसके बाद 102 सेवा की एंबुलेंस लेकर पायलट सुरेश रावत और ईएमटी प्रतीक्षा पांडेय पहुंचे। उन्‍होंने रास्‍ते में मरीज की जांच की तो मरीज एनीमिया से पीडि़त थी और हीमोग्‍लोबिन सिर्फ 3.5 था। जांच में ब्‍लड प्रेशर भी बहुत अधिक था। कुछ ही देर में मरीज को लेकर एंबुलेंस सामुदायिक स्‍वास्‍थ्‍य केंद्र (सीएचसी) खंडासा पहुंच गई।

यहां पर डॉक्‍टर ने जांच कर खून की कमी और अन्‍य दिक्‍कतों को देखते हुए मरीज को तत्‍काल राजा दशरथ मेडिकल कॉलेज के लिए रेफर कर दिया। मरीज को पहले घर से अस्पताल लाने वाली एंबुलेंस टीम वहीं मौजूद थी, जिसने बिना समय गंवाए मरीज को हायर सेंटर ले जाने के लिए तैयारी शुरू की। पायलट सुरेश रावत की मदद से मरीज को सुरक्षित एंबुलेंस में शिफ्ट किया गया और ‘लेफ्ट लेटरल’ स्थिति में लिटाया गया।

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रास्ते में बढ़ी प्रसव पीड़ा, ईएमटी ने संभाला मोर्चा

ईएमटी प्रतीक्षा पांडेय ने बताया कि रास्‍ते में प्रसव पीड़ा बढ़ गई और मरीज की हालत बिगड़ रही थी। जिसके बाद हमने 102 कॉल सेंटर में मौजूद डॉ. आशुतोष रस्तोगी से बात की और उनके निर्देश पर टेली-कंसल्टेशन के जरिए प्राथमिक उपचार शुरू किया गया। कुछ ही देर में ‘क्राउनिंग’ (शिशु का सिर दिखाई देना) की स्थिति शुरू हो गई।

स्थिति को देखते हुए हुए डॉक्‍टर की सलाह से ईएमटी प्रतीक्षा पांडेय ने अस्पताल पहुंचने से पहले ही एंबुलेंस में प्रसव कराने का निर्णय लिया। सभी दिशा निर्देशों का पालन करते हुए आपातकालीन डिलीवरी किट की मदद से ईएमटी ने सामान्य प्रसव (वजाइनल डिलीवरी) संपन्न कराया।

जच्चा और बच्चा दोनों पूरी तरह स्वस्थ

डिलीवरी के बाद नवजात का एयरवे साफ किया गया और उसे थर्मल केयर प्रदान की गई। वहीं, प्रसव के तीसरे चरण में अत्यधिक रक्तस्राव के खतरे को रोकने के लिए डॉक्टर के टेलीफोनिक मार्गदर्शन में गर्भाशय की आवश्यक मसाज की गई और प्लेसेंटा को सुरक्षित बाहर निकाला गया।

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इसके बाद जच्‍चा बच्‍चा दोनों को आरडी मेडिकल कॉलेज में सुरक्षित भर्ती करा दिया गया, जहां डॉक्टरों ने एंबुलेंस टीम के त्वरित प्रबंधन की सराहना की। मरीज के परिजनों व रूचि देवी के पति दुर्गा प्रसाद ने 102 एंबुलेंस टीम का आभार जताते हुए कहा कि अत्यधिक दर्द और गंभीर स्थिति के बीच टीम की तत्परता से ही दोनों की जान बच सकी।

दुर्गा प्रसाद ने 102 सेवा के साथ प्रदेश सरकार की ओर से चलाई जा रही एंबुलेंस सेवा की भी सराहना की। एंबुलेंस सेवा के कारण जच्‍चा बच्‍चा दोनों सुरक्षित हैं।

गौरतलब है कि उत्‍तर प्रदेश सरकार की ओर से 102 एंबुलेंस सेवा का संचालन किया जा रहा है, यह सेवा गर्भवती महिलाओं और 2 वर्ष तक के बच्‍चों को अस्‍पताल ले जाती है। इलाज के बाद पुन: काल करने पर वापस घर भी पहुंचाती है। सरकार की ओर से यह सेवा प्रदेश भर में फ्री है।

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Sunil Yadav

संपादक, लेखक और अनुभवी पत्रकार हैं। वे दैनिक जागरण, आईनेक्‍स्‍ट, कैनविज टाइम्‍स और दैनिक जागरण आईनेक्‍स्‍ट से जुड़े रहे हैं। वह मुख्य रूप से उत्तर प्रदेश की राजनीति, प्रशासनिक ख़बरों, स्वास्थ्य सेवाओं, टेक्‍नोलॉजी से जुड़े विषयों पर लिखते हैं। ट्विटर (X) पर उनसे @sunilyadav21 पर जुड़ सकते हैं।

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