
लखनऊ। नेशनल मेडिकोज ऑर्गेनाइजेशन (NMO) के प्रादेशिक प्रतिनिधिमंडल ने उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री एवं चिकित्सा, स्वास्थ्य व चिकित्सा शिक्षा मंत्री ब्रजेश पाठक से अहम बैठक की।
इस बैठक के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने स्वास्थ्य कर्मियों, मेडिकल छात्रों और चिकित्सकों के हित में किए जा रहे कार्यों के लिए राज्य सरकार का आभार जताया। विशेष रूप से इंटर्न छात्रों के मानदेय में वृद्धि और नॉन-पीजी रेजिडेंट्स के वेतन में एकरूपता लाने के प्रयासों के लिए डिप्टी सीएम को धन्यवाद दिया गया।
प्रतिनिधिमंडल ने चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था से जुड़े कई प्रमुख मुद्दों को डिप्टी सीएम के समक्ष रखा।

प्रमुख मांगें और चर्चा के मुख्य बिंदु:
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चिकित्सा शिक्षा विभाग में डीजी नियुक्ति: विभाग में महानिदेशक (DG) के पद पर किसी वरिष्ठ चिकित्सा शिक्षक को ही नियुक्त किया जाए।
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रिसर्च और कॉन्फ्रेंस अलाउंस: चिकित्सकों के प्रशिक्षण और शोधपत्र प्रस्तुति के लिए कॉन्फ्रेंस व रिसर्च अलाउंस की व्यवस्था शुरू की जाए।
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पे प्रोटेक्शन का लाभ: सेवारत चिकित्सकों को नियमानुसार पे प्रोटेक्शन का लाभ मिले।
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दवाओं की उपलब्धता: यूपीएमएससीएल (UPMSCL) के माध्यम से विभिन्न चिकित्सालयों को उपलब्ध कराई जाने वाली जीवनरक्षक दवाओं की आपूर्ति बढ़ाई जाए।
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छात्रावासों की स्थिति में सुधार: मेडिकल कॉलेजों में छात्र-छात्राओं के हॉस्टल के न्यूनतम मानक तय कर उनकी स्थिति बेहतर की जाए।
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छात्र कल्याण समिति: प्रत्येक मेडिकल कॉलेज में स्टूडेंट वेलफेयर कमेटी का अनिवार्य गठन हो।
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समयबद्ध पदोन्नति: चिकित्सकों और शिक्षकों की प्रोन्नति के लिए नियमित अंतराल पर इंटरव्यू आयोजित किए जाएं।
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निजी व पीएमएस कैडर के मुद्दे: निजी चिकित्सकों एवं प्रांतीय चिकित्सा सेवा (PMS) संवर्ग से जुड़ी समस्याओं पर भी विस्तार से बातचीत हुई।
डिप्टी सीएम ने दिए समाधान के निर्देश
NMO भारत के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य एवं राष्ट्रीय बौध्दिक टोली सदस्य डॉ भूपेंद्र सिंह ने बताया कि उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने सभी बिंदुओं पर सकारात्मक रुख दिखाते हुए कुछ समस्याओं के तत्काल समाधान के लिए संबंधित वरिष्ठ अधिकारियों को मौके पर ही निर्देश दिए।

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बैठक में बीएचयू (BHU) वाराणसी में एनएचएम (NHM) और सरकारी सहयोग से कॉकलियर इम्प्लांट (Cochlear Implant) उपलब्ध कराने के प्रस्ताव पर सहमति बनी। इसके साथ ही, बच्चों में ऑटिज्म के बढ़ते मामलों को देखते हुए चिकित्सा संस्थानों में संबंधित विशेषज्ञ डॉक्टरों और आवश्यक पैरामेडिकल स्टाफ की भर्ती को प्राथमिकता देने पर भी सैद्धांतिक सहमति जताई गई।
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बैठक में ये रहे मौजूद
इस बैठक का समन्वय NMO के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य प्रो. विश्वंभर सिंह एवं डॉ. भूपेंद्र सिंह ने किया। बैठक में NMO पश्चिम उत्तर प्रदेश क्षेत्र के महामंत्री डॉ. विनोद, मेरठ प्रांत अध्यक्ष प्रो. ज्ञानेश्वर टोंक, अवध प्रांत संगठन मंत्री डॉ. कपिल शर्मा व डॉ. जयराम, कानपुर प्रांत अध्यक्षा प्रो. आरती लाल चंदानी, गोरक्ष प्रांत महामंत्री डॉ. अमित सिंह, पूर्वी उत्तर प्रदेश अध्यक्ष डॉ. कमलाकर सिंह, काशी सचिव डॉ. राजेश राय और सेवा भारती से जुड़े डॉ. अतुल सिंह प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।
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