
लखनऊ: सीएसआईआर–केंद्रीय औषधि अनुसंधान संस्थान (CSIR-CDRI), लखनऊ के तीन वैज्ञानिकों को नेशनल एकेडमी ऑफ साइंसेज, इंडिया (NASI) ने वैज्ञानिक अनुसंधान में उनके योगदान के लिए सम्मानित किया है। संस्थान के मुख्य वैज्ञानिक डॉ. दीपक दत्ता और वैज्ञानिक ‘जी’ डॉ. मनोज के. बर्थवाल को वर्ष 2026 के लिए NASI फेलो निर्वाचित किया गया है, जबकि वैज्ञानिक ‘ई’ डॉ. रविंद्र कुमार का अकादमी के सदस्य के रूप में चयन हुआ है।
यह सम्मान देश की सबसे पुरानी विज्ञान अकादमी की ओर से उन शोधकर्ताओं को दिया जाता है, जिनके कार्य का विज्ञान और समाज दोनों पर प्रभाव पड़ता है। सीडीआरआई के लिए यह उपलब्धि इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि तीनों वैज्ञानिक ऐसे क्षेत्रों में काम कर रहे हैं जो सीधे स्वास्थ्य चुनौतियों से जुड़े हैं — कैंसर, हृदय रोग और नई दवाओं का रसायन।
कैंसर मेटास्टेसिस पर शोध
डॉ. दीपक दत्ता कैंसर बायोलॉजी प्रभाग के प्रमुख हैं। उन्हें कैंसर मेटास्टेसिस, विशेष रूप से ट्रिपल नेगेटिव ब्रेस्ट कैंसर (TNBC), के क्षेत्र में किए गए कार्य के लिए फेलो चुना गया है। TNBC अभी भी उपचार की दृष्टि से कठिन कैंसर माना जाता है।

उनके शोध का जोर प्रयोगशाला से आगे बढ़कर चिकित्सकीय उपयोग तक पहुंचने पर है। संस्थान के अनुसार उनके नेतृत्व में विकसित लघु-अणु कैंसररोधी प्रत्याशी Smac mimetic S016-1348 अब IND फाइलिंग और मानव नैदानिक परीक्षणों की तैयारी में है। उनके कार्य के परिणामस्वरूप अनेक उच्च प्रभाव वाली शोध-पत्रिकाओं में प्रकाशन तथा पेटेंट आवेदन हुए हैं।
हार्ट रिसर्च में डॉ. मनोज के. बर्थवाल का योगदान
डॉ. मनोज के. बर्थवाल को हृदय और कार्डियो-मेटाबोलिक बीमारियों पर शोध के लिए NASI द्वारा यह सम्मान मिला है। उन्होंने सूजन और हार्ट ब्लॉकेज (एथेरोस्क्लेरोसिस) के बीच के संबंध को उजागर किया है। उनके शोध से दिल से जुड़ी गंभीर बीमारियों की पहचान और इलाज के नए तरीके विकसित करने में बड़ी मदद मिली है। हृदय रोगों की पहचान और उपचार में इसका उपयोग की काफी संभावनाए हैं। डॉ. मनोज के. बर्थवाल फार्माकोलॉजी प्रभाग से जुड़े हैं।

नई दवाओं के फॉर्मूले बना रहे डॉ. रविंद्र कुमार
डॉ. रविंद्र कुमार को औषधीय रसायन विज्ञान (Medicinal Chemistry) में उनके बेहतरीन काम के लिए अकादमी का सदस्य चुना गया है। वह नई दवाओं के रासायनिक ढांचे (sp³-rich molecular architecture) तैयार करने पर काम कर रहे हैं। हाल ही में वर्ष 2026 में उनका अहम शोध मशहूर विज्ञान पत्रिका ‘Nature Chemistry’ में भी प्रकाशित हुआ है। डॉ. रविंद्र कुमार मेडिसिनल एंड प्रोसेस केमिस्ट्री प्रभाग में वैज्ञानिक ‘ई’ हैं। उनका चयन औषधीय रसायन विज्ञान में योगदान के लिए हुआ है।

CDRI की निदेशक Dr. Radha Rangarajan और पूरे सीडीआरआई परिवार ने डॉ. दीपक दत्ता, डॉ. मनोज के. बार्थवाल और डॉ. रविंद्र कुमार को इस बड़ी उपलब्धि पर बधाई दी है।
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