लोहिया संस्थान के स्थापना दिवस पर बोले योगी आर्गन ट्रांसप्लांट की वेटिंग कम करने पर काम करें

लोहिया संस्थान का षष्ठम स्थापना दिवस समारोह
Lucknow: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) ने कहा कि आज बड़ी संख्या में लोगों को आर्गनट्रांसप्लांट (Organ transplant) की जरूरत है। वेटिंग लिस्ट बहुत ही लम्बी है। जरूरत है कि इस लिस्ट को काम किया जाए। मरीजों को पर्याप्त इलाज मिले इसके लिए हर संभव प्रयास किया जाना चाहिए। कोई भी मरीज बगैर इलाज अस्पताल से वापस न जाए।
सीएम डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान (RMLIMS) के छठे स्थापना दिवस समारोह को सम्बोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंन संस्थान मे बनने वाली आर्गनट्रांसप्लांट यूनिट और 40 बेड के नए वार्ड का लोकार्पण भी किया। सीएम ने कहा कि संस्थान तेजी से आगे बढ़ रहा है। संस्थान में रोबोटिक सर्जरी व ट्रांसप्लांट जैसी कई आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं मिल रही हैं। चिकित्सकों को इसे और आगे बढ़ाना होगा। उन्होंने प्रदेश के चिकित्सा क्षेत्र में होने वाले विकास पर भी चर्चा की। बताया कि आज राज्य में मेडिकल कालेज की संख्या बढ़ रही है ताकि अधिक से अधिक डाक्टर तैयार किए जा सकें।

सरकार सुविधाएं उपलब्ध करा सकती है मगर उस पर काम एक चिकित्सक को ही करना होता है। समारोह में डिप्टी सीएम बृजेश पाठक ने कहा कि आज मरीज पीजीआई के बाद लोहिया संस्थान में इलाज करना चाहता है। यह आपकी मेहनत और लगन से हुआ है। रिसर्च के क्षेत्र में भी लोहिया तेजी से आगे बढ़ रहा है। इसकी पूरी उम्मीद है कि आने वाले समय में चिकित्सा के क्षेत्र में नोबल भी इस संस्थान के नाम होगा। हर मरीजों का पूर्ण इलाज उपलब्ध कराना सभी की जिम्मेदारी है। इसमें जूनियर रेजिडेंट की सबसे बड़ी भूमिका है। सीनियर चिकित्सक की जिम्मेदारी जेआर को सम्पूर्ण ज्ञान दें ताकि वह अपने क्षेत्र में आगे बढ़ता रहे। टेक्टिकल स्टाफ में बढ़ोतरी की जाएगी। बताया कि नये 194 कर्मियों को जल्द ही नियुक्ति पत्र मिलेगा। प्रदेश में चिकित्सा सुविधाएं बढऩे से मेडिकल टूरिज्म भी राज्य में बढ़ गया है। प्रदेश में अब एक साल में 35 करोड़ से ज्यादा मरीजों का इलाज कर रहे है।
निदेशक ने पेश की वार्षिक रिपोर्ट

संस्थान की प्रगति रिपोर्ट पेश करते हुए निदेशक (Director) डॉ. सीएम सिंह बताया प्रतिदिन लगभग 5,000 की ओपीडी होती है जबकि 600 आपातकालीन मरीजों को चिकित्सा सेवाएं प्रदान की जा रही है। एक वर्ष में 10 लाख से अधिक वाह्यï रोगी परामर्श, 85 हजार से अधिक मरीजों को भर्ती तथा 40 हजार से अधिक बड़ी छोटी सर्जरी की गईं। लगभग 7,200 सुरक्षित प्रसव भी हुए। संस्थान में 600 रोबोटिक सर्जरी की जा चुकी हैं। संस्थान में प्रदेश का दूसरा रोबोटिक गुर्दा प्रत्यारोपण भी सफलतापूर्वक किया गया। दीनदयाल उपाध्याय योजना, असाध्य रोग योजना, आयुष्मान भारत योजना तथा मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष के माध्यम से लगभग 205 करोड़ रुपये की धनराशि से 22,300 मरीजों का नि:शुल्क उपचार किया गया।
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चिकित्सा सुविधाओं का हो रहा विस्तार
अपर मुख्य सचिव चिकित्सा शिक्षा अमित कुमार घोष ने बताया कि संस्थान 1,010 शैय्यायुक्त अस्पताल के निर्माण तथा 1,085 नवीन पदों की स्वीकृति मिल चुकी है। यही नहीं शहीद पथ से मातृ एवं शिशु अस्पताल परिसर में पड़ी साढ़े चार एकड़ भूमि पर 350 बेड के ट्रामा सेंटर के लिए काम तेजी से चल रहा है। मरीजों को जल्द ही 100 बेड के क्रिटिकल केयर हॉस्पिटल की सुविधा मिलेगी। इसके लिए यहां पढऩे वाले छात्र-छात्राओं के लिए 444-444 बेड के दो छात्रावास भी बताए जाने की योजना है। इसे जल्द ही अलमीजमा पहना दिया जाएगा।
नर्सिंग उत्कृष्टता में राष्ट्रीय सम्मान
नर्सिंग सेवाओं में उत्कृष्टता के लिए संस्थान को द इकोनॉमिक टाइम्स द्वारा हॉस्पिटल ऑफ द ईयर इन नर्सिंग एक्सीलेंस पुरस्कार से सम्मानित किया गया। राष्ट्रीय स्तर पर यह सम्मान प्राप्त करने वाला संस्थान एकमात्र सरकारी संस्थान रहा। संस्थान में प्रतिवर्ष 200 एमबीबीएस, 107 एमडी/एमएस, 40 डीएम/एम.सीएच. तथा 4 डीएनबी सीटें उपलब्ध हैं। साल 2025-26 में 148 शोध परियोजनाएं तथा 20 नैदानिक परीक्षण संचालित किए गए। संस्थान के शोधकर्ताओं द्वारा इस वर्ष 4 पेटेंट भी मिले।
इनको मिला सम्मान
1. निदेशक उत्कृष्टता पुरस्कार- डॉ. विक्रम सिंह
2. डॉ. आलोक श्रीवास्तव
3. डॉ. अजय कुमार वर्मा
4. डॉ. ऋचा चौधरी
5. डॉ. आशीष चंद्र अग्रवाल
6. डॉ. रश्मि कुमारी
7. डॉ. मिली सेंगर
8. डॉ. आयुषी विग
9. डॉ. पद्मनिधि अग्रवाल
10. डॉ. शिवम वर्मा
11. नर्सिंग में निदेशक मेरिट पुरस्कार- उमा पांडेय
12. नर्सिंग में लाइफटाइम अचीवमेंट पुरस्कार- सुमन सिंह
इन योजनाओं का हुआ लोकार्पण
1) रेस्पिरेटरी मेडिसिन विभाग में इंडोब्रोंकियल अल्ट्रासाउंड मशीन की स्थापना का लोकार्पण
2) पीएमआर विभाग में नेविगेटेड आर.टी.एम.एस. मशीन की स्थापना का लोकार्पण
3) रेडियोलॉजी विभाग में 1.5 टेस्ला एम.आर.आई. मशीन की स्थापना का लोकार्पण
4) रेडिएशन ऑन्कोलॉजी विभाग में 4-डी सी.टी. सिमुलेटर मशीन का लोकार्पण
5) हॉस्पिटल ब्लॉक में तैयार 40 बेडेड इमरजेंसी मेडिसिन वार्ड का लोकार्पण
6) अंग प्रत्यारोपण यूनिट की स्थापना का लोकार्पण।
7) मातृ एवं शिशु चिकित्सालय में वेटिंग हॉल का निर्माण एवं उसके ऊपर निर्मित एक अतिरिक्त तल का लोकार्पण
8) न्यूक्लियर मेडिसिन विभाग में स्पेक्ट सी.टी. मशीन का लोकार्पण
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