KGMU कार्य परिषद ने डॉ. संजीव गुप्ता के निलंबन पर मुहर लगाई, अनुशासनात्मक जांच के लिए नई समिति गठित

लखनऊ, 23 अक्टूबर 2026। किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) की कार्य परिषद (एग्जिक्यूटिव काउंसिल) ने गुरुवार को कुलपति डॉ. सोनिया नित्यानंद की अध्यक्षता में हुई बैठक में नेत्र रोग विभाग के प्रोफेसर डॉ. संजीव गुप्ता के निलंबन पर सर्वसम्मति से मुहर लगा दी। साथ ही मामले में आगे अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए नई समिति गठित करने का फैसला लिया गया।
मामला क्या है
डॉ. संजीव गुप्ता पर आरोप है कि उन्होंने मरीजों को केजीएमयू के हॉस्पिटल रिवॉल्विंग फंड (एचआरएफ) स्टोर की बजाय निजी दुकानों से दवाएं और मोतियाबिंद ऑपरेशन के लिए लेंस खरीदने को मजबूर किया। जून 2026 में गोरखपुर के एक मरीज की शिकायत के बाद उन्हें निलंबित किया गया था। मरीज का आरोप था कि एचआरएफ में लगभग 5-6 हजार रुपये में उपलब्ध सामग्री बाहर से करीब 18 हजार रुपये में खरीदने को कहा गया।
जांच में क्या निकला
केजीएमयू की जांच समिति ने 30 मरीजों के रिकॉर्ड खंगाले और मरीजों व उनके तीमारदारों के बयान दर्ज किए। इनमें से 17 मरीजों ने बाहर से खरीदारी कराने के आरोपों के समर्थन में अपने बयान और दस्तावेज दिए। जांच में यह भी सामने आया कि मरीजों को निजी दुकानों तक पहुंचाने में एक बाहरी व्यक्ति सिंडिकेट की तरह काम कर रहा था। विभागीय निगरानी में कथित लापरवाही को लेकर तत्कालीन विभागाध्यक्ष से भी जवाब-तलब किया गया था।
आगे क्या होगा
केजीएमयू के प्रवक्ता डॉ. केके सिंह ने बताया कि मामले की शुरुआती जांच करने वाली समिति ने संबंधित डॉक्टर को दोषी पाया था। अब नियमित जांच के लिए नई समिति गठित की जाएगी, जिसकी अध्यक्षता कुलपति करेंगी। इसमें कुलसचिव के अलावा चार अन्य सदस्य भी शामिल होंगे। नई समिति पूरे प्रकरण की जांच करेगी और उसकी रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तथा बर्खास्तगी पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा। प्रवक्ता के अनुसार, पूर्वग्रह की आशंका से बचने के लिए शुरुआती जांच वाली समिति को नियमित जांच की जिम्मेदारी नहीं दी जाएगी।
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