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UPPCL: यूपी में बिजली कनेक्शन लेना हुआ सस्ता: अब 2800 रुपये में मिलेगा स्मार्ट प्रीपेड मीटर

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के विद्युत उपभोक्ताओं के लिए नए साल का बड़ा तोहफा सामने आया है। विद्युत नियामक आयोग ने नई कॉस्ट डाटा बुक जारी कर दी है, जिससे अब नया बिजली कनेक्शन लेना न केवल आसान होगा बल्कि काफी सस्ता भी हो जाएगा। इस नई व्यवस्था से बिजली विभाग में वर्षों से व्याप्त ‘इंस्पेक्टर राज’ और एस्टीमेट के नाम पर होने वाली अवैध वसूली पर पूरी तरह लगाम लगेगी।

स्मार्ट मीटर की कीमतों में भारी कटौती

उपभोक्ता परिषद की बड़ी जीत के बाद, नियामक आयोग ने पावर कॉरपोरेशन के उस प्रस्ताव को खारिज कर दिया है जिसमें स्मार्ट मीटर की कीमत 8000 रुपये से अधिक रखने की बात कही गई थी। अब नई दरें इस प्रकार होंगी:

मीटर का प्रकार पुरानी वसूली (लगभग) नई निर्धारित दर
सिंगल फेस स्मार्ट प्रीपेड मीटर ₹6,016 ₹2,800
थ्री फेस स्मार्ट प्रीपेड मीटर ₹11,342 ₹4,100

9 सितंबर 2025 से अब तक उपभोक्ताओं से की गई लगभग 100 करोड़ रुपये की अतिरिक्त वसूली अब पावर कॉरपोरेशन को वापस (रिफंड) करनी होगी।

300 मीटर तक एस्टीमेट का झंझट खत्म

नई कॉस्ट डाटा बुक के अनुसार, अब 150 किलोवाट तक के कनेक्शन के लिए उपभोक्ताओं को पोल, ट्रांसफार्मर या कंडक्टर के लिए अलग से एस्टीमेट नहीं बनवाना होगा। अंग्रेजों के जमाने से चली आ रही 40 मीटर की सीमा को समाप्त कर अब तीन नए स्लैब बनाए गए हैं:

  1. 0 से 100 मीटर: मानक शुल्क पर कनेक्शन।

  2. 101 से 300 मीटर: निर्धारित एकमुश्त शुल्क।

  3. 301 मीटर से अधिक: केवल इसी स्थिति में अलग से एस्टीमेट बनेगा।

अब 2 किलोवाट का घरेलू कनेक्शन 100 मीटर के भीतर मात्र 5500 रुपये और 300 मीटर की दूरी तक मात्र 7555 रुपये में मिल जाएगा।

‘एकमुश्त जमा’ प्रणाली से पारदर्शिता

उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने बताया कि अब उपभोक्ताओं को प्रोसेसिंग फीस, सिक्योरिटी और मीटर चार्ज सहित केवल एकमुश्त धनराशि जमा करनी होगी। बाकी सभी तकनीकी काम बिजली विभाग खुद करेगा। इससे एस्टीमेट बनाने के नाम पर होने वाली सौदेबाजी और भ्रष्टाचार का अंत होगा। इसके अलावा, बीपीएल उपभोक्ताओं को मीटर की कीमत किस्तों में चुकाने की सुविधा भी दी गई है।

रंग लाई उपभोक्ता परिषद की लड़ाई, सभी प्रस्तावों पर लगाई मुहर

राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद की लंबे समय से चल रही लड़ाई आखिरकार रंग ले आई है। विद्युत नियामक आयोग ने परिषद द्वारा दिए गए सभी प्रस्तावों को स्वीकार कर लिया है। खासतौर पर स्मार्ट प्रीपेड मीटर की कीमतों को लेकर परिषद ने आयोग में याचिका दाखिल की थी, जिसमें उपभोक्ताओं से नियम विरुद्ध वसूली का आरोप लगाया गया था। आयोग के निर्णय से लाखों बिजली उपभोक्ताओं को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।

राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने नई कॉस्ट डाटा बुक जारी होने पर नियामक आयोग का आभार जताया और कहा कि 150 किलोवाट तक और 300 मीटर दूरी तक एस्टीमेट व्यवस्था समाप्त होने से ऊर्जा विभाग में व्याप्त इंस्पेक्टर राज पर लगाम लगेगी। साथ ही स्मार्ट प्रीपेड मीटरों की कीमतों में कमी से उपभोक्ताओं का आर्थिक बोझ कम होगा। जिनसे पहले अधिक राशि वसूली गई है, वह रकम अब पावर कॉरपोरेशन को लौटानी होगी।

कनेक्शन लेना होगा आसान

अवधेश कुमार वर्मा ने बताया कि आयोग के अध्यक्ष अरविंद कुमार और सदस्य संजय कुमार सिंह द्वारा जारी नई कॉस्ट डाटा बुक से नए वर्ष में बिजली कनेक्शन लेना न सिर्फ आसान होगा, बल्कि पहले की तुलना में काफी सस्ता भी पड़ेगा। इस बुक में पावर कॉरपोरेशन के अधिकांश प्रस्तावों को खारिज कर दिया गया है।

गौरतलब है कि 9 सितंबर 2025 से नए विद्युत कनेक्शन पर स्मार्ट प्रीपेड मीटर अनिवार्य करते हुए 6016 रुपये की अवैध वसूली की जा रही थी। नई व्यवस्था लागू होने के बाद 100 करोड़ रुपये से अधिक की अतिरिक्त वसूली वापस करनी होगी। कंज्यूमर राइट्स रूल 2020 के तहत तैयार इस नई प्रणाली से भ्रष्टाचार, अनावश्यक तकनीकी झंझट और उपभोक्ताओं की परेशानियों का अंत होगा। नई व्यवस्था के अनुसार 150 किलोवाट तक के कनेक्शन में 300 मीटर दूरी तक ट्रांसफॉर्मर, पोल और कंडक्टर की व्यवस्था विभाग स्वयं करेगा। दूरी के लिए 0-100 मीटर, 101-300 मीटर और 301 मीटर से अधिक के स्लैब तय किए गए हैं।

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Sunil Yadav

संपादक, लेखक और अनुभवी पत्रकार हैं। वे दैनिक जागरण, आईनेक्‍स्‍ट, कैनविज टाइम्‍स और दैनिक जागरण आईनेक्‍स्‍ट से जुड़े रहे हैं। वह मुख्य रूप से उत्तर प्रदेश की राजनीति, प्रशासनिक ख़बरों, स्वास्थ्य सेवाओं, टेक्‍नोलॉजी से जुड़े विषयों पर लिखते हैं। ट्विटर (X) पर उनसे @sunilyadav21 पर जुड़ सकते हैं।

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