मधुमेह (Diabetes) का पहला और सबसे प्रभावी उपचार है सही आहार!

लखनऊ। विश्वभर में तेजी से बढ़ रही मधुमेह (Diabetes) की समस्या अब एक वैश्विक चुनौती बन चुकी है। इस गंभीर बीमारी के प्रबंधन और रोकथाम में आहार चिकित्सा (Diet Therapy) को सबसे प्रभावशाली कुंजी माना जाता है। विशेषज्ञ मानते हैं कि सही भोजन ही मधुमेह का पहला उपचार है।
उक्त जानकारी आज लखनऊ में आयोजित एक वेब वार्ता के दौरान डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी सिविल अस्पताल के चीफ फार्मेसिस्ट सुनील यादव ने दी।
मधुमेह क्या है और इसके प्रकार?
स्टेट फार्मेसी काउंसिल के पूर्व चेयरमैन व फार्मासिस्ट फेडरेशन के अध्यक्ष सुनील यादव ने बताया कि मधुमेह एक ऐसी स्थिति है जिसमें शरीर में इंसुलिन हार्मोन (की कमी या उसके सही उपयोग न हो पाने के कारण रक्त में शुगर (Glusose) का स्तर सामान्य से अधिक हो जाता है। लंबे समय तक यह स्थिति बने रहने पर यह हृदय, किडनी, आँख और नसों को गंभीर नुकसान पहुँचा सकती है।
उन्होंने मधुमेह के तीन मुख्य प्रकारों पर प्रकाश डाला:
- टाइप-1 मधुमेह (Type 1): इसमें शरीर इंसुलिन बनाना पूरी तरह बंद कर देता है। यह अक्सर बच्चों या युवाओं को प्रभावित करता है और रोगी को जीवनभर इंसुलिन इंजेक्शन की आवश्यकता होती है।
- टाइप-2 मधुमेह (Type 2): यह भारत में सबसे अधिक पाया जाने वाला प्रकार है। इसमें शरीर इंसुलिन तो बनाता है, लेकिन उसका सही उपयोग नहीं कर पाता (Insulin Resistance)। इसका मुख्य कारण मोटापा, शारीरिक निष्क्रियता, तनाव और असंतुलित भोजन है।
- गर्भावधि मधुमेह (Gestational Diabetes): यह गर्भावस्था के दौरान होता है, जो अक्सर प्रसव के बाद ठीक हो जाता है, लेकिन बाद में टाइप-2 मधुमेह का खतरा बढ़ा देता है।

आहार चिकित्सा क्यों है आवश्यक?
चीफ फार्मेसिस्ट सुनील यादव के अनुसार, मधुमेह में आहार चिकित्सा का मुख्य उद्देश्य है:
- ब्लड शुगर के स्तर को सामान्य बनाए रखना।
- शरीर को सभी आवश्यक पोषक तत्व उचित मात्रा में प्रदान करना।
- शरीर के वजन को नियंत्रित रखना और मोटापे से बचाव करना।
- हृदय रोग, उच्च रक्तचाप और किडनी की समस्याओं जैसी गंभीरताओं से सुरक्षा करना।
मधुमेह रोगियों के लिए आहार और जीवनशैली संबंधी सुझाव
सुनील यादव ने मधुमेह को नियंत्रित करने के लिए महत्वपूर्ण आहार और जीवनशैली संबंधी सुझाव दिए:
- छोटे और संतुलित भोजन: दिन में दो या तीन बड़े भोजन के बजाय, 5-6 छोटे और संतुलित भोजन लें।
- फाइबर को प्राथमिकता: भोजन में साबुत अनाज (Whole Grains), हरी सब्ज़ियाँ, सलाद और अन्य फाइबर युक्त आहार को शामिल करें।
- इनसे बचें: मीठे पदार्थ, मिठाई, शक्करयुक्त पेय (Sweetened Drinks), सफेद आटा (मैदा) और तले हुए भोजन से पूरी तरह बचें।
- तेल और वसा: घी, मक्खन और तेल का प्रयोग सीमित मात्रा में ही करें।
- शारीरिक गतिविधि: रोजाना कम से कम 30 मिनट की शारीरिक गतिविधि या व्यायाम अनिवार्य रूप से करें।
- नियमित जांच: नियमित रूप से ब्लड शुगर की जांच कराएं और डॉक्टर/डायटीशियन की सलाह का सख्ती से पालन करें।
उन्होंने यह भी सलाह दी कि अगर बार-बार प्यास लगना, तेजी से वजन गिरना, बार-बार पेशाब आना या अधिक थकान जैसे लक्षण दिखें तो तुरंत चिकित्सक से सलाह लें।
श्री यादव ने अंत में यह संदेश प्रसारित किया कि, “संतुलित आहार, नियमित व्यायाम और सकारात्मक सोच ही मधुमेह से बचाव के तीन स्तंभ हैं।” “अपना आहार बदलें – मधुमेह पर नियंत्रण पाएं। जीवनशैली परिवर्तन ही सर्वोत्तम दवा है।”





