लखनऊ। डिप्लोमा फार्मेसिस्ट एसोसिएशन (DPA), उत्तर प्रदेश की लखनऊ शाखा ने नववर्ष 2026 का आगाज एक ऐतिहासिक आम बैठक और ‘तहड़ी भोज’ के साथ किया। बलरामपुर चिकित्सालय परिसर स्थित विज्ञान भवन सभागार में आयोजित इस बैठक में फार्मेसिस्टों के हितों के लिए 5 लाख रुपये के बीमे का बड़ा ऐलान किया गया और विभागीय भ्रष्टाचार और संसाधनों की कमी पर अधिकारियों को कड़ी चेतावनी दी गई। बैठक में जनपद भर से आए सैकड़ों चीफ फार्मेसिस्ट और फार्मेसिस्ट साथियों ने अपनी पीड़ा और आक्रोश व्यक्त किया।
ऑडिट के नाम पर अवैध दबाव और वसूली नहीं होगी बर्दाश्त
बैठक का सबसे गर्म मुद्दा चिकित्सालयों में हो रहा फार्मेसिस्टों का मानसिक उत्पीड़न रहा। सदस्यों ने बताया कि मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) के अधीन आने वाले कई अस्पतालों में अधीक्षक (Superintendents) और प्रभारी चिकित्सा अधिकारी (MOICs) ऑडिट और लेखा परीक्षण के नाम पर फार्मेसिस्टों पर अनुचित दबाव बना रहे हैं। आरोप है कि यह दबाव ‘धन उगाही’ (Bribery) के उद्देश्य से बनाया जा रहा है।
संगठन के अध्यक्ष अरुण अवस्थी और मंत्री कपिल वर्मा ने एक सुर में कहा, “हमारे किसी भी साथी से अनुचित धन उगाही का कुत्सित प्रयास बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। संगठन इसका पुरजोर विरोध करेगा और जल्द ही इस विषय में CMO लखनऊ से मिलकर अपनी आपत्ति दर्ज कराएगा।
अपनी जेब से दवा ढोने को मजबूर फार्मेसिस्ट
बैठक में दूसरी बड़ी समस्या लॉजिस्टिक्स और सप्लाई चेन की सामने आई। सदस्यों ने बताया कि उत्तर प्रदेश औषधि वितरण निगम (नादरगंज, लखनऊ) से अस्पतालों तक दवाइयां पहुँचाने की कोई सरकारी व्यवस्था नहीं है। नियमतः यह जिम्मेदारी CMO की है कि दवाइयां हर यूनिट तक पहुँचें, लेकिन वर्तमान में फार्मेसिस्टों को अपनी जेब से किराया खर्च कर दवाइयां लानी पड़ रही हैं, जो कि सरासर अन्याय है।
मैनपावर की कमी और पुरानी पेंशन (OPS) पर चर्चा
लखनऊ के अस्पतालों में स्वीकृत पदों के सापेक्ष फार्मेसिस्टों की भारी कमी पर भी चिंता व्यक्त की गई। कम स्टाफ होने के कारण तैनात कर्मियों पर काम का अत्यधिक बोझ है और उन्हें जरूरी अवकाश भी नहीं मिल पा रहा है। इसके साथ ही, संगठन ने ‘पुरानी पेंशन बहाली’ (OPS) आंदोलन में अपनी भागीदारी को और अधिक आक्रामक और सक्रिय बनाने का संकल्प लिया।
174 सदस्यों का 5 लाख का बीमा
बैठक के अंत में मंत्री कपिल वर्मा ने एक बड़ी खुशखबरी साझा की। उन्होंने बताया कि जनपद शाखा लखनऊ के कुल 174 सम्मानित सदस्यों का 5 लाख रुपये का ‘सामूहिक दुर्घटना बीमा’ (Group Accidental Insurance) संघ के खर्च पर कराया गया है। यह बीमा दिसंबर 2026 तक प्रभावी रहेगा। यह कदम संगठन की अपने सदस्यों के प्रति संवेदनशीलता को दर्शाता है।
बैठक का समापन पारंपरिक ‘तहड़ी सहभोज’ के साथ हुआ, जहाँ सभी सदस्यों ने एक साथ भोजन कर एकजुटता का परिचय दिया। कार्यक्रम में पूर्व महामंत्री श्री श्रवण कुमार सचान, पूर्व कोषाध्यक्ष रजत यादव, अविनाश सिंह, पवन शर्मा, रंजीत कुमार गुप्ता, चन्द्रशेखर श्रीवास्तव, डी.एस. पाण्डेय और रजनीश पाण्डेय सहित सैकड़ों सदस्य उपस्थित रहे।
