Health

Pharmacist Rights Day: देशभर में बनेगा ‘फार्मेसी स्टूडेंट नेटवर्क’, रक्तदाताओं ने पेश की मिसाल, CM को भेजा 14 सूत्रीय ज्ञापन

लखनऊ: यूथ फार्मेसिस्ट फेडरेशन के स्थापना दिवस को गुरुवार को पूरे प्रदेश में ‘फार्मेसिस्ट अधिकार दिवस’ (Pharmacist Rights Day) के रूप में मनाया गया। इस अवसर पर लखनऊ के सिविल अस्पताल में रक्तदान शिविर और फल वितरण जैसे सामाजिक सरोकार के कार्यक्रम आयोजित किए गए। कार्यक्रम के दौरान एक बड़ी घोषणा करते हुए फेडरेशन ने देश भर में ‘फार्मेसी स्टूडेंट नेटवर्क’ (PSN) के गठन का ऐलान किया।
साथ ही, फार्मासिस्टों ने अपनी मांगों को लेकर मुख्यमंत्री को 14 सूत्रीय ज्ञापन भी भेजा, जिसमें अर्बन आरोग्य मंदिरों में फार्मासिस्टों की नियुक्ति प्रमुख है।

रक्तदान: एक यूनिट बचा सकता है तीन जिंदगियां

सिविल अस्पताल में आयोजित रक्तदान शिविर में स्वास्थ्यकर्मियों और युवाओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। इस मौके पर अस्पताल की निदेशक डॉ. कजली गुप्ता ने कहा, “रक्त का कोई कृत्रिम विकल्प नहीं है। विशेष तौर पर स्वास्थ्य कर्मियों को आगे आकर समाज में फैले भ्रम को तोड़ना होगा। रक्तदान से शरीर में कमजोरी नहीं आती, बल्कि यह दाता को स्वस्थ रखता है।”

मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. देवेश चंद्र पांडे और चिकित्सा अधीक्षक डॉ. एस.आर. सिंह ने रक्तदान को पुनीत कार्य बताते हुए कहा कि एक व्यक्ति का रक्तदान तीन लोगों की जान बचा सकता है। यह आयोजन फेडरेशन के अध्यक्ष और चीफ फार्मेसिस्ट सुनील यादव के जन्मदिन के उपलक्ष्य में किया गया था।

देशभर में बनेगा फार्मेसी स्टूडेंट नेटवर्क (PSN)

फेडरेशन के स्थापना दिवस समारोह में एक निजी होटल में आयोजित कार्यक्रम के दौरान ‘फार्मेसी स्टूडेंट नेटवर्क’ (PSN) के गठन की घोषणा की गई। इसका उद्देश्य उत्तर प्रदेश और देश भर के फार्मेसी छात्रों को एक मंच पर लाना है।

फेडरेशन के अध्यक्ष सुनील यादव ने फार्मासिस्टों को संबोधित करते हुए कहा, “समय के साथ अपडेट रहना अनिवार्य है। फार्मासिस्टों को दवाओं के साइड इफेक्ट, प्रतिकूल प्रभाव (ADR), डोज और ड्रग इंटरेक्शन (Drug Interaction) की गहरी जानकारी होनी चाहिए, ताकि मरीजों को बेहतर इलाज मिल सके। क्लीनिकल फार्मासिस्ट की भूमिका आज के दौर में फार्माकोविजिलेंस और रोगी सुरक्षा में अहम है।”

img 20260109 2026074324729642296091234

सीएम को भेजा ज्ञापन, उठाई अधिकारों की मांग

‘फार्मेसिस्ट अधिकार दिवस’ पर युवाओं ने सरकार से रोजगार सृजन और नीतिगत सुधारों की मांग की। यूथ फार्मेसिस्ट फेडरेशन के अध्यक्ष आदेश कृष्ण और महासचिव देवेंद्र कुमार ने बताया कि देश में 42,000 से अधिक फार्मेसी संस्थान हैं, जहाँ से लाखों छात्र प्रतिवर्ष निकल रहे हैं, लेकिन रोजगार के अवसर सीमित हैं।
फेडरेशन ने मुख्यमंत्री को भेजे गए ज्ञापन में अर्बन आरोग्य मंदिरों में फार्मासिस्टों की नियुक्ति समेत 14 मांगें रखी हैं।

फार्मासिस्टों का आरोप: हो रहा अधिकारों का हनन

फार्मेसिस्ट फेडरेशन के संरक्षक के.के. सचान ने नीतिगत खामियों पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा, “नेशनल हेल्थ पॉलिसी के दस्तावेजों में हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर पर फार्मासिस्टों की तैनाती की बात थी, लेकिन इसे लागू करने के बजाय वहां सीएचओ (CHO) की नियुक्ति कर दी गई, जो फार्मासिस्टों के अधिकारों का हनन है।”
व pक्ताओं ने जोर देकर कहा कि जहाँ भी दवाओं का भंडारण या वितरण हो, वहां रजिस्टर्ड फार्मासिस्ट की उपस्थिति अनिवार्य होनी चाहिए। इससे आम जनता को गलत दवाओं के सेवन से बचाया जा सकेगा।
ये रहे उपस्थित

कार्यक्रम में प्रदेश भर से आए फार्मासिस्टों ने हिस्सा लिया। इस दौरान संरक्षक के.के. सचान, उपाध्यक्ष सुभाष श्रीवास्तव, शिव करन, रिटायर्ड विंग के अध्यक्ष जय सिंह सचान, संगठन मंत्री आर.पी. सिंह, यूथ विंग के संरक्षक उपेंद्र यादव, अनूप आनंद, प्रवीण यादव, शालिनी, अनुराधा और सीतापुर अध्यक्ष रणजीत सहित सैकड़ो फार्मासिस्ट मौजूद रहे। लखनऊ के अलावा सीतापुर, बाराबंकी और अन्य जिलों में भी रैलियां और सेमिनार आयोजित किए गए।

Sunil Yadav

संपादक, लेखक और अनुभवी पत्रकार हैं। वे दैनिक जागरण, आईनेक्‍स्‍ट, कैनविज टाइम्‍स और दैनिक जागरण आईनेक्‍स्‍ट से जुड़े रहे हैं। वह मुख्य रूप से उत्तर प्रदेश की राजनीति, प्रशासनिक ख़बरों, स्वास्थ्य सेवाओं, टेक्‍नोलॉजी से जुड़े विषयों पर लिखते हैं। ट्विटर (X) पर उनसे @sunilyadav21 पर जुड़ सकते हैं।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button