UP

धर्मांतरण व लव जिहाद मामले को लेकर केजीएमयू पहुंची अपर्णा यादव, विशाखा कमेटी पर उठाये सवाल

वीसी ऑफिस में घुसे हिन्दू संगठन

Lucknow: धर्मांतरण एवं लव जिहाद मामले को लेकर शुक्रवार को उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव (Aparna Yadav) केजीएमयू पहुंची। आरोप है कि उन्हें काफी देर तक गेट पर ही रोके रखा गया। कुछ देर बाद वह अपने समर्थकों के साथ भीतर पहुंची। जहां मीडिया से बातचीत में उन्होंने केजीएमयू की विशाखा कमेटी पर सवाल किया और इस मामले में केजीएमयू प्रशासन की कार्रवाई पर असंतुष्टिï जाहिर की। आरोप है कि इसी बीच हिन्दू संगठन के कुछ लोग वीसी कार्यालय में घुस गये और जमकर तोडफ़ोड़ की।

दरअसल शुक्रवार को केजीएमयू कुलपति प्रो. सोनिया नित्यानंद (Dr Sonia Nityanand) ने प्रेस कॉफ्रेस कर विशाखा कमेटी (Vishakha Committee) की जांच रिपोर्ट के बारे में मीडिया को जानकारी दे रही थी। इसी बीच महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव अपने समर्थकों के साथ केजीएमयू पहुंच गयी। उनके साथ आये लोगों ने केजीएमयू गेट पर नारेबाजी की। नारेबाजी करते हुए लोग वीसी कार्यालय पहुंच गये। आरोप है कि उनके साथ आये लोगों ने वीसी कार्यालय में तोडफ़ोड़ भी की।

अपर्णा यादव ने केजीएमयू में महिला डॉक्टर के साथ यौन शोषण और धर्मांतरण मामले में कार्रवाई को लेकर केजीएमयू प्रशासन पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि आरोपी डॉ. रमीज पर समय रहते कठोर कार्रवाई नहीं की गई और लगातार लापरवाही बरती गई। उन्होंने कुलपति सोनिया नित्यानंद को लेकर भी नाराजगी जताई। अपर्णा यादव ने कहा कि जब पीडि़ता ने महिला आयोग जाने की बात कही तो उसे मना कर दिया गया जो कि गलत है। उन्होंने सवाल किया क्या राज्य महिला आयोग एक संवैधानिक संस्था नहीं है।

उन्होंने केजीएमयू की विशाखा कमेटी पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि कमेटी में दो सदस्य ऐसे हैं जिन पर पहले ही आरोप हैं। उन्होंने कहा कि केजीएमयू प्रशासन ने लम्बे समय तक मामले को दबाये रखा और जब दबाव बढ़ा तो मामले की लीपापोती शुरू कर दी। पीडि़ता को यदि समय रहते केजीएमयू प्रशासन की ओर से न्याय मिलता तो उसे इतनी तकलीफ न सहनी पड़ती।
अपर्णा यादव ने इस बात पर भी नाराजगी जताई कि केजीएमयू के परिसर में प्रवेश करने से उन्हें रोका गया और करीब 10 मिनट तक बाहर खड़ा रखा गया। इसके पहले हिंदू संगठनों के लोगों ने केजीएमयू के कुलपति के कार्यालय के बाहर जमकर हंगामा किया और कार्यालय को बाहर से बंद कर दिया। उन्होंने केजीएमयू प्रशासन मुर्दाबाद के नारे लगाए।

केजीएमयू प्रशासन ने दी सफाई

अपर्णा यादव के आरोपों पर केजीएमयू प्रशासन की ओर से सफाई देते हुए कुलपति प्रो. सोनिया नित्यानंद ने कहा कि महिला आयोग की उपाध्यक्ष के सभी आरोप निराधार हैं। हमने सबसे कम समय में मामले में कार्रवाई की और विशाखा समिति की रिपोर्ट आने पर डॉ. रमीज मलिक को बर्खास्त करने की सिफारिश भी की है। अपर्णा यादव ने बिना अनुमति लिए केजीएमयू में प्रेस कांफ्रेंस की। उनके साथ लोग आए और हंगामा किया।

यह है मामला

केजीएमयू के पैथालॉजी विभाग में तैनात रेजीडेंट डॉ. रमीज मलिक पर महिला रेजीडेंट डॉक्टर ने शादी का झांसा देकर यौन शोषण और धर्मांतरण का आरोप लगाया था। आरोप था कि धर्मांतरण न करने पर रमीज ने शादी से इनकार कर दिया था। इससे त्रस्त होकर महिला डॉक्टर ने बीती 17 दिसम्बर को खुदकुशी की कोशिश की थी। पीडि़ता ने पुलिस व महिला आयोग में शिकायत की थी कि डॉ. रमीज ने शादी का झांसा देकर उसका कई महीने तक शोषण किया था। आरोपी डाक्टर फरार है और पुलिस उसकी खोजबीन में जुटी है।

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