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उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन (UPPCL) में विदेश यात्रा घोटाला: उपभोक्ता परिषद ने की CBI जांच की मांग

उत्‍तर प्रदेश के बिजली विभाग (UPPCL) के अधिकारियों पर जनता के करोड़ों रूपयों के दुरुपयोग के लग रहे आरोप

LUCKNOW: उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (UPPCL) और उसकी सहायक बिजली कंपनियों में एक और घोटाला सामने आया है। उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद ने खुलासा किया है कि ऑल इंडिया डिस्कॉम एसोसिएशन (AIDA) द्वारा प्रायोजित एक अंतरराष्ट्रीय अध्ययन यात्रा के लिए UPPCL के दो वरिष्ठ अधिकारियों और एक निदेशक ने जून 2025 में गुपचुप तरीके से मनीला, फिलीपींस की यात्रा की। इस खुलासे से बिजली विभाग में हड़कंप मच गया है, और उपभोक्ता परिषद ने इस मामले में CBI जांच की मांग की है।

विदेश यात्रा और राजस्व का दुरुपयोग

उपभोक्ता परिषद की जांच में पता चला कि UPPCL और उसकी पांच सहायक बिजली कंपनियों (पूर्वांचल, दक्षिणांचल, पश्चिमांचल, मध्यांचल और केस्को) ने ऑल इंडिया डिस्कॉम एसोसिएशन को सदस्यता शुल्क और चंदे के नाम पर 1 करोड़ 30 लाख 80 हजार रुपये का भुगतान किया है। यह भुगतान 3 जून 2025 को किया गया। परिषद का आरोप है कि इस राशि का उपयोग बिजली कंपनियों के निजीकरण की जमीन तैयार करने के लिए किया जा रहा है।

जांच में यह भी सामने आया कि UPPCL के दो वरिष्ठ अधिकारी—संजय जैन (निदेशक, वाणिज्य, पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम) और राजेंद्र प्रताप सिंह (मुख्य अभियंता और अपर सचिव द्वितीय, UPPCL)—AIDA द्वारा प्रायोजित “इंटरनेशनल स्टडी टूर” के तहत जून 2025 में मनीला, फिलीपींस गए। यह यात्रा गुप्त रूप से की गई, और इसका कोई सार्वजनिक खुलासा नहीं हुआ। उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने कहा, “जब जून में उत्तर प्रदेश की जनता बिजली कटौती से परेशान थी, तब ये अधिकारी उपभोक्ताओं के राजस्व से विदेश यात्रा पर थे। यह जनता के पैसे का घोर दुरुपयोग है।”

बिजली कंपनियों के राजस्व के पैसे से जहां रिटायर्ड अभियंता डिस्काम एसोसिएशन में मोटी तनख्वाह ले रहे हैं वहीं विदेशी भी घूम रहे हैं अभी और भी खुलासे होने बाकी है।

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निजीकरण की साजिश और AIDA की भूमिका

उपभोक्ता परिषद ने आरोप लगाया कि ऑल इंडिया डिस्कॉम एसोसिएशन बिजली कंपनियों के निजीकरण को बढ़ावा देने के लिए “चोर दरवाजे” से काम कर रही है। परिषद के अनुसार, AIDA ने सभी बिजली कंपनियों को विदेशी अध्ययन यात्राओं के लिए पत्र जारी किए, और इन यात्राओं का खर्च उपभोक्ताओं के राजस्व से वहन किया गया। परिषद ने सवाल उठाया कि जब बिजली कंपनियां घाटे में चल रही हैं और निजीकरण का हवाला दिया जा रहा है, तब करोड़ों रुपये एक निजी संस्था को कैसे दिए जा सकते हैं?

अवधेश कुमार वर्मा ने कहा, “यह केवल विदेश यात्रा का मामला नहीं है। AIDA में रिटायर्ड अभियंताओं को मोटी तनख्वाह दी जा रही है, और उपभोक्ताओं के पैसे से विदेशी यात्राएं कराई जा रही हैं। यह सब निजीकरण की साजिश का हिस्सा है।”

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घाटे का हवाला और जनता पर बोझ

उत्तर प्रदेश की बिजली कंपनियां लंबे समय से घाटे में चल रही हैं, और इस घाटे का हवाला देकर निजीकरण की प्रक्रिया को तेज किया जा रहा है। हाल ही में, UPPCL ने पूर्वांचल और दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगमों के निजीकरण की प्रक्रिया शुरू की, जिसका कर्मचारी संगठनों ने कड़ा विरोध किया। परिषद का कहना है कि एक तरफ घाटे के नाम पर संविदा कर्मचारियों की छंटनी की जा रही है, वहीं दूसरी तरफ जनता के राजस्व का दुरुपयोग विदेशी यात्राओं और निजी संस्थाओं को चंदे में किया जा रहा है।

वर्मा ने कहा, “जब प्रदेश की जनता बिजली के लिए तरस रही थी, तब UPPCL के अधिकारी विदेश में मजे कर रहे थे। यह जनता के साथ विश्वासघात है।”

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CBI जांच की मांग

उपभोक्ता परिषद ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से इस पूरे मामले की CBI जांच कराने की मांग की है। परिषद का कहना है कि यह घोटाला केवल विदेश यात्रा तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके पीछे बिजली कंपनियों के निजीकरण की बड़ी साजिश है। वर्मा ने कहा, “हमारी जांच में और भी खुलासे होने बाकी हैं। यह केवल शुरुआत है। हम यह भी पता लगाएंगे कि और कौन-कौन विदेश यात्रा पर गया।”

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उपभोक्ताओं पर प्रभाव

उत्तर प्रदेश में बिजली कंपनियों के निजीकरण के खिलाफ कर्मचारी संगठनों और उपभोक्ता परिषद का विरोध तेज हो रहा है। ऑल इंडिया पावर इंजीनियर्स फेडरेशन (AIPEF) ने भी निजीकरण को जनविरोधी बताते हुए इसके खिलाफ राष्ट्रव्यापी हड़ताल की चेतावनी दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि निजीकरण से बिजली की दरें बढ़ सकती हैं, जिसका बोझ आम उपभोक्ताओं पर पड़ेगा।

उपभोक्ता परिषद ने मांग की है कि इस तरह के खर्चों का बोझ किसी भी सूरत में उपभोक्ताओं पर नहीं डाला जाना चाहिए। परिषद ने उत्तर प्रदेश विद्युत नियामक आयोग से भी इस मामले की जांच करने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने की अपील की है।

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