चीफ इंजीनियर की डांट के बाद कर्मचारी आईसीयू में

Lucknow: चीफ इंजीनियर लेसा (LESA) सेन्ट्रल जोन रवि अग्रवाल की डांट सुनने के बाद एक क्लर्क शौर्य द्विवेदी बीमार हो गया। सांस लेने में दिक्कत के कारण उसे लखनऊ के चरक अस्पताल के आईसीयू (ICU) में भर्ती करना पड़ा। शौर्य के माता पिता बेटे की इस हालत पर काफी दुखी और परेशान हैं। शौर्य का मामला नया नहीं है। चीफ इंजीनियर उत्पीडऩ करने की अपनी इसी कार्यशौली के उत्तर प्रदेश पावर कारपोरशन (UPPCL) में प्रसिद्ध हैं। अपने अधीनस्थ इंजीनियरों को मुर्गा बनाने के लेकर सस्पेंड (Suspended) करने और डिमोर्सन करने की चेतावनी देते वह मीटिंग में सुने जा सकते हैं।

शौर्य द्विवेदी

लखनऊ विद्युत सम्पूर्ति प्रशासन (लेसा) कर्मचारियों का गुस्सा उस वक्त बढ़ा जब शुक्रवार को रवि अग्रवाल की फटकार के बाद लेसा के सर्किल आठ में तैनात लिपिक शौर्य द्विवेदी की कार्यालय में तबियत बिगड़ गई। आरोप है कि शुक्रवार दोपहर में चीफ ने फोन कर शौर्य को काफी डांटा था। इसके बाद घबराहट में उसे सांस लेने में दिक्कत होने लगी। साथी कर्मियों के अनुसार वह कांप रहा था जिसके कुछ देर में वह बेहोश हो गया। कर्मचारी उसे पहली मंजिल से उतार कर नीचे लाए और चरक अस्पताल में भर्ती कराया गया। सांस लेने में दिक्कत के कारण डाक्टरों ने आईसीयू में रखा। जहां कुछ देर बाद उसकी तबियत में सुधार हुआ।

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शौर्य अभी भी अस्पताल में ही भर्ती है और वह सामान्य रूप से बोल नहीं पा रहा है। बताया जा रहा है कि कुछ दिन पूर्व चीफ ने अन्य लिपिक अरविन्द राव के साथ भी इसी प्रकार का व्यवहार किया था जिसके कारण अरविन्द कई दिनों तक तनाव में रहा। इन घटनाओं को देखते हुए कर्मचारियों ने शनिवार को सेन्ट्रल जोन कार्यालय पर विरोध प्रदर्शन किया। काफी देर हुई नारेबाजी के बाद चीफ ने कर्मियों को वार्ता के लिए बुलाया। चीफ ने यह कहते हुए मामला हल्का करने की कोशिश की कि वह कर्मियों को अभिभावक के तौर पर डांटते हैं। हालांकि कर्मचारी इस बात को स्वीकार करने को तैयार नहीं हुए कि उनका व्यवहार अभिभावक के समान है। कर्मचारियों के कड़े विरोध के बीच चीफ इंजीनियर ने गलती मानी और आश्वासन दिया कि आगे से इस प्रकार की घटनाएं नहीं होंगी। इसके बाद मामला शांत हो गया।

Ravi Agrawal Chief Engineer

इस तरह के लग रहे आरोप

चीफ इंजीनियर रवि अग्रवाल पर आरोप है कि विभागीय मीटिंग में अभियंताओं को बुरी तरह से डांटते हैं। आरोप है कि एसडीओ को टीजी-2 बनाने की चेतावनी दे चुके हैं। जेई से कहा कि उसे लाइन मैन बना देंगे और वह सीढ़ी ढकेलेगा। इसके अलावा मुर्गा बनाना और सस्पेंड करने की धमकी देना तो आम बात है। चीफ अग्रवाल पर यह भी आरोप है कि उन्हें कई बार इंजीनियरों को मीटिंग में भ्रष्टïचारी और क्षेत्र में पैसा वसूली करने की बात भी कही है। इस पूरे प्रकरण पर चीफ इंजीनियर से प्रतिक्रिया लेने के लिए सम्पर्क करने का प्रयास किया गया मगर उनसे सम्पर्क नहीं हो सका।

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