TechWorld

ISRO LVM3 Launch: इसरो के ‘बाहुबली’ की एक और लंबी छलांग, अमेरिकी BlueBird सैटेलाइट लॉन्च, अब स्पेस से सीधे मोबाइल पर आएगा इंटरनेट

श्रीहरिकोटा: भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने अंतरिक्ष के बाज़ार में अपनी पकड़ और मजबूत कर ली है। इसरो ने अपने सबसे भरोसेमंद और भारी-भरकम रॉकेट LVM3 (Launch Vehicle Mark-3) के जरिए अमेरिकी कंपनी के संचार सैटेलाइट ‘BlueBird Block’ को सफलतापूर्वक उसकी तय कक्षा में स्थापित कर दिया है।

इस लॉन्च के साथ ही भारत ने कमर्शियल सैटेलाइट लॉन्चिंग की दुनिया में एक और बड़ा कीर्तिमान स्थापित किया है।
इस मिशन को न्यूस्पेस इंडिया लिमिटेड (NSIL) के तहत अंजाम दिया गया है, जो इसरो की कमर्शियल विंग है। LVM3, जिसे प्यार से ‘फैट बॉय’ या ‘बाहुबली’ भी कहा जाता है, ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि भारी पेलोड को अंतरिक्ष में ले जाने के लिए यह दुनिया के सबसे विश्वसनीय रॉकेटों में से एक है।

क्या है BlueBird सैटेलाइट का उद्देश्य?

लॉन्च किया गया ‘BlueBird Block’ एक अत्याधुनिक संचार उपग्रह (Communication Satellite) है। इसका मुख्य उद्देश्य अंतरिक्ष से सीधे पृथ्वी पर मौजूद आम मोबाइल फोन तक कनेक्टिविटी पहुँचाना है। अभी तक हमें मोबाइल नेटवर्क के लिए जमीन पर लगे टावरों (Cell Towers) पर निर्भर रहना पड़ता है, लेकिन यह सैटेलाइट ‘स्पेस-बेस्ड सेल्युलर ब्रॉडबैंड’ (Space-based cellular broadband) तकनीक पर काम करता है।

इसरो और अमेरिकी कंपनी के इस साझा मिशन से संचार की दुनिया पूरी तरह बदल सकती है।

सीधे स्मार्टफोन पर सैटेलाइट कनेक्टिविटी (Direct-to-Device):

इस मिशन का सबसे बड़ा फायदा यह है कि अब सैटेलाइट फोन के लिए किसी विशेष भारी-भरकम डिवाइस की जरूरत नहीं होगी। यह सैटेलाइट सीधे आपके मौजूदा 4G और 5G स्मार्टफोन से कनेक्ट होगा। इसका मतलब है कि स्पेस से सीधे आपके फोन पर सिग्नल आएंगे।

हाई-स्पीड ब्रॉडबैंड सेवा:

खबरों के मुताबिक, यह मिशन सिर्फ कॉलिंग या मैसेजिंग तक सीमित नहीं है, बल्कि यह उपयोगकर्ताओं को उच्च गति (High-Speed) वाली डेटा और ब्रॉडबैंड सेवाएं भी प्रदान करेगा। इससे वीडियो स्ट्रीमिंग और इंटरनेट सर्फिंग उन जगहों पर भी संभव होगी जहाँ अभी 2G नेटवर्क भी मुश्किल से मिलता है।

‘डेड ज़ोन’ का खात्मा (Connectivity everywhere):

अक्सर पहाड़ों, घने जंगलों, रेगिस्तान या समुद्र के बीच मोबाइल नेटवर्क चला जाता है, जिसे ‘डेड ज़ोन’ कहा जाता है। BlueBird सैटेलाइट के एक्टिव होने के बाद दुनिया के किसी भी कोने में नेटवर्क की समस्या नहीं रहेगी। चाहे आप हिमालय की चोटी पर हों या हिंद महासागर के बीच, आपका मोबाइल हमेशा कनेक्टेड रहेगा।

आपदा प्रबंधन में गेमचेंजर:

बाढ़, भूकंप या चक्रवात जैसी प्राकृतिक आपदाओं के दौरान अक्सर जमीनी मोबाइल टावर नष्ट हो जाते हैं और संपर्क टूट जाता है। चूँकि यह नेटवर्क अंतरिक्ष से आएगा, इसलिए आपदा के समय भी संचार व्यवस्था बनी रहेगी, जिससे राहत और बचाव कार्यों में बहुत मदद मिलेगी।

इसरो की कमर्शियल ताकत बढ़ी

इस लॉन्च ने ग्लोबल स्पेस मार्केट में इसरो का कद और बढ़ा दिया है। वनवेब (OneWeb) के बाद अमेरिकी सैटेलाइट्स का यह लॉन्च बताता है कि दुनिया भर की बड़ी कंपनियां अब अपने भारी और महत्वपूर्ण उपग्रहों के लिए एलन मस्क के स्पेसएक्स (SpaceX) के अलावा इसरो के LVM3 को एक प्रमुख विकल्प मान रही हैं। यह भारत के लिए विदेशी मुद्रा अर्जित करने और ‘आत्मनिर्भर भारत’ की दिशा में एक बड़ा कदम है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button