केजीएमयू धर्मांतरण केस: आरोपी फरार कमेटी ने जांच रिपोर्ट फाइनल कर दी

Lucknow: केजीएमयू (KGMU) कथित धर्मांतरण मामले में उस वक्त नया मोड़ आ गया जब विशाखा कमेटी (Vishaka Committee) ने पीडि़ता की शिकायत की जांच फाइनल कर दी। केजीएमयू अधिकारियों के अनुसार जांच में आरोपी को दोषी पाया गया है। हालांकि आरोपी फरार चल रहा है और पुलिस ने उस पर ईनाम भी घोषित कर रखा है। ऐसे में बगैर आरोपी का पक्ष जाने जांच पूरी करने पर जांच कमेटी ही संदेह के घेरे में आ गई है।
मालूम हो कि केजीएमयू के पैथालॉजी (Pathology) विभाग में एमडी कर रहे रेजिडेंट पर आरोप है कि उसने विभाग की एक रेजिडेंट डाक्टर का उत्पीडऩ किया और उसके धर्मांतरण का प्रयास किया। यह मामला तब प्रकाश में अब पीडि़ता ने आत्महत्या की कोशिश की। परिजनों के कहने पर पीडि़ता ने गत 23 दिसम्बर को चौक पुलिस में मुकदमा भी दर्ज करा दिया है। मुकदमें में पीडि़ता ने आरोप लगाया कि आरोपी डॉक्टर रमीज ने शादी का झांसा देकर उसका शारीरिक शोषण किया और धर्मांतरण की कोशिश की।
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दूसरी ओर केजीएमयू ने पीडि़ता से शिकायत लेकर जांच शुरू की। विशाखा कमेटी के सामने प्रकरण जाने पर शिकायत के आधार पर सात सदस्यों की कमेटी गठित की गई जिसने पूरे प्रकरण की जांच की। बताया जा रहा है कि बुधवार को कमेटी ने केजीएमयू कुलपति को जांच रिपोर्ट सौंप दी है जिसमें आरोपी को बलात्कार समेत कई अन्य आरोपों का दोषी पाया गया है। जांच रिपोर्ट आने के बाद यह भी दावा किया जा रहा है कि आरोपी का एडमिशन निरस्त कराने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। कुछ अधिकारी तो यहां तक कहने लगे हैं कि आरोपी रेजिडेंट की एमबीबीएस की डिग्री निरस्त कराने की भी कार्रवाई की जा सकती है।
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आरोपी फरार, पुलिस ने घोषित किया है ईनाम
केजीएमयू की विशाखा कमेटी की जांच में सबसे दिलचस्प बात यह है कि आरोपी के फरार रहते हुए ही जांच पूरी कर ली। केजीएमयू प्रवक्ता डॉ. केके सिंह के अनुसार आरोपी के फरार होने से पहले ही उसके बयान लिए जा चुके हैं। उनका कहना है कि आरोपी के मोबाइल और सबूतों की जांच में आरोप सही पाए गए हैं। हालांकि केजीएमयू के डाक्टर ही इस जांच को गलत ठहरा रहे हैं। कई डाक्टरों का कहना है कि केजीएमयू प्रशासन मामले को जल्द से जल्द ठंडा कर देना चाहता है इसी कारण आनन-फानन में जांच रिपोर्ट पूरी करवा ली गई है। इस मामले में पुलिस ने आरोपी के माता पिता को भी हिरासत में ले लिया है। पुलिस ने उनके माता पिता से पूछताछ कर रही है। उत्तराखण्ड निवासी आरोपी रेजिडेंट को पकडऩे के लिए पुलिस लगातार उसके संभावित ठिकानों पर छापेमारी भी कर रही है।
मुख्यमंत्री ले चुके हैं घटना का संज्ञान
केजीएमयू कीइस चर्चित घटना का मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संज्ञान लेकर अधिकारियों को निर्देश दिया था कि जो भी दोषी हो उसे छोड़ा न जाए। प्रकरण की गंभीरता से जांच कर कार्रवाई की जाए। मुख्यमंत्री के ऐसा कहने के बाद से ही पूरा अमला एक्टिव है। पुलिस मुकदमा दर्ज कर आरोपी को खोज रही है। फरार हो चुके आरोपी रेजिडेंट डाक्टर का पासपोर्ट जब्त कर लिया गया है। मौजूदा समय में हर कोई जल्दबाजी में है। यही वजह है कि आरोपी के फरार होने के बाद भी कमेटी ने जांच रिपोर्ट फाइनल कर दी गई। जांच रिपोर्ट आने के बाद कमेटी पर ही सवाल उठने लगे हैं जिसका जवाब केजीएमयू प्रशासन दे नहीं पा रहा है। जानकारों का कहना है कि जब तक शिकायतकर्ता और आरोपी के अंतिम बयान न हो जाएं किसी भी प्रकरण की जांच पूरी नहीं की जा सकती।




