
लखनऊ। किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (KGMU) के पैथोलॉजी विभाग की एक महिला रेजिडेंट से जुड़े हालिया मामले ने अब तूल पकड़ लिया है। इस प्रकरण को लेकर कुछ बाहरी संगठनों द्वारा विश्वविद्यालय परिसर में किए गए उग्र प्रदर्शन और कुलपति प्रो. सोनिया नित्यानंद का पुतला दहन किए जाने की घटना पर KGMU कर्मचारी परिषद ने गहरा आक्रोश व्यक्त किया है।
बिना अनुमति प्रदर्शन को बताया गैरकानूनी
कर्मचारी परिषद के अध्यक्ष विकास सिंह और महामंत्री अनिल कुमार ने संयुक्त बयान जारी कर स्पष्ट किया कि विश्वविद्यालय परिसर में बिना पूर्व अनुमति के किसी भी प्रकार का प्रदर्शन, विशेषकर बाहरी संगठनों द्वारा, पूरी तरह से गैरकानूनी और अनुचित है। परिषद ने ‘लव जिहाद’ के नाम पर परिसर में किए गए इस विरोध को संस्थान के अनुशासन और सुरक्षा मानकों का गंभीर उल्लंघन करार दिया है।
मरीजों की सुरक्षा और संस्थान की छवि पर खतरा
परिषद ने चिंता जताई कि इस प्रकार की नियम विरुद्ध गतिविधियों से न केवल KGMU की गरिमा को ठेस पहुँच रही है, बल्कि अस्पताल में मौजूद मरीजों, तीमारदारों और महिला कर्मचारियों की सुरक्षा पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। परिषद के अनुसार, ऐसी घटनाओं से चिकित्सा विश्वविद्यालय की सामान्य कार्यप्रणाली बाधित हो रही है।
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बाहरी संगठनों के प्रवेश पर लगे पूर्ण प्रतिबंध
KGMU कर्मचारी परिषद ने विश्वविद्यालय प्रशासन से मांग की है कि संस्थान परिसर में बाहरी संगठनों के प्रवेश और उनकी गतिविधियों पर तत्काल प्रभाव से पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाए। साथ ही भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए कठोर कदम उठाए जाएं। परिषद ने संबंधित मामलों में समयबद्ध और विधिसम्मत कार्रवाई सुनिश्चित करने की अपील की है ताकि परिसर में शांति और सुरक्षा का माहौल बना रहे।

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