Lucknow: किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) प्रशासन ने एक बड़ा कदम उठाते हुए कुलपति के ओएसडी (OSD) सैयद अख्तर अब्बास को उनके पद से हटा दिया है। उनकी कार्यशैली पर लगातार सवाल उठ रहे थे और उन पर भ्रष्टाचार के साथ-साथ एक धर्मांतरण और मजहब विशेष को बढ़ावा देने के गंभीर आरोप लगे थे। विवाद बढ़ता देख प्रशासन ने यह फैसला लिया है। फिलहाल अब्बास के स्थान पर सुधांशु तिवारी को तैनाती मिली है मगर उन्हें अभी ओएसडी की जिम्मेदारी से दूर रखा जा रहा हैै।
करीब दो माह पूर्व केजीएमयू में कथित धर्मांतरण का मामला सामने आया था जिसके बाद विश्व हिन्दू परिषद से लेकर महिला आयोग और कई अन्य धार्मिक संगठनों ने चिविवि प्रशासन पर कई गंभीर आरोप लगाए थे। इस बीच कुछ धार्मिक संगठनों ने केजीएमयू कुलपति के ओएसडी अब्बास को भी इस विवाद में खींचा था। गौरतलब है कि अब्बास को रिटायरमेंट के बाद वीसी कार्यालय में अहम पद पर तैनाती दी गई थी। जिसके लेकर केजीएमयू कर्मचारियों, फैकल्टी में भी रोष व्याप्त था।
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केजीएमयू में प्रदर्शन करने वाले संगठनों ने आरोप लगाया था कि ओएसडी की जानकारी और संरक्षण में धर्मांतरण जैसे काम हो रहे हैं। ओएसडी मजहब विशेष को समर्थन देते हैं और धार्मिक आयोजनों में मुख्य भूमिका अदा करते हैं। इसे लेकर काफी विरोध हुआ और ओएसडी पर तरह तरह से आरोप लगे। अब्बास को सेवानिवृत्त होने के बाद केजीएमयू बुलाकर ओएसडी का पद दिया गया था। आरोप प्रत्यारोप के बीच अब केजीएमयू प्रशासन ने ओएसडी अब्बास के खिलाफ कार्रवाई की है। केजीएमयू प्रवक्ता प्रो. केके सिंह ने अब्बास को हटाए जाने की पुष्टि की है।
माना जा रहा है कि केजीएमयू प्रशासन ने अब्बास पर लग रहे गंभीर आरोपों को देखते हुए यह कार्रवाई की गई है। मेडिकल यूनविर्सिटी कर्मचारियों का कहना है कि हटाए जाने के बाद भी अब्बास कैम्पस आ रहा है और अप्रत्यक्ष रूप से अपने कार्य को अंजाम दे रहा है। आरोप यह भी कि केजीएमयू प्रशासन ने नियमित नियुक्ति न होने के बाद भी आरोपी कर्मी को नियम विरूद्ध सेवानिवृत्ति लाभ और पेंशन तक दी है।
