लखनऊ: उत्तर प्रदेश में चल रहे मतदाता सूची विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (SSR)-2026 को लेकर मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने साजिश क तहत वोटरों के नाम काटने को फर्जी बताया है। स्थिति स्पष्ट करते हुए मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि कुछ राजनीतिक दलों द्वारा यह आरोप लगाया जा रहा था कि प्रदेश में लाखों वोटरों के नाम साजिश के तहत काटे जा रहे हैं। चुनाव आयोग ने इन सभी दावों को खारिज करते हुए फॉर्म 6 (नाम जोड़ने) और फॉर्म 7 (नाम काटने) के वास्तविक आंकड़े पेश किए हैं।
3 करोड़ से ज्यादा मतदाताओं को नोटिस
चुनाव अधिकारी ने बताया कि प्रदेश में कुल 3 करोड़ 26 लाख मतदाताओं को नोटिस भेजे गए हैं। इनमें से 1 करोड़ 4 लाख वे लोग हैं जिनकी वोटर लिस्ट में मैपिंग नहीं हुई थी, जबकि 2 करोड़ 22 लाख लोगों के डेटा में तार्किक विसंगतियां (लॉजिकल डिस्क्रिपेंसी) पाई गई थीं। आयोग ने स्पष्ट किया है कि यह नोटिस किसी का नाम काटने के लिए नहीं है, बल्कि रिकॉर्ड को दुरुस्त करने के लिए है।
अब तक 1 करोड़ 15 लाख मतदाताओं की सुनवाई पूरी कर ली गई है। सुनवाई की प्रक्रिया को बेहद आसान बनाया गया है। अब बीएलओ घर जाकर परिवार के किसी भी सदस्य को नोटिस दे सकते हैं और आधार कार्ड या पुराने रिकॉर्ड के आधार पर ऐप के जरिए ही डिटेल अपडेट कर रहे हैं।
फर्जी तरीके से नाम कटने के दावे गलत
विपक्षी दलों के आरोपों का जवाब देते हुए अधिकारी ने बताया कि 6 जनवरी से लेकर 16 फरवरी तक पूरे प्रदेश में केवल 47,684 फॉर्म 7 (नाम कटवाने के लिए) ऐसे आए हैं, जो किसी दूसरे व्यक्ति द्वारा भरे गए थे।
वास्तविकता यह है कि इन फॉर्म्स के आधार पर पूरे यूपी में सिर्फ 4,336 नाम ही काटे गए हैं। जो कुल 23,935 नाम कटे हैं, उनमें से ज्यादातर या तो वोटरों के शिफ्ट होने (माइग्रेशन) के कारण ऑटोमैटिक जनरेट हुए फॉर्म 7 से कटे हैं, या फिर वोटरों ने खुद अपना नाम कटवाया है। बाबागंज, प्रतापगढ़ और मैनपुरी जैसे क्षेत्रों में थोक में नाम काटे जाने के आरोप पूरी तरह से गलत पाए गए हैं।
महिलाओं और युवाओं ने बढ़-चढ़कर भरवाए फॉर्म 6
नई वोटर लिस्ट में नाम जुड़वाने के मामले में महिलाओं ने पुरुषों को पीछे छोड़ दिया है। 6 जनवरी से अब तक 54 लाख 40 हजार से ज्यादा फॉर्म 6 प्राप्त हुए हैं। इनमें 27 लाख 20 हजार महिलाओं के फॉर्म हैं, जबकि पुरुषों का आंकड़ा 27 लाख 19 हजार है।
चुनाव आयोग विशेष रूप से 18 से 29 साल के युवाओं पर फोकस कर रहा है। इस आयु वर्ग के 36 लाख 76 हजार से अधिक युवाओं ने वोटर लिस्ट में नाम जुड़वाने के लिए आवेदन किया है।
अधिकारियों को दिए गए सख्त निर्देश
सुनवाई के दौरान वोटरों को दूर न जाना पड़े, इसके लिए अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे 2 किलोमीटर के दायरे में ही गांव या बूथ पर जाकर सुनवाई करें। 27 मार्च तक इस पूरी प्रक्रिया को संपन्न करने का लक्ष्य रखा गया है।
