लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ स्थित प्रतिष्ठित किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) एक बार फिर सुर्खियों में है। संस्थान के पीडियाट्रिक्स विभाग (Pediatrics Department) में तैनात एक एडिशनल प्रोफेसर को तत्काल प्रभाव से निलंबित (Suspend) कर दिया गया है। उन पर विभाग की ही एक जूनियर रेजिडेंट डॉक्टर ने छेड़छाड़ और यौन उत्पीड़न (Sexual Harassment) का गंभीर आरोप लगाया था।
आंतरिक समिति की जांच में सही पाए गए आरोप
जानकारी के मुताबिक, पीड़ित महिला डॉक्टर ने कुछ समय पहले विभागाध्यक्ष और विश्वविद्यालय प्रशासन से प्रोफेसर की शिकायत की थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए केजीएमयू प्रशासन ने इसे आंतरिक शिकायत समिति (Internal Complaints Committee – ICC) को सौंपा था। समिति ने मामले की गहन जांच की और अपनी रिपोर्ट में आरोपों को प्रथम दृष्टया सही पाया। इसी रिपोर्ट के आधार पर केजीएमयू की कुलपति (VC) प्रो. सोनिया नित्यानंद ने यह सख्त कदम उठाया है।
कैंपस में प्रवेश पर रोक, प्रशासनिक भवन से अटैच
केजीएमयू के प्रवक्ता प्रो.केके सिंह ने बताया है कि निलंबन की अवधि के दौरान आरोपी एडिशनल प्रोफेसर को प्रशासनिक भवन से सम्बद्ध (Attach) कर दिया गया है। इसके साथ ही, जांच पूरी होने तक उनके पीडियाट्रिक्स विभाग में प्रवेश पर भी रोक लगा दी गई है, ताकि वे किसी भी तरह से जांच को प्रभावित न कर सकें या गवाहों पर दबाव न बना सकें।
डॉक्टरों में रोष, निष्पक्ष जांच की मांग
इस घटना के बाद से केजीएमयू के रेजिडेंट डॉक्टरों में काफी रोष है। मेडिकल जगत में गुरु-शिष्य की परंपरा को कलंकित करने वाली इस घटना ने संस्थान की छवि पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन ने भी मामले में निष्पक्ष और त्वरित कार्रवाई की मांग की थी, जिसके बाद प्रशासन ने यह फैसला लिया।

