KGMU की नई उड़ान: अब कनाडा की यूनिवर्सिटी के साथ मिलकर होगा रिसर्च, छात्रों और शिक्षकों को मिलेंगे ये बड़े फायदे

लखनऊ: किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (KGMU) ने चिकित्सा शिक्षा और शोध (Research) को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ले जाने के लिए एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। केजीएमयू प्रशासन ने अपनी वैश्विक पहुंच बढ़ाते हुए कनाडा की प्रतिष्ठित ‘यूनिवर्सिटी ऑफ मैनिटोबा’ (University of Manitoba) के साथ एक महत्वपूर्ण समझौता किया है।

गुरुवार को केजीएमयू के ब्राउन हॉल में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में इस करार (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए। इस मौके पर कुलपति डॉ. सोनिया नित्यानंद ने इसे संस्थान के लिए एक बड़ी उपलब्धि बताया।

छात्रों और शिक्षकों को मिलेंगे ग्लोबल मौके

इस समझौते का सबसे बड़ा फायदा केजीएमयू के छात्रों और फैकल्टी मेंबर्स को मिलेगा। कुलपति ने बताया कि इस साझेदारी से न केवल संस्थान की प्रतिष्ठा बढ़ेगी, बल्कि एकेडमिक और रिसर्च के क्षेत्र में नए दरवाजे भी खुलेंगे।

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रिसर्च और आधुनिक तकनीकों को मिलेगा बढ़ावा

कुलपति डॉ. सोनिया नित्यानंद ने भरोसा जताया कि यह पहल विश्वविद्यालय के अंतर्राष्ट्रीयकरण (Internationalization) की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी। उन्होंने कहा कि इस करार से उच्च गुणवत्ता वाले शोध को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही, केजीएमयू को नई तकनीकों और आधुनिक चिकित्सा पद्धतियों (Modern Medical Practices) से जुड़ने का सीधा अवसर प्राप्त होगा।

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केजीएमयू का लक्ष्य चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं में उत्कृष्टता (Excellence) हासिल करना है और यूनिवर्सिटी ऑफ मैनिटोबा के साथ हुआ यह समझौता उस दिशा में एक मजबूत कदम है।

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