लखनऊ: स्वस्थ प्रदेश ही समर्थ प्रदेश का निर्माण कर सकता है—इसी मूलमंत्र के साथ योगी सरकार ने बजट 2026-27 में स्वास्थ्य विभाग (Health Department) को संजीवनी दी है। पिछले साल के मुकाबले स्वास्थ्य बजट में करीब 18% की वृद्धि की गई है, जिससे ग्रामीण और शहरी स्वास्थ्य सेवाओं में बड़ा बदलाव आने की उम्मीद है।
मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार (Medical Infrastructure):
वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने बजट भाषण में घोषणा की कि ‘एक जिला, एक मेडिकल कॉलेज’ (One District One Medical College) योजना अब अपने अंतिम चरण में है।
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नए मेडिकल कॉलेज: प्रदेश के पिछड़े जिलों में पीपीपी (PPP Model) मॉडल पर 14 नए मेडिकल कॉलेज खोलने के लिए ₹2,100 करोड़ का बजट पास किया गया है।
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सुपर स्पेशलिटी ब्लॉक्स: लखनऊ के पीजीआई (SGPGI) और केजीएमयू (KGMU) में नए कैंसर और हार्ट विंग बनाए जाएंगे।
ट्रॉमा और इमरजेंसी सेवाएं:
सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों को कम करने के लिए सरकार ने हाईवे के किनारे स्थित अस्पतालों (CHCs/PHCs) को ‘लेवल-1 ट्रॉमा सेंटर’ में अपग्रेड करने का फैसला किया है। इसके लिए ₹500 करोड़ का विशेष प्रावधान है।
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डॉक्टरों और स्टाफ की भर्ती:
मेडिकल स्टाफ की कमी को दूर करने के लिए बजट में वेतन और मानदेय (Honorarium) के लिए अलग से फंड रखा गया है।
- आशा बहुओं (Asha Workers) और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के मानदेय में वृद्धि के संकेत दिए गए हैं।
- नर्सिंग और पैरामेडिकल स्टाफ की नई भर्तियों के लिए भी बजट में रास्ता साफ किया गया है।
आयुष्मान भारत और जन आरोग्य:
गरीबों को मुफ्त इलाज देने वाली ‘आयुष्मान भारत योजना’ (Ayushman Bharat) के तहत स्टेट शेयर (State Share) के रूप में ₹1,200 करोड़ दिए गए हैं, ताकि किसी भी गरीब का इलाज पैसे की कमी से न रुके।
