KGMU के क्वीन मैरी हॉस्पिटल में ऑब्स्टेट्रिकल क्रिटिकल केयर विषय पर सीएमई का आयोजन

Lucknow: किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (KGMU), लखनऊ के क्वीन मैरी हॉस्पिटल में शनिवार को “ऑब्स्टेट्रिकल क्रिटिकल केयर” विषय पर एक दिवसीय सीएमई (Continuing Medical Education) कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य प्रसूति से जुड़ी गंभीर चिकित्सकीय परिस्थितियों की समय रहते पहचान, समुचित प्रबंधन और मातृ मृत्यु दर में कमी लाने के लिए स्वास्थ्यकर्मियों को नवीनतम जानकारी और व्यावहारिक प्रशिक्षण उपलब्ध कराना था।
इस कार्यक्रम की संरक्षक प्रो. रेखा सचान थीं। डॉ. आर.एस. गंगवार ने आयोजन सचिव और डॉ. वंदना गौतम ने संयुक्त सचिव की भूमिका निभाई।

सीएमई के प्रमुख विषयों और वक्ताओं में शामिल थे:
प्रो. रेखा सचान (प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग): “ऑब्स्टेट्रिक्स में सेप्टिक शॉक” पर आधारित व्याख्यान, जिसमें जीवनरक्षक रणनीतियों और शीघ्र हस्तक्षेप पर बल दिया गया।
प्रो. एम.एल. पटेल (मेडिसिन विभाग): “गर्भावस्था में तीव्र गुर्दा क्षति (AKI)” विषय पर प्रस्तुतिकरण, जिसमें निदान और उपचार के आधुनिक दृष्टिकोण साझा किए गए।
प्रो. जिया अहमद (एनेस्थीसिया विभाग): “गर्भवती महिलाओं में मैकेनिकल वेंटिलेशन” की जटिलताओं और आवश्यक सावधानियों को समझाया।
डॉ. आर.एस. गंगवार: “ABG विश्लेषण” के तकनीकी पक्षों पर प्रकाश डाला, जो गहन मातृ देखभाल के लिए आवश्यक है।
डॉ. वंदना गौतम: “प्रसूति रक्तस्राव” के निदान, रोकथाम और त्वरित उपचार पर विशेष चर्चा की।
कार्यक्रम की खास बात व्यावहारिक सत्र थे, जिसमें डॉक्टरों ने लाइव डेमोंस्ट्रेशन द्वारा जटिल प्रक्रियाएं दिखाईं
डॉ. गंगवार ने गर्भवती महिला में CPR (पुनर्जीवन तकनीक) का प्रदर्शन किया। प्रसव पश्चात ब्लीडिंग और इंटुबेशन के प्रबंधन पर भी व्यावहारिक प्रशिक्षण सत्र हुए।
सीएमई में केजीएमयू के विभिन्न विभागों से आए फैकल्टी सदस्यों, स्नातकोत्तर छात्रों और रेजिडेंट डॉक्टरों ने बड़ी संख्या में भाग लिया। इस आयोजन ने अंतर्विभागीय सहयोग और मातृ आपात स्थितियों में समन्वित प्रबंधन के महत्व को रेखांकित किया।
आयोजन समिति ने सभी वक्ताओं, प्रतिभागियों और विभागों को उनके सक्रिय योगदान के लिए आभार व्यक्त किया और आशा जताई कि इस तरह के शैक्षिक आयोजन भविष्य में भी मातृ स्वास्थ्य की दिशा में सकारात्मक बदलाव लाते रहेंगे।
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