चार अप्रैल को दिल्ली में टेट अनिवार्यता के खिलाफ शिक्षक करेंगे प्रदर्शन

रायबरेली। बेसिक शिक्षा परिषद में वर्षों तक सेवा देने के बाद सेवानिवृत्त हुए शिक्षकों का सम्मान जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ की तरफ से 02 अप्रैल को चक अहमदपुर में भव्य आयोजन करके आयोजित किया जाएगा। इसके साथ टीएफआई के आह्वान पर टेट अनिवार्यता के विरोध में 4 अप्रैल को दिल्ली के रामलीला मैदान में आयोजित होने जा रहे धरने को सफल बनाने के संबंध में बैठक का आयोजन किया।
उत्तर प्रदेशीय जूनियर हाई स्कूल शिक्षक संघ के संयुक्त कार्य समिति की आवश्यक बैठक उच्च प्राथमिक विद्यालय चक अहमदपुर नगर क्षेत्र रायबरेली में जनपदीय संरक्षक समर बहादुर सिंह की अध्यक्षता में आयोजित की गई। जिलाध्यक्ष राघवेंद्र यादव ने कहा कि भव्य तरीके से इस वर्ष भी शिक्षकों का सम्मान किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सभी ब्लॉकों से सेवानिवृत्त होने जा रहे शिक्षकों की सूची मांगी गई है।
31 मार्च2026 को पूरे जिले में कुल 69 शिक्षक सेवा निवृत्त होने जा रहे शिक्षकों के देयकों के आवेदन पत्रावलियों के प्रेषण के संबंध में सभी ब्लॉक अध्यक्ष को जिम्मेदारी दी गई है। जिला कोषाध्यक्ष शिवशरण सिंह ने कहा कि जनपदीय कार्य समिति के चुनाव व त्रैवार्षिक अधिवेशन के संबंध में भी सभी से चर्चा की गई है।

जिला महामंत्री सियाराम सोनकर ने कहा कि टीएफआई के आह्वान पर टेट अनिवार्यता के विरोध में 4 अप्रैल को दिल्ली के रामलीला मैदान में धरना आयोजित किया जा रहा है। धरने कको सफल बनाने के संबंध में यहाँ से भारी संख्या में शिक्षकों के जाने की व्यवस्था की जा रही है। उन्होंने कहा कि संगठन टेट अनिवार्यता जैसी सरकार की दुरभिसन्धि के विरोध में आन्दोलन के साथ ही शिक्षकों के सम्मान व शिक्षक हितों के प्रति वचनबद्ध है। संगठन की इसकी आखिरी दम तक लड़ाई लड़ेगा।
बैठक में प्रमुख रूप से पन्नालाल,शांती अकेला, कुसुम चन्द्र, उमाशंकर चौधरी,संजय सिंह, रमेश सोनकर,सुरेश सिंह, विक्रमादित्य सिंह, सुनीता सिंह,सुनील यादव, साधना शर्मा,नीलम सिंह, शिवकुमार सिंह, मेराज अहमद,गौरव यादव, सूर्य प्रकाश गौतम, मंजूलता, सुरेन्द्र वर्मा, रूपेश शुक्ल, योगेंद्र यादव,उत्तम सोनी, राजेश यादव, संजीव श्रीवास्तव,सूर्यप्रकाश,गयामणि पाल, लालबहादुर यादव, हरिकेश यादव, उमेशचंद्र श्रीवास्तव, संदीप शुक्ल, शिवबहादुर, अजीत सिंह बचनेश मिश्र, राकेश पटेल, चन्द्र प्रकाश आदि पदाधिकारी उपस्थित रहे।




